बुधवार, 4 दिसंबर 2013

ब्राजील में वर्ल्‍ड कप के लिए 'सेक्‍स परोसने' की तैयारी

ब्राजील में अगले साल फुटबॉल वर्ल्ड कप का आयोजन होना है। 12 जून से 13 जुलाई तक आयोजित होने वाले विश्वकप के दौरान स्थानीय अधिकारियों को चाइल्ड प्रॉस्टीट्यूशन की चिंता सता रही है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, वर्ल्‍ड कप के दौरान देश-विदेश से लाखों लोग इस आयोजन में हिस्‍सा लेंगे। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ल्‍ड कप को ध्‍यान में रखते हुए सेक्स वर्कर्स ने अभी से बड़े शहरों में पहुंचना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, कम उम्र की लड़कियों को भी इस सेक्‍स रैकेट में शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा अश्‍लील पार्टियों के लिए भी वेन्‍यू तैयार किए जा रहे हैं।
ब्राजील के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि उसे वर्ल्‍ड कप आयोजन के दौरान मुख्य शहरों में जिस्मफरोशी के मामले बढ़ने की चिंता सता रही है। आयोग इस संबंध में राज्य और केंद्र सरकार के साथ मिलकर कदम उठा रहे हैं ताकि इस गंभीर समस्या का हल निकाला जा सके।
मानवाधिकार आयोग के मुताबिक ब्राजील में बाल वेश्‍यावृत्ति, पिछले कुछ साल में तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार, ऐसे मामलों में 75 फीसदी से ज्यादा क्लाइंट्स पीड़ित के ही इलाके के होते हैं। विश्वकप के दौरान चाइल्ड प्रॉस्टीट्यूशन को रोकना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है।
ब्राजील के सबसे बड़े राज्य में वेश्याओं का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था 'द मिनाज गेरेस स्टेट एसोसिएशन ऑफ प्रॉस्टीट्यूट्स' की ओर से विश्वकप के होस्ट सिटी बेलो हॉरीजोंटे में सेक्स वर्कर्स को अंग्रेजी सीखने की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे विदेशी कस्टमर्स के साथ डील कर सकें।
इसी शहर में फोर्टालेजा कास्टेलाओ स्टेडियम के नजदीक काम करने वाली 19 वर्षीय गियोवाना कहता हैं, "वर्ल्‍ड कप के दौरान यहां बड़ी संख्या में विदेशी टूरिस्ट आएंगे। ऐसे में देह व्यापार बढ़ेगा। मुझे मालूम है कि उस दौरान सभी के लिए काफी काम होगा।"
ब्राजीलियन टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, विश्वकप के दौरान 600,000 विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना है। वो देशभर में घूमने के दौरान 25 बिलियन रियाज खर्च करेंगे। विदेशी पर्यटकों के आने से ब्राजीलियन सरकारी खजाने में 113 बिलियन की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
ब्राजील सरकार विश्वकप की तैयारियों के तहत 33 बिलियन रियाज स्टेडियम्स, ट्रांसपोर्ट और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर्स पर खर्च करेगी। इसके अलावा 10 मिलियन डॉलर विज्ञापनों पर भी खर्च किए जाएंगे।
एक ओर जहां स्थानीय सरकार चाइल्ड प्रॉस्टिट्यूशन को जड़ से उखाड़ने की कोशिश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर साल 2012 तक वेश्यावृत्ति करने वाले बच्चों की संख्या तकरीबन 5 लाख पहुंच चुकी है। यह जानकारी एक गैर सरकारी संस्था 'नेशनल फोरम फॉर द प्रिवेंशन ऑफ चाइल्ड लेबर' ने दी है। यूनिसेफ के आंकड़ों के मुताबिक साल 2001 में वेश्यावृत्ति करने वाले नाबालिगों की संख्या 100,000 थी।
गौरतलब है कि पूरे ब्राजील में बड़े पैमाने पर वेश्यावृत्ति की जा रही है लेकिन साल के 300 दिन टूरिस्ट की पहली पसंद रहने वाले फोर्टालेजा में यह गंभीर समस्या बन चुका है। अत्यधिक गरीबी और नशा यहां देह व्यापार का मुख्य कारण माना जाता है।
बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली चैरिटी संस्था सेडेका के सेसिला डोस सेंटोस गोइस ने बताया कि पूरे ब्राजील में गरीबी के कारण पिता अपनी बेटियों को जिस्मफरोशी करने पर मजबूर करते हैं। ब्राजील में यह आम हो चुका है।
-एजेंसी

