शनिवार, 22 मार्च 2014

करोड़पति जनसेवकों के पास कहां से आया इतना पैसा?


1.  मीनाक्षी लेखी भी हैं 34 करोड़ की मालकिन

नई दिल्ली लोकसभा सभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी एवं पार्टी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने शुक्रवार को नामांकन के दौरान दायर हलफनामे में अपनी कुल चल-अचल संपत्ति 34 करोड़ रुपए बतायी है. यह लेखी, उनके पति और दोनों बच्चों की संयुक्त संपत्ति है. लेखी के पास 1,170 ग्राम सोने के गहने हैं जिनकी कीमत 32 लाख रुपये है जबकि 390 ग्राम पोल्की है जिनका मूल्य 13 लाख रुपए है.
लेखी और उनके पति सात करोड़ रुपये की चल संपत्ति के जबकि 27.9 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति के मालिक हैं. लेखी के पति पर 32 लाख रुपए की देनदारी भी है.

2.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र व महरौली से विधायक प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया है कि उनके पास कुल 10.72 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है. उनके पास 75 लाख रुपये कीमत की कृषि भूमि है जबकि उनकी पत्नी 3.50 करोड़ रुपये कीमत की कृषि भूमि की मालिक हैं. इसके अलावा दोनों पति पत्नी के नाम कुछ और भी अचल संपत्ति है.

3. 'आप' की शाजिया भी हैं खास: करोड़पति तो हैं हीं, 3 मुकद्दमे भी हैं

गाजियाबाद से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार शाजिया इल्मी मलिक ने शुक्रवार को नामांकन के दौरान निर्वाचन अधिकारी को जानकारी दी कि वह ग्रेटर कैलाश की रहने वाली है। वर्ष 2012-13 में उनकी आय 2 लाख 82 हजार 750 रुपए की है जबकि उनके पति साजिद मलिक की आय 2012-13 में 88 लाख 13 हजार 20 रुपए की है।
साथ ही उन्होंने निर्वाचन अधिकारी को बताया कि वह दो करोड़ 67 लाख 24702 की मालिकन हैं जबकि उनके पति 13 करोड़ 32 लाख 68 हजार 830 रुपए की संपत्ति है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 में जर्नालिस्ट कोर्स तथा मास्टर इन मास कम्युनिकेशन दिल्ली से की है। शाजिया इल्मी मलिक पर भी तीन मुकदमें दर्ज है।
भाजपा उम्मीदवार जनरल वीके सिंह की 2012-13 में 54 लाख रुपए की आय है। उनकी अचल चल सम्पत्ति की कीमत 1 करोड़ 84 लाख 6 हजार 53 रुपए है जबकि उनकी पत्नी की सम्पत्ति 29 लाख 50 हजार 51 रुपए है। वीके सिंह पर तीन मुकदमें चल रहे हैं।
सिंह ने कहा कि फौजी किसी धर्म व जाति का नहीं होता वह गाजियाबाद की जनता की सेवा करने के लिए व समस्याओं को दूर करने के लिए गाजियाबाद आए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी 40 दिन में ही सरकार छोड़ भाग जाए वह क्या विकास कर सकेगी।
शाजिया इन दिनों प्रचार में लगी हैं और अपने नए अवतार के साथ वो घर-घर जाकर मिल रही हैं। शाजिया शुक्रवार को चुन्नी ओड़कर गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर में मत्था टेकने पहुंची। उन्होंने यहां शिवलिंग पर दूध चढ़ाया और पूजा अर्चना कर संकल्प भी लिया। जिसके बाद आप समर्थकों के साथ उन्होंने मंदिर में दर्शन किए। मंदिर के महंत ने पूरी श्रद्धा से पूजा अर्चना करने पर शाजिया को जीत का आशीर्वाद भी दिया।
हालांकि इस दौरान उनके मंदिर में पूजा अर्चना करने को लेकर कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन मंदिर के महंत नारायण गिरी ने लोगों को यह कहकर शांत कराया कि मंदिर में सबको आने की छूट है।
शाजिया की कांग्रेस के राज बब्बर, आप की शाजिया और भाजपा वीके सिंह के बीच की जंग काफी रोचक होगी। क्योंकि, तीनों ही तीन अलग-अलग क्षेत्रों के हैं।
 
