गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह अमेरिका और कनाडा के
प्रवासी भारतीयों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। मोदी ने
अपने भाषण में गुजरात के विकास का जमकर बखान किया। मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं
है कि हमने गलतियां नहीं कीं, लेकिन विकास होने पर जनता माफ कर देती है।
मोदी के भाषण का यह खास पॉइंट था। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या गलती का
मतलब गुजरात दंगों से था? मोदी के इस करीब एक घंटे के भाषण की एक और खास
बात यह थी कि उन्होंने कांग्रेस का एक बार भी नाम नहीं लिया।
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रविवार, 10 मार्च 2013
महिला जज को तोहफे में चप्पल !
तिरुअनंतपुरम्। परिवार अदालत की ओर से तलाक संबंधी
याचिका को खारिज किए जाने से नाराज 62 वर्षीय व्यक्ति ने महिला दिवस के
अवसर पर एक महिला न्यायाधीश को कथित तौर पर तोहफे में चप्पलों का एक पैकेट
देने की कोशिश की।
वीवी प्रभाकरण नामक व्यक्ति शुक्रवार सुबह परिवार अदालत में एक पैकेट के साथ आया और उसने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वह न्यायाधीश केवी प्रसन्ना कुमारी को एक तोहफा देना चाहता है।
वीवी प्रभाकरण नामक व्यक्ति शुक्रवार सुबह परिवार अदालत में एक पैकेट के साथ आया और उसने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वह न्यायाधीश केवी प्रसन्ना कुमारी को एक तोहफा देना चाहता है।
शनिवार, 9 मार्च 2013
मनमोहन सरकार का 4G घोटाला भी सामने आया
स्वदेशी जागरण मंच के संरक्षक के एन गोविंदाचार्य
ने केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर टू जी के बाद
अब 4 जी स्पैक्ट्रम घोटाला करने और उद्योगपति मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह
को अरबों रुपए का फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।
गोविन्दाचार्य ने कहा कि मात्र डाटा संप्रेषण के लिए शुरू की गई 4 जी स्पैक्ट्रम सेवा को दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की आड़ लेकर मामूली शुल्क पर ध्वनि संप्रेषण की सुविधा दी जा रही है और देश को अरबों-खरबों की चपत लग रही है।
उल्लेखनीय है कि 4जी स्पैक्ट्रम अभी सिर्फ रिलायंस के पास ही है इसलिए इसका पूरा लाभ उसी को मिल रहा है।
गोविन्दाचार्य ने कहा कि मात्र डाटा संप्रेषण के लिए शुरू की गई 4 जी स्पैक्ट्रम सेवा को दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की आड़ लेकर मामूली शुल्क पर ध्वनि संप्रेषण की सुविधा दी जा रही है और देश को अरबों-खरबों की चपत लग रही है।
उल्लेखनीय है कि 4जी स्पैक्ट्रम अभी सिर्फ रिलायंस के पास ही है इसलिए इसका पूरा लाभ उसी को मिल रहा है।
शुक्रवार, 8 मार्च 2013
सुषमा स्वराज ने भी दिया पदयात्रा को समर्थन
नईदिल्ली (लीज़ेण्डन्यूज़)।आज यमुना मुक्तिकरण का एक
प्रतिनिधि मंडल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह व सुषमा स्वराज
से मिला| इस प्रतिनिधि मंडल में यमुना रक्षक दल के मुख्य संरक्षक
गोस्वामी पंकज बाबा व संजीव कृष्ण ठाकुर जी , डा. देवेन्द्र शर्मा,
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी , राधाप्रिय , रवि मोंगा, अनुभव तैलंग आदि शामिल
थे | राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ने आन्दोलन को समर्थन दिया और कहा कि 11
मार्च को वह संसद में यमुना मुक्तिकरण का मुद्दा जोर शोर से उठाएंगे |
गुरुवार, 7 मार्च 2013
यमुना रक्षक दल से मिलने पर मजबूर हुये केन्द्र के नुमाइंदे
संत जयकृष्ण दास के नेतृत्व में यमुना को मुक्त कराने के लिए
मथुरा-वृंदावन से 01 मार्च को शुरू हुई पदयात्रा जैसे-जैसे दिल्ली के
