ब्राजील में अगले साल फुटबॉल वर्ल्ड कप का आयोजन होना है। 12 जून से 13
जुलाई तक आयोजित होने वाले विश्वकप के दौरान स्थानीय अधिकारियों को चाइल्ड
प्रॉस्टीट्यूशन की चिंता सता रही है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक,
वर्ल्ड कप के दौरान देश-विदेश से लाखों लोग इस आयोजन में हिस्सा लेंगे।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते
हुए सेक्स वर्कर्स ने अभी से बड़े शहरों में पहुंचना शुरू कर दिया है। इतना
ही नहीं, कम उम्र की लड़कियों को भी इस सेक्स रैकेट में शामिल किया जा
रहा है। इसके अलावा अश्लील पार्टियों के लिए भी वेन्यू तैयार किए जा रहे
हैं।
ब्राजील के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि उसे वर्ल्ड कप आयोजन के दौरान
मुख्य शहरों में जिस्मफरोशी के मामले बढ़ने की चिंता सता रही है। आयोग इस
संबंध में राज्य और केंद्र सरकार के साथ मिलकर कदम उठा रहे हैं ताकि इस
गंभीर समस्या का हल निकाला जा सके।
मानवाधिकार आयोग के मुताबिक ब्राजील में बाल वेश्यावृत्ति, पिछले कुछ साल
में तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार, ऐसे मामलों में 75 फीसदी से
ज्यादा क्लाइंट्स पीड़ित के ही इलाके के होते हैं। विश्वकप के दौरान चाइल्ड
प्रॉस्टीट्यूशन को रोकना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है।
ब्राजील के सबसे बड़े राज्य में वेश्याओं का प्रतिनिधित्व करने वाली
संस्था 'द मिनाज गेरेस स्टेट एसोसिएशन ऑफ प्रॉस्टीट्यूट्स' की ओर से
विश्वकप के होस्ट सिटी बेलो हॉरीजोंटे में सेक्स वर्कर्स को अंग्रेजी सीखने
की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे विदेशी कस्टमर्स के साथ डील कर सकें।
इसी शहर में फोर्टालेजा कास्टेलाओ स्टेडियम के नजदीक काम करने वाली 19
वर्षीय गियोवाना कहता हैं, "वर्ल्ड कप के दौरान यहां बड़ी संख्या में
विदेशी टूरिस्ट आएंगे। ऐसे में देह व्यापार बढ़ेगा। मुझे मालूम है कि उस
दौरान सभी के लिए काफी काम होगा।"
ब्राजीलियन टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, विश्वकप के दौरान 600,000 विदेशी
पर्यटकों के आने की संभावना है। वो देशभर में घूमने के दौरान 25 बिलियन
रियाज खर्च करेंगे। विदेशी पर्यटकों के आने से ब्राजीलियन सरकारी खजाने में
113 बिलियन की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
ब्राजील सरकार विश्वकप की तैयारियों के तहत 33 बिलियन रियाज स्टेडियम्स,
ट्रांसपोर्ट और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर्स पर खर्च करेगी। इसके अलावा 10
मिलियन डॉलर विज्ञापनों पर भी खर्च किए जाएंगे।
एक ओर जहां स्थानीय सरकार चाइल्ड प्रॉस्टिट्यूशन को जड़ से उखाड़ने की
कोशिश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर साल 2012 तक वेश्यावृत्ति करने वाले
बच्चों की संख्या तकरीबन 5 लाख पहुंच चुकी है। यह जानकारी एक गैर सरकारी
संस्था 'नेशनल फोरम फॉर द प्रिवेंशन ऑफ चाइल्ड लेबर' ने दी है। यूनिसेफ के
आंकड़ों के मुताबिक साल 2001 में वेश्यावृत्ति करने वाले नाबालिगों की
संख्या 100,000 थी।
गौरतलब है कि पूरे ब्राजील में बड़े पैमाने पर वेश्यावृत्ति की जा रही है
लेकिन साल के 300 दिन टूरिस्ट की पहली पसंद रहने वाले फोर्टालेजा में यह
गंभीर समस्या बन चुका है। अत्यधिक गरीबी और नशा यहां देह व्यापार का मुख्य
कारण माना जाता है।
बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली चैरिटी संस्था सेडेका के सेसिला
डोस सेंटोस गोइस ने बताया कि पूरे ब्राजील में गरीबी के कारण पिता अपनी
बेटियों को जिस्मफरोशी करने पर मजबूर करते हैं। ब्राजील में यह आम हो चुका
है।
-एजेंसी