सोमवार, 18 मार्च 2013

खुद तय करें..ये साधु हैं या शैतान ?

अपने विवादित बयानों के कारण बदनाम आसाराम ने भयंकर सूखाग्रस्‍त महाराष्ट्र में होली के नाम पर लाखों लीटर पानी बहा दिया.
होली आने में अभी 10 दिन बाकी हैं लेकिन नागपुर के कस्तूरचंद पार्क में आसाराम बापू ने अपने हजारों भक्तों पर रंगीन पानी की बौछार की.
सबको पता है कि महाराष्ट्र में सूखा है लिहाजा लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ऐसे में हजारों लीटर पानी होली के नाम पर बहाया जाना कितना उचित है.
आसाराम बापू के इस कृत्‍य का विरोध नागपुर की अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने किया है. समिति के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे हाथ में लेकर आसाराम बापू के द्वारा होली के नाम पर इस तरह बहाये जा रहे पानी का विरोध किया.

शनिवार, 16 मार्च 2013

POK याद दिलाने के लिए.. शुक्रिया अफजल!

गुरूवार (14 मार्च) और शुक्रवार (15 मार्च) के दिन भारतीय संदर्भ में काफी अहम हैं। अहम इसलिए कि इन दो दिनों में जो कुछ घटा, उसका सीधा ताल्‍लुक भारत और भारतवासियों के मान-सम्‍मान से है।
14 मार्च को पाकिस्तान की संसद में एक प्रस्ताव पारित कर अफजल की फांसी की निंदा की गई, दूसरे शब्दों में कहें तो उसने भारतीय मामलों में सीधा-सीधा दखल करने की हिमाकत की।
पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का सुखद पहलू 15 मार्च को तब देखने में आया जब उसने हमारे देश की नेता बिरादरी के 'पुरुषत्व' को झकझोरा या ललकारा। ...और उसकी प्रतिक्रिया संसद में देखने को मिली। जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान के गैर कानूनी कब्जे वाले कश्मीर समेत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।

गुरुवार, 14 मार्च 2013

ब्लैकमनी को सफेद कर रहे हैं देश के 3 निजी बैंक

नई दिल्ली। कोबरा पोस्ट के खोजी पत्रकार अनिरुद्ध बहल ने मनी लाउंड्रिंग को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
उन्होंने 'ऑपरेशन रेड स्पाइडर' के जरिए स्टिंग करके तीन बड़े प्राइवेट बैंकों में ब्लैक मनी को व्‍हाइट मनी बनाने के गोरखधंधे से पर्दा हटाया है।
अनिरुद्ध ने बताया कि एचडीफीसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक में यह खेल बेरोकटोक चल रहा है।
उन्होंने स्टिंग के दौरान एक नेता का एजेंट बनकर इन बैकों से बात की तो पता चला कि फेमा के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ब्लैक मनी जमा किए जाते हैं। ऐसा करने वाले ग्राहकों से केवाईसी (नो योर कस्टमर) और पैन तक नहीं मांगे जाते हैं।

बुधवार, 13 मार्च 2013

यमुना मुक्‍ति पदयात्रा: 'जीत' या 'झुनझुना'

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
संत जयकृष्‍ण दास के नेतृत्‍व में यमुना को मुक्‍त कराने निकले पदयात्रियों की जीत हुई या फिर उन्‍हें केन्‍द्र सरकार झुनझुना थमाने में सफल रही?
फिलहाल इस सवाल का जवाब देना तो जल्‍दबाजी होगी लेकिन केन्‍द्र सरकार द्वारा इस यात्रा को लेकर शुरू से अब तक जो रवैया अपनाया गया, उससे उसकी नेक नीयत पर सवाल उठना लाजिमी है।
पहले यह जान लें कि केन्‍द्र सरकार ने यमुना रक्षक दल की मांगों को किस रूप में और कितना स्‍वीकार किया है।
सरकार ने हथिनी कुंड से आगे यमुना का पानी छोड़े जाने पर आंशिक सहमति दी है। आंशिक इसलिए कि यमुना रक्षक दल द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक पानी छोड़े जाने की शर्त को सरकार ने नहीं माना, अलबत्‍ता इतना जरूर कहा है कि अब वहां पूरा पानी नहीं रोका जायेगा।
कहने का आशय यह है कि हथिनी कुंड से अब यमुना जल का रिसाव जारी रहेगा जो आंदोलन शुरू होते ही होने लगा था।

मंगलवार, 12 मार्च 2013

महज स्‍वार्थपूर्ति कर रही है परवीन:डा.मुस्‍तकीम

अमरोहा। उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की पिछले दो मार्च को हुई हत्या को सांप्रदायिकता से जोड़ने तथा निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह का नाम घसीटने पर समाजशास्त्री, धर्मगुरु तथा योग से जुड़े लोगों ने सवालिया निशान लगाए हैं और राज्य सरकार की ओर से इस तरह मुहैया कराई गई आर्थिक सहायता की आलोचना की है।
प्रसिद्ध समाजशास्त्री डॉ. मुस्तकीम, धर्मगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम तथा योग गुरु स्वामी कर्मवीर समेत कई विद्वानों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी निंदा की है तथा कहा है कि पुलिस बल व सरकारी मशीनरी को धार्मिक रंग से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हालांकि कर्तव्यनिष्ठा के लिए संवैधानिक दायरे में ऐसी घटनाओं की जांच व मदद आवश्यक है।

कोलगेट रिपोर्ट केंद्र को नहीं कोर्ट को सौंपे CBI

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन को अवैध ठहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला मनमाना मालूम पड़ता है और इसके लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई, वह कानून-सम्मत नहीं लगती।
कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस घोटले की जांच से संबंधित जानकारी केंद्र सरकार के साथ साझा न करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिस प्रक्रिया के बारे में केंद्र सरकार बता रही है, प्रथम दृष्टया वह उचित व कानून-सम्मत नहीं लगती।

कोयला खदान आवंटन में धांधली हुई: CBI

नई दिल्ली। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोयला घोटाले पर अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि कोयला खदान आवंटन करते समय नियमों की अनदेखी हुई है।
अदालत ने इस मामले में सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए हलफनामा भी दायर करने को कहा है। उन्होंने सीबीआई से मामले की रिपोर्ट सरकार को न देकर सीधे अदालत देने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन पर सवाल उठाते हुए सवाल किया कि कुछ कंपनियों को क्यों चुना गया।
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार के पास कोल ब्लॉक आवंटन का कोई आधार नहीं था।
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