4. 
आप के प्रत्‍याशी और पूर्व पत्रकार आशुतोष ने घोषित की 8 करोड़ की संपत्‍ति



700 करोड़ के हवाला कारोबार का खुलासा

सूरत। 
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 700 करोड़ रुपये के लेने-देन वाले हवाला रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है. सूरत के एक हीरा व्यापारी के ऑफिसों की जांच के दौरान ईडी के अधिकारियों को इसके बारे में पता चला. उन्होंने अफरोज फाटा और मदनलाल जैन को हिरासत में लिया है.
निदेशालय के अधिकारी ने बताया, 'इन दोनों व्यापारियों ने कंपनी रजिस्ट्रार के पास दो या तीन हीरा व्यापार कंपनियां पंजीकृत करायी हुई हैं. उसके बाद उन्होंने दिसंबर 2013 में सूरत में तीन बैंक खाते खोले. अधिकारी ने बताया कि हीरा आयात किए बगैर वह फर्जी आयात बिल बनाते थे और उनका इस्तेमाल कर विदेशों में धन भेजते थे.
इस तरह से हीरे के आयात के बगैर धन भारत से बाहर जा रहा था. उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन महीने के भीतर 700 करोड़ रुपये बाहर भेजे हैं. इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.
-एजेंसी

प्‍लास्‍टिक का शहीद सम्‍मान पदक और दंतेवाड़ा

बिंजाम। 
बिंजाम गाँव में उदासी छाई हुई है. यहाँ एक बार फिर मातम का माहौल है. किसी ने यहाँ के रहने वालों के ज़ख़्मों को फिर से हरा कर दिया है. इससे पहले वर्ष 2011 की नौ जून को यहाँ मातम तब पसरा था जब इसी गाँव के तीन नौजवान दंतेवाड़ा के कटेकल्याण के इलाक़े में हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट में मारे गए थे.
घटना में कुल दस जवान मारे गए थे जिनमें से तीन विशेष पुलिस अधिकारी- योगेश मडियामी, बख्शु ओयामी और चमनलाल बिंजाम के ही थे जबकि बाक़ी के छत्तीसगढ़ के दूसरे इलाक़ों से थे.
अगले साल, यानि 2006 में 26 जनवरी के दिन दंतेवाड़ा के कारली स्थित पुलिस लाइन में एक समारोह आयोजित कर मारे गए विशेष पुलिस अधिकारियों को सम्मान दिया गया. बस्तर की तत्कालीन प्रभारी मंत्री ने मारे गए जवानों के परिजनों को मैडल भी दिए.
मगर जवानों के परिवारों को झटका तब लगा जब सम्मान में दिए गए मैडलों का रंग उतरने लगा. पता चला कि यह सभी मैडल प्लास्टिक के हैं.
योगेश मडियामी के पिता रूपाराम मडियामी के लिए सम्मान का पदक दरअसल अब अपमान का पदक बन गया है. गाँव में बनी उनकी झोपड़ी की दीवार से टंगे-टंगे जैसे अब यह पदक उन्हें चिढ़ा रहा है.
दंतेवाड़ा से 12 किलोमीटर दूर अपने गाँव में जब बीबीसी से उनकी मुलाक़ात हुई तो वो काफ़ी आहत नज़र आए.
कहने लगे, "मंत्री लता उसेंडी ने पदक देते वक़्त हमसे कहा था कि यह सोने का है और इसे संभाल कर रखना. सोना क्या रहेगा, यह तो लोहे का भी नहीं है. अब पता चल रहा है कि यह तो प्लास्टिक का है. यह हमारे परिवार का सम्मान नहीं, बल्कि अपमान है."
नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मारे जाने वाले सुरक्षा बल के जवानों को सरकार की तरफ़ से मुआवज़ा दिया जाता है. मगर योगेश और उनके साथ मारे गए जवान छत्तीसगढ़ पुलिस बल के सदस्य नहीं थे बल्कि वह विशेष पुलिस अधिकारी थे. इसलिए उन्हें मुआवज़े की रक़म भी कम मिली.
जिस तरह से मुआवज़े की रक़म दी गई वह भी कम अपमानजनक नहीं था. रूपाराम बताते हैं कि सबसे पहले उन्हें बेटे के दाह-संस्कार के लिए एक लाख रुपये दिए गए थे. फिर तीन महीने बाद उन्हें पांच लाख रुपये और मिले. कुछ ही दिनों बाद उनसे एक लाख रुपये वापस लौटाने को कहा गया.
सरकार की नीति के अनुसार, नक्सल विरोधी अभियान में मारे गए सुरक्षा बल के जवानों के परिजनों को अनुकम्पा के आधार पर स्थायी सरकारी नौकरी और मकान भी दिया जाता है.
बिंजाम के मारे गए विशेष पुलिस अधिकारियों के आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी तो दी गई, मगर दैनिक वेतन भोगी की.
योगेश की बहन प्रभा को दंतेवाड़ा के कन्या छात्रावास में दैनिक वेतन भोगी चपरासी की नौकरी मिली. बख्शु ओयामी के भाई पन्द्रू ओयामी के भाई को बालक छात्रावास में रसोइये की नौकरी मिली जो अस्थाई है. इसी तरह चमनलाल की पत्नी को भी चपरासी की अस्थाई नौकरी दी गई.
मैडलों पर से रंग उतरता देख, मारे गए विशेष पुलिस अधिकारियों के परिवारों के चेहरे एक बार फिर बोझिल होने लगे हैं.
योगेश की माँ आमवारी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे. वह अब बात करने की स्थिति में नहीं हैं. दो साल पहले के उनके ज़ख़्म एक बार फिर हरे हो गए हैं.
बस्तर के प्रभारी छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार कश्यप ने बीबीसी से बात करते हुए घटना पर आश्चर्य ज़ाहिर किया और कहा कि वह पूरे मामले की जांच करवाएंगे.
वह कहते हैं, "ये एक गंभीर मामला है. हम सुनिश्चित करेंगे कि जिन पुलिस के जवानों ने अपनी जान देकर इलाक़े में शांति स्थापित करने के लिए क़ुर्बानी दी है, उन्हें पूरा सम्मान मिले."
एक मंत्री के दिए ज़ख्मों और दूसरे मंत्री के मरहम के बीच अब छत्तीसगढ़ में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि नक्सल विरोधी अभियान में इतनी राशि के आवंटन के बावजूद मारे गए जवानों के परिजनों को रुसवाई क्यों उठानी पड़ रही है.
-सलमान रावी

