भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजन बेहद नाराज़
हैं क्योंकि प्रशासन मृतकों के शवों को ले जाने के लिए एबुंलेंस तक
मुहैय्या नहीं करा रहा है.
इलाहाबाद के स्वरुप रानी मेडिकल कॉलेज में मृतकों के परिजन आए हुए हैं और पोस्टमार्टम के बाद शवों को ले जा रहे हैं.
परिजन खुद ही कफन लेकर आए हैं और गाड़ियों की व्यवस्था भी खुद ही कर रहे हैं. लोगों में इस बात को लेकर बहुत गुस्सा है.
अभी तक कोई आला अधिकारी भगदड़ की घटना के बाद इलाहाबाद नहीं पहुंचा है. इतना ही नहीं, सरकार को कोई मंत्री भी यहां नहीं आया है.
कुंभ मेला आयुक्त देवेश चतुर्वेदी जब अस्पताल में पहुंचे तो लोगों ने उनके खिलाफ़ नारेबाज़ी की और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया.
हालात ये हैं कि पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के परिजन शवों को लेकर बैठे हुए हैं कि उन्हें कोई गाड़ी मिले ताकि वो अंतिम संस्कार के लिए लाश ले जा सकें.
इलाहाबाद के स्वरुप रानी मेडिकल कॉलेज में मृतकों के परिजन आए हुए हैं और पोस्टमार्टम के बाद शवों को ले जा रहे हैं.
परिजन खुद ही कफन लेकर आए हैं और गाड़ियों की व्यवस्था भी खुद ही कर रहे हैं. लोगों में इस बात को लेकर बहुत गुस्सा है.
अभी तक कोई आला अधिकारी भगदड़ की घटना के बाद इलाहाबाद नहीं पहुंचा है. इतना ही नहीं, सरकार को कोई मंत्री भी यहां नहीं आया है.
कुंभ मेला आयुक्त देवेश चतुर्वेदी जब अस्पताल में पहुंचे तो लोगों ने उनके खिलाफ़ नारेबाज़ी की और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया.
हालात ये हैं कि पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के परिजन शवों को लेकर बैठे हुए हैं कि उन्हें कोई गाड़ी मिले ताकि वो अंतिम संस्कार के लिए लाश ले जा सकें.