मंगलवार, 3 दिसंबर 2013

महिला सीईओ पर लगा पुरुषों के यौन शोषण का आरोप

न्‍यूयॉर्क। 
भारत में सुप्रीम कोर्ट के जज एके गांगुली और तहलका के पूर्व मुख्‍य संपादक तरुण तेजपाल पर यौन शोषण के आरोपों के बाद अब अमेरिका में एक सीईओ पर यौन शोषण के आरोप का मामला सामने आया है। भारत के इन दो मामलों और अमेरिका के इस केस में फर्क इतना है कि हमारे देश में पुरुषों पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं जबकि न्‍यूयॉर्क के मामले में आरोप महिला सीईओ पर लगे हैं। अमेरिकी मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, 'आर्ची कॉमिक्‍स' की 59 वर्षीय सीईओ नैंसी सिलबरकेट से परेशान होकर पांच कर्मचारियों ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

सोनिया, सुषमा और मायावती: सबकी सब बोलती हैं झूठ

नई दिल्‍ली। 
सोनिया गांधी से लेकर सुषमा स्वराज, मायावती और भी कई नामचीन नेता चुनाव आयोग झूठी जानकारियां दे रहे हैं। अपने चुनावी नामांकन में कई सारे नेताओं ने अपनी संपति का ब्यौरा उनके असल वर्तमान मूल्य से बहुत ही कम बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने मार्च, 2003 में अपने एक आदेश में कहा था कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को अपनी संपति का पूरा ब्यौरा देना होगा, जिसमें उन्हें संपत्ति की वास्तविक कीमत के साथ वर्तमान कीमत भी बताना होगा।
इस आदेश के बाद भी कांग्रसे से लेकर बीजेपी और बीएसपी से लेकर सीपीएम तक के नेता अपनी संपति की गलत जानकारी दे रहे हैं।
कई नेताओं ने अपनी संपत्‍ति की अधूरी तो कई ने वर्तमान बाजार के हिसाब से कम जानकारी दी है।
कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं
सोनिया गांधी: 2004 और 2009 के चुनावों के दाखिल की संपति के ब्यौरे में सोनिया ने महरौली स्थित डेरा मंडी और सुलतानपुर गांव में अपनी जमीन की कीमत 2.19 लाख रुपये बताई है। उसी स्‍थान पर बीएसपी के उम्मीदवार कंवर सिंह तंवर ने 2008 के विधानसभा चुनाव में लगभग उतनी ही जमीन की कीमत 18.37 करोड़ रुपये बताई है।
सुषमा स्वराजः लोकसभा में विपक्षी की नेता सुषमा स्वराज और उनके पति स्वराज कौशल ने दिल्ली के जंतर-मंतर में एक-एक फ्लैट खरीदा लेकिन उसकी बुकिंग कीमत तो बताई लेकिन वास्तविक कीमत वह छुपा गईं। साथ ही मुंबई के घर का उन्होंने क्षेत्रफल नहीं बताया।
मायावतीः दिल्ली के कनॉट प्लेस में दो दुकानों की मालकिन मायवती ने अपनी दोनों दुकानों की कीमत वर्तमान बाजार मूल्य से कम बताई है। साथ ही चाणक्यपुरी स्थित अपने घर की ‌कीमत उन्होंने 61.86 करोड़ बताई जबकि जानकार इसे 429 करोड़ तक की बता रहे हैं।
राजनाथ सिंहः 2009 में दी गई जानकारी के अनुसार लखनऊ के गोमती नगर में अपने घर की कीमत उन्होंने 55 लाख बताई, लेकिन उन्होंने उस घर का एरिया नहीं बताया। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और चुनाव आयोग के गाइडलाइन के अनुसार एरिया बताना जरूरी है।
इसी तरीके से कांग्रेस की मीरा कुमार, शीला दीक्षित, अशोक गहलोत, सुशील कुमार‌ शिंदे तो सीपीआई के सुधाकर रेड्डी, एनसीपी के तारिक अनवर, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्र ने भी चुनाव आयोग या तो कुछ छुपा लिया है या फिर गलत जानकारी दी है।
-एजेंसी