गुरुवार, 20 मार्च 2014

फिक्सिंग: विंदु-मयप्पन के वॉयस सैंपल मैच

आईपीएल मैच फिक्सिंग मामले में एक बार फिर से गुरुनाथ मयप्पन और विंदू दारा सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फॉरेन्सिक जांच में सामने आया है कि बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन के दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स से जुड़े रहे गुरुनाथ मयप्पन और बुकी विंदू दारा की आवाज बातचीत के टेप से मेल खाती है।
वहीं फॉरेन्सिक टीम ने अपनी रिपोर्ट मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम को सौंप दी है। आवाज मेल खाने के बाद दोनों के खिलाफ केस मजबूत हो गया है, और माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट इस बात का पुख्ता सबूत हो सकती है कि मयप्पन ने टीम की अंदरूनी जानकारियां लीक कीं। अधिकारियों के पास टेलीफोन पर हुई इस बातचीत की ट्रांसस्क्रिप्ट है।
गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में क्राइम ब्रांच ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें मयप्पन और विंदू समेत 22 लोगों को आरोपी बनाया गया था। पाकिस्तानी अंपायर असद रउफ भी इस मामले में आरोपी हैं। इससे पहले बचाव पक्ष के वकील कोर्ट में यही दलील पेश कर रहे थे कि कथित आवाज उनके मयप्पन और विंदू की नहीं है। गौरतलब है कि गुरुनाथ मयप्पन पवन जयपुर, संजय जयपुर और चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर जैसे कई बुकीज के संपर्क में थे। 

