उत्तराखण्ड भयंकर विभीषिका से जूझ रहा है। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से
सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों के मारे जाने की आशंका जताई जा
रही है।
इसे उत्तराखण्ड के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी बताया जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इसे हिमालयी सुनामी करार दिया है लेकिन वह बाढ़ में फंसे हजारों लोगों को भगवान भरोसे छोड़कर विदेश दौरे पर जाने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं।
बहुगुणा जब गुरूवार को राहत कार्यो का जायजा लेने जोशीमठ पहुंचे तो नाराज लोगों ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने बहुगुणा के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। बहुगुणा ने लोगों को पूरी मदद का भरोसा दिलाया और अपने हेलीकॉप्टर में बैठ कर रवाना हो गए।
एक समाचार पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री अपनी पत्नी और कुछ अधिकारियों के साथ अगले हफ्ते स्विट्जरलैण्ड जा सकते हैं।
इसे उत्तराखण्ड के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी बताया जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इसे हिमालयी सुनामी करार दिया है लेकिन वह बाढ़ में फंसे हजारों लोगों को भगवान भरोसे छोड़कर विदेश दौरे पर जाने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं।
बहुगुणा जब गुरूवार को राहत कार्यो का जायजा लेने जोशीमठ पहुंचे तो नाराज लोगों ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने बहुगुणा के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। बहुगुणा ने लोगों को पूरी मदद का भरोसा दिलाया और अपने हेलीकॉप्टर में बैठ कर रवाना हो गए।
एक समाचार पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री अपनी पत्नी और कुछ अधिकारियों के साथ अगले हफ्ते स्विट्जरलैण्ड जा सकते हैं।