बुधवार, 8 जुलाई 2026

MVDA के अफसर का दुस्साहस: भाजपा पार्षद के सील गेस्ट हाउस में कमरा लेने के लिए बनाया दबाव, पार्षद ने की शिकायत


 मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) के अफसरों का दुस्‍साहस किस कदर बढ़ चुका है, इसका एक उदाहरण आज तब फिर देखने को मिला जब नगर निगम मथुरा-वृंदावन के भाजपा पार्षद राधाकृष्‍ण पाठक को इसे लेकर बाकायदा उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण को लिखित शिकायत देनी पड़ी। 

गौरतलब है कि गत दिनों लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में एक अभियान चलाकर ऐसे होटल, गेस्ट हाउस आदि को सील करने की कार्रवाई की गई जो संचालन के लिए जरूरी नियमों पर खरे नहीं उतरते थे। 
वृंदावन में भी ऐसे कई होटल तथा गेस्ट हाउस सील किए गए जिनमें से एक वृंदावन के रुक्मणि विहार सेक्‍टर-2 स्‍थित वृंदावन बालाजी सेवा सदन भी शामिल था। यह गेस्ट हाउस वार्ड 67 से निगम के पार्षद राधाकृष्‍ण पाठक का है। 
पार्षद और गेस्ट हाउस के मालिक राधाकृष्ण पाठक द्वारा की गई शिकायत के अनुसार उनके उक्त सील गेस्ट हाउस पर 28 जून की सुबह 7 बजे MVDA के सहायक अभियंता सुमित मौर्य अपनी सरकारी गाड़ी तथा चालक के साथ जा धमके और वहां मौजूद प्रबंधक अमर सिंह को जगाकर कमरा देने के लिए कहा। 
प्रबंधक द्वारा यह कहे जाने पर कि गेस्‍ट हाउस तो प्राधिकरण ने ही सील कर रखा है तो फिर में कमरा कैसे खोल सकता हूं, सहायक अभियंता सुमित मौर्य बोले कि मैं तुम्हें 2 हजार रुपए दूंगा। कमरा तुम दे दो। रही बात सील लगने की तो वह सब मैं देख लूंगा, उसकी चिंता तुम मत करो। 
पार्षद राधाकृष्‍ण पाठक ने अपने शिकायती पत्र के साथ गेस्‍ट हाउस के सीसीटीवी फुटेज भी पेश किए हैं जिसमें सहायक अभियंता अपने चालक के साथ मौजूद दिखाई दे रहे हैं। 
इस संबंध में विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने भाजपा पार्षद द्वारा दिए गए शिकायती पत्र की पुष्‍टि की, किंतु कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी। 
दूसरी ओर सहायक अभियंता सुमित मौर्य ने भी भाजपा पार्षद के गेस्ट हाउस पर जाना तो स्वीकार किया किंतु कहा कि हम जांच-पड़ताल के लिए गए थे। 
ऐसे में एक सामान्य सा सवाल यह खड़ा होता है कि मौर्य साहब सुबह 7 बजे किस तरह की जांच-पड़ताल को गए थे, और यदि गए थे तो फिर उसकी कोई जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं दी। 
बहरहाल, बताया जाता है कि मामला एक सत्ताधारी दल के पार्षद से जुड़ा होने के कारण उन्हें खुश करने के लिए प्राधिकरण ने ये किया कि तत्काल प्रभाव से उनके गेस्ट हाउस की सील खोल दी जिससे पार्षद राधाकृष्‍ण इस मामले को ज्यादा तूल न दें। 
सील खोले जाने की भी पुष्टि विकास प्राघिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह ने की है परंतु उनके अनुसार सील इसलिए खोली गई कि उन्‍होंने इस संबंध में दाखिल जवाब से प्राधिकरण को संतुष्ट कर दिया था। प्राधिकरण ने सील किए गए सभी होटल और गेस्ट हाउस मालिकों को इसके लिए 15 दिन का समय दिया था। 
सचिव विकास प्राधिकरण जो भी कहें किंतु इतना तो सिद्ध होता ही है कि सहायक अभियंता सुबह 7 बजे किसी नेक नीयत से नहीं गए थे। बल्कि उनका मकसद चिर-परिचित हथकंडों को अपना कर वही सब कार्य करना रहा होगा जिसके लिए समूचा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण बदनाम है और जिसकी गूंज इन दिनों सीएम कार्यालय के साथ-साथ उच्च न्यायालय तक में सुनाई दे रही है। 
-Legend News 

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