शुक्रवार, 14 मार्च 2014

CBI की साइट हैक कर नौकरियां निकालीं

नई दिल्‍ली। 
सीबीआई की वेबसाइट हैक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैकरों ने इस वेबसाइट पर इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर रैंक के अलावा अन्य रैंक की 9870 पोस्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा। हर पोस्ट के लिए एक निर्धारित फीस भी रखी हुई थी। हैकरों ने फीस जमा करने के लिए आईडीबीआई बैंक का अकाउंट नंबर दिया हुआ था। इन सभी पोस्टों पर आवेदन करने की लास्ट डेट 31 मार्च रखी थी। सीबीआई को जब वेबसाइट हैक की जानकारी मिली तो इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हैकरों ने सीबीआई की वेबसाइट हैक करने के बाद उस ऊपर अलग-अलग पोस्टों पर भर्ती का विज्ञापन डाउनलोड कर दिया। विज्ञापन में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल, फाइनैंशल एडवाइजर, फोटोग्राफर, कुक, धोबी और टेलर आदि की पोस्टें शामिल हैं। हैकरों ने हजारों लोगों को चूना लगाने की फुलप्रूफ तैयारी की हुई थी। सभी पोस्टों के लिए एक निर्धारित फीस तय की गई थी। सीबीआई में हॉयर रैंक पर स्टाफ सलेक्शन बोर्ड भर्ती करता है।
इंस्पेक्टर की 1905 पोस्ट पर आवेदन करने वाले आवेदक को 1550 रुपए की फीस जमा करानी थी। एसआई की 1419 पोस्टों के लिए 1250 रुपए, हेड कॉन्स्टेबल की 1269 पोस्ट के लिए 850 रुपए, सिपाही की 1703 पोस्ट के लिए 550 रुपये फाइनैंशल सलाहकार की 950 पोस्ट के लिए 1250 रुपए, एएसआई की एक हजार से ज्यादा पोस्ट के लिए 850 रुपए की फीस रखी गई थी। अन्य सभी पोस्टों के लिए 250 रुपए से लेकर 450 रुपए की फीस रखी गई थी।
हैकरों ने इन पोस्टों पर भर्ती की प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा था। पहले चरण में उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट आदि की जांच होनी थी। दूसरे राउंड में अलग-अलग पोस्ट पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू, स्किल टेस्ट, उम्मीदवारों का मेडिकल और फिजिकल टेस्ट आदि होना था। वेबसाइट पर दिए गए विज्ञापन को देखकर कोई भी धोखा खा सकता था। सीबीआई को जब अपनी वेबसाइट हैक होने के बारे में पता चला तो सीबीआई ने धोखाधड़ी के आपराधिक षड्यंत्र के अलावा आईटी एक्ट की धारा-66डी के तहत मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन अभी तक सीबीआई हैकरों का पता नहीं लगा पाई।
-एजेंसी