सोमवार, 2 दिसंबर 2013

ब्रिटेन की महारानी से ज्यादा पैसे वाली हैं सोनिया गांधी

नई दिल्ली। 
कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ-2 से भी अमीर है। यह खुलासा अंग्रेजी अखबार हफिंगटन पोस्ट वर्ल्ड ने किया है। अखबार ने दुनियाभर के 20 सबसे ज्यादा अमीर नेताओं की सूची जारी की है। इसमें सोनिया गांधी ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ, ओमान के सुल्तान, मोनाको के राजकुमार और कुवैत के शेख से भी अमीर है। इस सूची में सोनिया को 12वां स्थान मिला है।
सूची में सक्रिय राजा, राष्ट्रपति, सुल्तान और महारानियों को शामिल किया गया है। इस सूची में ज्यादात्तर पुरूषों का कब्जा है। अखबार ने सोनिया गांधी की कुल संपत्ति दो बिलियन अमरीकी डॉलर आंकी है। इसमें सबसे ज्यादा अमीर नेता मिडल इस्ट के शामिल हैं। सोनिया गांधी और ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ-2 की संपत्ति में 400 ले 500 मिलियन अमरीकी डॉलर का फर्क है। सोनिया, महारानी से काफी अमीर हैं।
इस सूची में पहला स्थान रूस के राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन को मिला है जिनका कुल संपत्ति 40 बिलियन अमरीकी डॉलर आंकी गई है। इनके बाद दूसरा नंबर थाइलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज का है जिनकी कुल संपत्ति 30 बिलियन अमरीकी डॉलर है।
एसोशिएसन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स की वेबसाइट नेशनल इल्केशन वाच के मुताबिक सोनिया गांधी की कुल संपत्ति 1.38 करोड़ रूपए की है। वेबसाइट के मुताबिक सोनिया के पास न ही अपनी कार और न ही भारत में अपना घर है।
-एजेंसी

सेक्सुअल पोटेंसी टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया तेजपाल

पणजी। 
बलात्कार का आरोपी तरुण तेजपाल अनिवार्य सेक्सुअल पोटेंसी टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। पोटेंसी टेस्ट के लिए हवालात से सीधे गोवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तहलका के उन तीन पूर्व पत्रकारों के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए जाएंगे जिन्हें पीडिता ने यौन शोषण की घटना के बारे में जानकारी दी थी। तीनों के बयान इसलिए दर्ज कराए जाएंगे ताकि ट्रायल के दौरान वे अपना बयान बदल न सके।
शोमा चौधरी से हो सकती है फिर पूछताछ

प्रॉपर्टी के लिए बापू की SEX CD बनाना चाहता था साईं

सूरत। 
बलात्कार के आरोपी नारायण साईं के बारे में नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूरत की जिस महिला ने साईं के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज कराया है उसने आरोप लगाया है कि साईं अपने बाप का ही सेक्स स्टिंग कराना चाहता था। आसाराम की सारी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए उसने ऐसी योजना बनाई थी। एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में

शनिवार, 30 नवंबर 2013

तरुण तेजपाल: एक पत्रकार.. या एक चालाक बिजनेसमैन?

नई दिल्‍ली। 
तरुण तेजपाल भले ही खोजी पत्रकार के रूप में मशहूर रहा हो लेकिन उसके बारे में जो खुलासे हो रहे हैं उससे लग रहा है कि वह पत्रकार की बजाय एक चालाक बिजनेसमैन है।
साल दर साल घाटे के बावजूद तेजपाल आठ कंपनियां चला रहा है। तहलका मैगजीन को प्रकाशित करने वाली कंपनी अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को साल 2011-12 के दौरान कुल 13 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इसी साल तेजपाल ने थ्राइविंग आर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से नई कंपनी बनाई।
यह कंपनी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 में प्रुफरॉक नाम से एक एलिट क्लब बनाने जा रही है। सिर्फ थिंकवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में 1.99 करोड़ रुपए का फायदा हुआ था। यह कंपनी गोवा में हर साल थिंकफेस्ट इवेंट का आयोजन करती है।
सबसे चौंकानी वाली बात यह है कि तेजपाल के ज्यादातर निवेशकों का तहलका की पत्रकारिता और उसकी ओर से उठाए जाने वाले समाजिक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि तेजपाल के किसी भी वेंचर्स में किसी तरह के निवेश का फैसला पूरी तरह से व्यावसायिक है। उनका मकसद सिर्फ तेजी से पैसा कमाना है और उपयुक्त वक्त पर बाहर निकालना है।
राज्यसभा के सांसद के. डी. सिंह ने एक समाचार पत्र को बताया कि तेजपाल के वेंचर्स में निवेश का फैसला पूरी तरह से व्यावसायिक है। आखिरकार हमारी इच्छा है कि उपयुक्त वक्त पर बाहर निकल जाना। सिंह के समूह की फर्म अल्केमिस्ट के अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में 65.75 फीसदी हिस्सेदारी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर तेजपाल के वेंचर्स लगातार घाटे में हैं तो निवेशक क्यों और कैसे पैसा लगा रहे हैं?
सी. ए. अनिल गोयल का कहना है कि यह इतना आसान नहीं है। अकाउंट बुक में दिखाया जाने वाला घाटा सिर्फ छलावा है। चंद्रा ग्रुप तेजपाल के वेंचर्स थ्राइविंग आर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में प्रति शेयर 1800 के हिसाब से कैसे 1 फीसदी हिस्सेदारी ले सकता है जब हर शेयर की फेस वैल्यू 10 हो?
-एजेंसी
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