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शुक्रवार, 23 अगस्त 2019

गोवर्धन के मामले में NGT का सख्‍त रवैया बरकरार: DM और SSP को दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्‍त करने के निर्देश, सीएम के सचिव व मंडलायुक्‍त से जवाब तलब

मथुरा। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की अव्यवस्थाओं को लेकर आज हुई सुनवाई के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मथुरा के प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी से पूर्व संपूर्ण व्‍यवस्‍थाएं दुरुस्‍त कराने का आदेश दिया है।
कोर्ट कमिश्नर के अनुसार गिरिराज परिक्रमा मार्ग में अतिक्रमण पर भी न्यायालय ने जिलाधिकारी मथुरा को कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में व्याप्त भयंकर गंदगी सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो जाने को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मथुरा सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी मथुरा शलभ माथुर और एसडीएम गोवर्धन नागेन्‍द्र कुमार सिंह को आज की सुनवाई के लिए तलब किया था।
गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका पर आज की सुनवाई के दौरान NGT की पीठ के न्यायाधीश रघुवेन्द्र सिंह राठौड़ व सत्यवान सिंह गब्र्याल ने मथुरा जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र से कहा, कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट से साफ जाहिर है कि मुड़िया पुर्णिमा मेले में साफ सफाई की व्यवस्था सब ज्यादा खराब थी।
न्यायालय में याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास, सत्य प्रकाश मंगल की और से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता व पर्यावरण विद एम सी मेहता और सार्थक चतुर्वेदी सहित कात्यायनी ने पीठ को बताया कि कल रात तक भी साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्‍होंने ठीक एक दिन पुराने छाया चित्र दिखाकर न्यायालय को अवगत कराया कि परिक्रमा मार्ग में साफ-सफाई की अब तक कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है।
इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आंनद ने कहा कि सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिये भंडारे व डी जे बंद करवा दिए गए हैं। पिंकी आंनद की इस सफाई पर न्यायालय ने उन्‍हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह जिला अधिकारी को बचाने का प्रयास ना करें। न्‍यायालय ने वहीं मौजूद डीपीआरओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए, आप ही की वजह से सब व्यवस्था खराब हुई है, जिसे कि जिला अधिकारी भी बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
न्यायालय ने एसडीएम गोवर्धन नागेन्‍द्र कुमार सिंह को भी कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि भंडारे की परमीशन किस प्रावधान के अंतर्गत दी जा रही है और उनको देते वक्त किन-किन नियमों एवं शर्तों का ध्यान रखा गया है। कोर्ट ने एसडीएम से जब यह पूछा कि पिछली बार कितने भंडारे लगे थे, उनकी सूची है तो वह ऐसी कोई सूची उपलब्‍ध नहीं करा सके। सूची रजिस्टर ना लाने के लिए भी कोर्ट ने एसडीएम को कड़ी फटकार लगाते हुए अगली तारीख पर सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने का आदेश दिया।
इसके अलावा न्यायालय ने जिलाधिकारी मथुरा को दो दिन के अंदर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा है तथा कृष्‍ण जन्म अष्टमी से पूर्व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट कमिश्नर द्वारा दी गई जानकारी के बाद कोर्ट ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी मथुरा को कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए।
इसी के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को न्यायालय ने त्योहार से पूर्व ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की सख्त हिदायत दी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने न्यायालय को अवगत कराया कि गोवर्धन के एक पत्रकार को वहां के एक पुलिस अधिकारी द्वारा इस बात पर धमकाने का प्रयास किया गया कि वो NGT की बहुत खबर लिख रहा है, इस पर न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि इस तरह की घटना सामने नहीं आनी चाहिए नहीं तो हम कड़ी कार्यवाही करेंगे। न्यायालय ने मामले की अगली तारीख 28 अगस्त तय की है ।
-Legend News

गोवर्धन की दुर्दशा पर NGT सख्‍त: कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी से पहले तलब किए डीएम, एसएसपी और एसडीएम

गोवर्धन (मथुरा)। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में व्याप्त भयंकर गंदगी सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो जाने को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मथुरा सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी मथुरा शलभ माथुर और एसडीएम गोवर्धन नागेन्‍द्र कुमार सिंह को अगली सुनवाई 19 अगस्‍त पर कोर्ट में तलब किया है।
दरअसल, गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण संस्थान से जुड़े मामले की आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में तत्काल सुनवाई की गई क्‍योंकि NGT को गोवर्धन की दुर्दशा से प्रसिद्ध पर्यावरणविद और इसी मामले से पूर्व में जुड़े एम सी मेहता ने ई मेल के जरिए अवगत कराया था।
पर्यावरणविद मेहता और इस मामले को देख रहे अधिवक्‍ता सार्थक चतुर्वेदी ने NGT को मथुरा के मीडिया द्वारा की गई समय-समय पर गोवर्धन की बदहाली संबंधी उस रिपोर्टिंग से भी अवगत कराया जिससे जाहिर होता था कि जिला प्रशासन किस कदर इस मामले में लापरवाही बरतते हुए कोर्ट के आदेश-निर्देशों की खुली अवहेलना कर रहा है। गोवर्धन में सभी व्‍यवस्‍थाएं ध्‍वस्‍त हो चुकी हैं जिससे कि वहां के पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
उल्‍लेखनीय है कि पूर्व में इस मामले को पर्यावरणविद एम सी मेहता ही देख रहे थे।
पर्यावरणविद एम सी मेहता की तरफ से मौजूद महक रस्तोगी ने न्यायालय को अवगत कराया, क्योंकि एम सी मेहता न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके इसलिए उन्होंने ई मेल द्वारा इस मामले से जुड़ी ताजा जानकारी न्यायालय को भेजी है तथा न्यायालय से अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग भी की है ।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता पिंकी आनंद को जब याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास व सत्य प्रकाश मंगल के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने सभी प्रमुख अखबारों की प्रति और अन्‍य मीडिया में प्रसारित खबरों की जानकारी दी तो अधिवक्ता पिंकी आनंद ने कोर्ट से कहा कि मीडिया में तो कुछ भी आ जाता है।
अधिवक्ता पिंकी आनंद की इस दलील पर न्यायाधीश राघवेन्द्र सिंह राठौर ने उन्‍हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि फिर क्यों ना वहां की स्थिति आप खुद जाकर देखें। न्यायालय ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा, चूंकि 23 तारीख की जन्माष्टमी है और गोवर्धन में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है इसलिये जिला अधिकारी मथुरा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा व एसडीम गोवर्धन को 19 अगस्त के लिये तलब किया जाता है। मामले की अगली सुनवाई अब 19 अगस्त को होगी।
-Legend News
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