नजदीक पहुंच रही है, वैसे-वैसे केन्द्र सरकार के नुमाइंदों की भी सक्रियता
बढ़ने लगी है।
यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास एवं उपाध्यक्ष एडवोकेट राकेश यादव ने 'लीजेण्ड न्यूज़' को बताया कि आज यमुना रक्षक दल की कोर कमेटी पर्यावरण और जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने पड़ाव स्थल पलवल (हरियाणा) के पृथला में मुलाकात की।
राकेश यादव के अनुसार पर्यावरण मंत्रालय से आये एडिशनल सेक्रेट्री शशि शेखर, डायरेक्टर सेंथिल तथा डिप्टी डायरेक्टर संजय सिंह और जल संसाधन मंत्रालय के कमिश्नर एम के माथुर ने यमुना रक्षक दल के लोगों से पूछा कि उनकी प्रमुख मांगें क्या-क्या हैं।
यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास एवं उपाध्यक्ष एडवोकेट राकेश यादव ने 'लीजेण्ड न्यूज़' को बताया कि आज यमुना रक्षक दल की कोर कमेटी पर्यावरण और जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने पड़ाव स्थल पलवल (हरियाणा) के पृथला में मुलाकात की।
राकेश यादव के अनुसार पर्यावरण मंत्रालय से आये एडिशनल सेक्रेट्री शशि शेखर, डायरेक्टर सेंथिल तथा डिप्टी डायरेक्टर संजय सिंह और जल संसाधन मंत्रालय के कमिश्नर एम के माथुर ने यमुना रक्षक दल के लोगों से पूछा कि उनकी प्रमुख मांगें क्या-क्या हैं।
TRP के खेल की शिकार यमुना पदयात्रा
लीजेण्ड न्यूज़ विशेष-
नदियां सिर्फ जल का प्रवाह मात्र नहीं होतीं। वह सभ्यता, संस्कृति, धर्म और आध्यात्म की वाहक भी होती हैं।
इसके अलावा उनके कारण न केवल प्राणी मात्र को जीवन मिलता है बल्कि प्रकृति के जड़ और चेतन तत्व का अस्तित्व भी उन्हीं पर टिका है।
इतना सब-कुछ होने के बावजूद हम नदियों को पूरी तरह नष्ट व भ्रष्ट करने पर आमादा हैं। देश की पहचान और प्रमुख जीवनदायिनी नदियों में शुमार गंगा व यमुना आज बदहाल हैं।
कहने को वर्षों पहले गंगा एक्शन प्लान और यमुना एक्शन प्लान इस मकसद से बनाये गये थे ताकि इन नदियों को प्रदूषण मुक्त करके इनकी निर्मलता बरकरार रखी जा सके परंतु सब-कुछ बेनतीजा रहा।
अब तो ऐसा लगता है कि जो प्लान बनाये गये थे, वह गंगा-यमुना की प्रदूषण मुक्ति के प्लान न होकर भ्रष्टाचार के 'प्लान' थे क्योंकि इनकी आड़ में हजारों करोड़ रुपया डकारा जा चुका है।
यूं तो विभिन्न स्तर पर गंगा-यमुना के लिए काफी समय से लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं लेकिन फिलहाल यमुना की मुक्ति के लिए मथुरा-वृंदावन से दिल्ली तक शुरू की गई पदयात्रा चर्चा में है।
नदियां सिर्फ जल का प्रवाह मात्र नहीं होतीं। वह सभ्यता, संस्कृति, धर्म और आध्यात्म की वाहक भी होती हैं।
इसके अलावा उनके कारण न केवल प्राणी मात्र को जीवन मिलता है बल्कि प्रकृति के जड़ और चेतन तत्व का अस्तित्व भी उन्हीं पर टिका है।
इतना सब-कुछ होने के बावजूद हम नदियों को पूरी तरह नष्ट व भ्रष्ट करने पर आमादा हैं। देश की पहचान और प्रमुख जीवनदायिनी नदियों में शुमार गंगा व यमुना आज बदहाल हैं।
कहने को वर्षों पहले गंगा एक्शन प्लान और यमुना एक्शन प्लान इस मकसद से बनाये गये थे ताकि इन नदियों को प्रदूषण मुक्त करके इनकी निर्मलता बरकरार रखी जा सके परंतु सब-कुछ बेनतीजा रहा।
अब तो ऐसा लगता है कि जो प्लान बनाये गये थे, वह गंगा-यमुना की प्रदूषण मुक्ति के प्लान न होकर भ्रष्टाचार के 'प्लान' थे क्योंकि इनकी आड़ में हजारों करोड़ रुपया डकारा जा चुका है।
यूं तो विभिन्न स्तर पर गंगा-यमुना के लिए काफी समय से लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं लेकिन फिलहाल यमुना की मुक्ति के लिए मथुरा-वृंदावन से दिल्ली तक शुरू की गई पदयात्रा चर्चा में है।
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