बुधवार, 13 मार्च 2013

यमुना मुक्‍ति पदयात्रा: 'जीत' या 'झुनझुना'

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
संत जयकृष्‍ण दास के नेतृत्‍व में यमुना को मुक्‍त कराने निकले पदयात्रियों की जीत हुई या फिर उन्‍हें केन्‍द्र सरकार झुनझुना थमाने में सफल रही?
फिलहाल इस सवाल का जवाब देना तो जल्‍दबाजी होगी लेकिन केन्‍द्र सरकार द्वारा इस यात्रा को लेकर शुरू से अब तक जो रवैया अपनाया गया, उससे उसकी नेक नीयत पर सवाल उठना लाजिमी है।
पहले यह जान लें कि केन्‍द्र सरकार ने यमुना रक्षक दल की मांगों को किस रूप में और कितना स्‍वीकार किया है।
सरकार ने हथिनी कुंड से आगे यमुना का पानी छोड़े जाने पर आंशिक सहमति दी है। आंशिक इसलिए कि यमुना रक्षक दल द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक पानी छोड़े जाने की शर्त को सरकार ने नहीं माना, अलबत्‍ता इतना जरूर कहा है कि अब वहां पूरा पानी नहीं रोका जायेगा।
कहने का आशय यह है कि हथिनी कुंड से अब यमुना जल का रिसाव जारी रहेगा जो आंदोलन शुरू होते ही होने लगा था।

मंगलवार, 12 मार्च 2013

महज स्‍वार्थपूर्ति कर रही है परवीन:डा.मुस्‍तकीम

अमरोहा। उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की पिछले दो मार्च को हुई हत्या को सांप्रदायिकता से जोड़ने तथा निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह का नाम घसीटने पर समाजशास्त्री, धर्मगुरु तथा योग से जुड़े लोगों ने सवालिया निशान लगाए हैं और राज्य सरकार की ओर से इस तरह मुहैया कराई गई आर्थिक सहायता की आलोचना की है।
प्रसिद्ध समाजशास्त्री डॉ. मुस्तकीम, धर्मगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम तथा योग गुरु स्वामी कर्मवीर समेत कई विद्वानों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी निंदा की है तथा कहा है कि पुलिस बल व सरकारी मशीनरी को धार्मिक रंग से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हालांकि कर्तव्यनिष्ठा के लिए संवैधानिक दायरे में ऐसी घटनाओं की जांच व मदद आवश्यक है।

कोलगेट रिपोर्ट केंद्र को नहीं कोर्ट को सौंपे CBI

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन को अवैध ठहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला मनमाना मालूम पड़ता है और इसके लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई, वह कानून-सम्मत नहीं लगती।
कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस घोटले की जांच से संबंधित जानकारी केंद्र सरकार के साथ साझा न करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिस प्रक्रिया के बारे में केंद्र सरकार बता रही है, प्रथम दृष्टया वह उचित व कानून-सम्मत नहीं लगती।

कोयला खदान आवंटन में धांधली हुई: CBI

नई दिल्ली। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोयला घोटाले पर अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि कोयला खदान आवंटन करते समय नियमों की अनदेखी हुई है।
अदालत ने इस मामले में सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए हलफनामा भी दायर करने को कहा है। उन्होंने सीबीआई से मामले की रिपोर्ट सरकार को न देकर सीधे अदालत देने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन पर सवाल उठाते हुए सवाल किया कि कुछ कंपनियों को क्यों चुना गया।
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार के पास कोल ब्लॉक आवंटन का कोई आधार नहीं था।

सोमवार, 11 मार्च 2013

रायबरेली से गुजरती तो साफ होती यमुना: सुषमा

नई दिल्‍ली। "यमुना नदी अगर रायबरेली से गुजर रही होती तो कब की साफ हो चुकी होती."
लोकसभा में सोमवार को यमुना प्रदूषण के मुद्दे पर सुषमा स्वराज ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए ये बात कही.
यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसका जल प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से मथुरा के वृंदावन से 11 दिन की पदयात्रा करके राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे ‘यमुना मुक्तिकरण’ पदयात्रियों का समर्थन करते हुए लोकसभा ने सोमवार को एक स्वर में कहा कि इस मुहिम में सदन उनके साथ है.
इस दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि यमुना नदी मथुरा जाते जाते लगभग सूख गयी है और दिल्ली में भयंकर रूप से प्रदूषित है. मथुरा में पुजारी इसके प्रदूषित जल से ही पूजा अर्चना करने को बाध्य हैं.

रविवार, 10 मार्च 2013

विकास की वजह से जनता ने गलतियां माफ कीं: मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह अमेरिका और कनाडा के प्रवासी भारतीयों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। मोदी ने अपने भाषण में गुजरात के विकास का जमकर बखान किया। मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि हमने गलतियां नहीं कीं, लेकिन विकास होने पर जनता माफ कर देती है। मोदी के भाषण का यह खास पॉइंट था। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या गलती का मतलब गुजरात दंगों से था? मोदी के इस करीब एक घंटे के भाषण की एक और खास बात यह थी कि उन्होंने कांग्रेस का एक बार भी नाम नहीं लिया।

महिला जज को तोहफे में चप्पल !

तिरुअनंतपुरम्। परिवार अदालत की ओर से तलाक संबंधी याचिका को खारिज किए जाने से नाराज 62 वर्षीय व्यक्ति ने महिला दिवस के अवसर पर एक महिला न्यायाधीश को कथित तौर पर तोहफे में चप्पलों का एक पैकेट देने की कोशिश की।
वीवी प्रभाकरण नामक व्यक्ति शुक्रवार सुबह परिवार अदालत में एक पैकेट के साथ आया और उसने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वह न्यायाधीश केवी प्रसन्ना कुमारी को एक तोहफा देना चाहता है।
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