मंगलवार, 11 मार्च 2014

ब्रिटेन को भारतीय डाटा उपलब्‍ध करा रहा है वोडाफोन

नई दिल्ली। 
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निजी मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनी वोडाफोन पर आरोप लगाए हैं कि वह खुफिया तौर पर ब्रिटेन की गुप्तचर एजेंसी को देश के मोबाइल उपभोक्ताओ की सूचनाएं साझा कर रही है। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग के दस्तावेज के मुताबिक, वोडाफोन ने कथित तौर पर ब्रिटेन स्थित गवर्नमेंट क्मयुनिकेशन हेडक्वार्टर्ज (जीसीएचक्यू) को नदियों के नीचे बिछे अपने केबल्स की असीमित खुफिया जानकारियां उपलब्ध करवाई हैं। इन केबल्स के जरिए दुनियाभर की ज्यादातर फोन कॉल्स और इंटरनेट का संचार होता है।
गृह मंत्रालय के दस्तावेज के मुताबिक, जीसीएचक्यू ने पिछले पांच साल मे अटलांटिक के पार ब्रिटेन तक बिछे केबल्स में खुफिया उपकरण लगाकर लोगों की गुप्तचर जानकारियां हासिल की। दस्तावेज में कहा गया है कि ऐसे काम में मदद करने वाले सहयोगी को ब्रिटेन पैसा दे रहा था।
मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि वोडाफोन और अमरीका स्थित वेरीजाने कंपनी ब्रिटेन की जीसीएचक्यू के साथ चोरी छिपे मिलकर उपभोक्ताओं के फोन कॉल्स, ईमेल और अन्य संचार माध्यमों का आदान-प्रदान करते हैं।
वोडाफोन से मंत्रालय के आरोपों के बारे में पूछा गया तो कंपनी ने कहा, भारत सरकार ने हम से ऐसी किसी भी चिंता का जिक्र नहीं किया है। टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी ने यह आरोप भी खारिज कर दिया की वह उपभोक्ताओं की गुप्त सूचनाएं ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी से साझा कर रही है।
वोडाफोन ने कहा कि जिन जिन देशों मे वह अपनी सेवाएं दे रही है, वह वहां-वहां के कानूनों का पालन करती है। कंपनी ने गृह मंत्रालय के उस आरोप को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि टैक्स चोरी कर रही है। उसने बयान जारी कर कहा कि कंपनी पर कभी भी टैक्स चोरी के आरोप नहीं लगे।
वहीं जीसीएचक्यू के एक बयान जारी कर कहा कि हमारे काफी पुरानी नीति है कि खुफिया मामलों पर हम कोई टिप्पणी नहीं करते।
-एजेंसी

रविवार, 9 मार्च 2014

सीएम से मिलने को देनी पड़ती है घूस!

लखनऊ। 
सपा छोड़कर भाजपा में पहुंचे कीर्तिवर्धन सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए घूस देनी पड़ती है। सूबे के कृषि मंत्री आनंद सिंह के पुत्र कीर्तिवर्धन ने यहां पत्रकारों से कहा कि सपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। सीएम से मिलने के लिए उन्हें हर बार निजी सचिव को पांच हजार रुपये घूस देने पड़ते थे।
हालांकि उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया कि घूस किसे दी। पूर्व सांसद ने कहा कि गोवंश वध का विरोध कर आरोपियों को सजा दिलाने की मांग रखी तो उनका टिकट काट दिया गया था।
भाजपा में शामिल होने के बाद कृषि मंत्री आनंद सिंह के पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भइया पूरी तरह भगवा रंग में दिखे।
भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से मुखातिब होने के बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय पर हुई पत्रकार वार्ता में सपा पर जमकर हमला बोला।
कीर्तिवर्धन ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में तीन दलों में शामिल होकर सबकी हालत जान ली है। कांग्रेस, बसपा, सपा तीनों ही जनता को बेवकूफ बना रहे हैं।
कहा, सपा में परिवारवाद इतना हावी है कि मुलायम सिंह यादव के परिवार का कोई ऐसा सदस्य नहीं है जो बालिग होने के बाद विधायक, सांसद या अन्य पद का लाभ न ले रहा हो।
उन्होंने कहा कि वह अकेले नहीं बल्कि सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए हैं। जो नहीं शामिल हो सके, वे भी जल्द ही शामिल हो जाएंगे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिले के लखनऊ मार्ग के निर्माण के लिए ऐसा नहीं है कि किसी ने सवाल नहीं उठाया।
इसके लिए वे स्वयं, उनके पिता कृषि मंत्री कुंवर आनंद सिंह, राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह सहित कई नेता समय-समय पर आवाज उठाते रहे हैं लेकिन सपा में भ्रष्टाचार के चलते किसी की आवाज नहीं सुनी जा रही है।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाप व बेटे का ड्रामा चल रहा है और जनता पिस रही है।
मुलायम सिंह यादव मंच पर ही डांटते हैं तो आजम खां हंसते नजर आते हैं। अखिलेश यादव कहते हैं कि पिता हैं और उन्हें डांटने का हक है। उनकी ब्यूरोक्रेसी नहीं सुनती।
टिकट मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि वह टिकट मिलने की शर्त में नहीं आए हैं। इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमाकांत तिवारी, जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, शेष नरायण मिश्र, सूर्यनारायन तिवारी, डॉ. वीरेंद्र गोस्वामी, विद्याभूषण द्विवेदी, नीरज मौर्य, घनश्याम पांडेय, अतुल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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