गुरुवार, 1 अगस्त 2013

संसद की सर्वोच्‍चता के नाम पर अपनी हिफाजत की तैयारी

नई दिल्ली। राजनीति में आपराधिकरण रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसलों पर सभी राजनीतिक दलों ने चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से जल्द से जल्द जन प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन संबंधी विधेयक लाने की मांग की है। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद आज संवाददाताओं से कहा कि सभी दलों में इन निर्णयों को लेकर चिंता है और सबने इस स्थिति का समाधान तथा संसद की सर्वोच्चता बरकरार रखने की मांग की है।

मंगलवार, 30 जुलाई 2013

पैसा, पॉवर, क्राइम एंड पॉलिटिक्‍स का गहरा रिश्‍ता: ADR

नई दिल्ली। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के ताजा विश्लेषण में हजारों उम्मीदवारों को शामिल करके यह नतीजे निकाले गये हैं कि पैसे और ताकत से न सिर्फ इलेक्शन जीते जा सकते हैं, बल्कि राजनीति में अच्छी-खासी कमाई भी की जा सकती है। यह भी सामने आया है कि अपराधी छवि के उम्मीदवारों के मुकाबले साफ-सुथरे रेकॉर्ड वाले उम्मीदवारों के लिए चुनाव जीतना टेढ़ी खीर होता है। यह अध्ययन 10 सालों की स्टडी पर आधारित है।
इस विश्लेषण के मुताबिक, पिछले 10 सालों में चुनाव लड़ने वाले 62,847 उम्मीदवारों के पास औसतन 1.37 करोड़ की संपत्ति थी

IPL की चार्जशीट में दाऊद और छोटा शकील शामिल

नई दिल्‍ली। दिल्ली पुलिस ने आज आईपीएल 6 में स्पॉट फि‌क्सिंग मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस चार्जशीट में माफिया डॉन दाऊद इब्राहीम और छोटा शकील समेत 39 आरोपियों के नाम हैं। दिल्‍ली पुलिस के इस आरोप पत्र में राजस्‍थान रॉयल्स के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अंकित चौहान और अजीत चंदीला के भी नाम हैं। हालांकि 39 लोगों की इस सूची में 10 लोग फरार हैं।
चार्जशीट की मुखपृष्ठ पर दाऊद इब्राहीम की तस्वीर है। दाऊद के नीचे पूर्व तेज गेंदबाज श्रीसंत की भी फोटो लगाई गई है।
पुलिस ने अपनी चार्जशीट में रॉयल्स के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ समेत कुल 168 गवाहों के नाम शामिल किए हैं।

सोमवार, 29 जुलाई 2013

IAS दुर्गा मामले में झूठ बोल रहे हैं CM अखिलेश यादव

नई दिल्ली। 2009 बैच की तेज-तर्रार और ग्रेटर नोएडा में खनन माफिया की नकेल कसने वाली आईएएस अफसर दुर्गा नागपाल को सस्पेंड करने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सफाई दी है कि अधिकारी के एक कदम से सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था. ये कदम था एक अवैध निर्माण को शुरुआती दौर में ढहाया जाना, जिसे सपाई अब एक संप्रदाय विशेष का प्रस्तावित धर्म स्थल बता रहे हैं. खतरा तो वाकई है अखिलेश जी मगर सांप्रदायिक तनाव का नहीं.
खतरा ये है कि अब आपके इस रवैये के बाद कितने काबिल और ईमानदार अधिकारी कितनी मेहनत से और कितने दिन तक काम कर पाएंगे. और रही आपके सरकारी सच या कहें कि डर की बात, तो उसके पीछे की कहानी ये है.कि....

मंत्री पद से लेकर राज्‍यसभा सीट तक सब बिकता है

चंडीगढ़। क्या कांग्रेस सरकार में मंत्री का पद बिकता है? यह सवाल इसलिए लाजिमी है क्योंकि हरियाणा के एक कद्दावर कांग्रेसी जाट नेता ने यह बयान दिया है कि पिछली बार उनका रेल मंत्री बनना तय था लेकिन अंतिम समय में निर्णय बदल दिया गया. उन्होंने कहा है कि मंत्री पद दान किये पैसों पर निर्भर है, जो 100 करोड़ तक होता है.
हरियाणा के कद्दावर जाट नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि रेल मंत्री की कुर्सी सिर्फ योग्यता पर नहीं बल्कि दान से मिलती है. चौधरी किस दान की ओर इशारा कर रहे थे, इस पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
चौधरी ने कहा कि पिछली बार उनका रेल मंत्री बनना तय था लेकिन आखिरी मौके पर पत्ता साफ हो गया.
उन्होंने खास अंदाज में कहा कि गोल करने ही वाला था कि रेफरी ने सीटी बजा दी.

शनिवार, 27 जुलाई 2013

...लो अब PMO के फर्जी आदेशों पर तबादले और निलंबन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे के फर्जी आदेशों पर देश में कई जगह बड़े पदों पर तैनात अफसरों के तबादलों और सस्पेंशन का मामला सामने आया है। ये आदेश फर्जी हैं, इसका खुलासा तब हुआ जब लेबर ब्यूरो चंडीगढ़ के डॉयरेक्टर नॉर्थ दलजीत सिंह ने अपने सस्पेंशन ऑर्डर की जांच कराई। दलजीत सिंह आईईएस अफसर हैं। उन्होंने जब सस्पेंशन का कारण जानना चाहा तो पता चला कि उन्हें सस्पेंड किया ही नहीं गया है। किसी ने पीएमओ ऑफिस के लेटरहेड पर आदेश लिखकर श्रम मंत्रालय के चंडीगढ़ ऑफिस भेजा था।

मूर्ख हैं अमर्त्‍य सेन (मेरे निजी विचार)

मोदी कितने सांप्रदायिक हैं और कांग्रेस कितनी सेक्‍युलर, इस नतीजे पर पहुंचने की जगह बेहतर होता कि बतौर अर्थशास्‍त्री अमर्त्‍य सेन, देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा वित्‍तमंत्री पी. चिदंबरम को बताते कि खस्‍ताहाल अर्थव्‍यवस्‍था को कैसे सुधारें व रुपये के चवन्‍नी से भी दुहन्‍नी हो जाने को कैसे रोकें।
राजनीति में पड़ने की जगह ऐसा कुछ कहते जिससे महंगाई के कारण त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही जनता को कुछ राहत मिलती और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हर रोज गिर रही भारत की साख को कहीं स्‍थिर किया जा सकता।

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)

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