शनिवार, 29 जून 2013

अपने गृहराज्‍य में आई आपदा पर धोनी की चुप्‍पी?

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और दुनिया के 16वें सबसे अमीर खिलाड़ी महेन्‍द्र सिंह धोनी प्राकृतिक आपदा का कहर झेल रहे अपने गृहराज्य उतराखंड को ही भूल गए हैं।
उतराखंड की जलप्रलय में करीब 1000 लोग मारे जा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।
उतराखंड के कई गांव सिरे से ही साफ हो गए हैं। देश विदेश में अनेक हस्तियों और संस्थाओं ने विपदा की इस घड़ी में उतराखंड की मदद के लिए अपने हाथ बढाए हैं लेकिन कप्तान धोनी ने ऐसे समय में अपने गृहराज्य को भुला दिया है।
टीम इंडिया में उनके युवा साथी खिलाड़ी और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने उतराखंड के पीड़ितों के लिए अपनी तरफ से एक लाख रपए देने की घोषणा की है जबकि टीम इंडिया से बाहर चल रहे आफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी दस लाख रुपए की मदद दी है।

शुक्रवार, 28 जून 2013

RTI के दायरे से बचने के लिए अध्‍यादेश का सहारा

नई दिल्‍ली । राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार कानून के दायरे में लाने से रोकने के लिए सरकार अध्यादेश लायेगी. राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने के आदेश का लगभग सभी राजनीतिक दलों ने विरोध किया था.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार अध्यादेश के जरिये राजनीतिक दलों को राहत दिलायेगी. आरटीआई के दायरे में नहीं आने पर राजनीतिक दलों को चंदे का ब्यौरा नहीं देना पडेगा. इसके अलावा अन्य कई सुविधाएं भी राजनीतिक दलों को मिलेगी.
गौरतलब है कि पिछले दिनों केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने राजनीतिक दलों को सूचना अधिकार कानून के दायरे में लाने का निर्देश दिया था. इस आदेश की कांग्रेस सहित लगभग सभी दलों ने आलोचना की थी. हालांकि भाजपा ने राजनीतिक दलों को आरटीआई दे दायरे में लाने को सही ठहराया था.(एजेंसी)

सोमवार, 24 जून 2013

आगरा:फेसबुक से चल रहा था सेक्‍स रेकेट, 11 गिरफ्तार

आगरा । उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह रैकेट फेसबुक के जरिए अपने ग्राहकों की बुकिंग करता था। पुलिस ने बताया कि पुलिस अधीक्षक (सिटी) पवन कुमार के नेतृत्व में एक दल ने रविवार शाम बल्केश्वर इलाके के गोविंदपुरी कॉलोनी की एक दो मंजिली इमारत से रविवार को 11 लोगों को गिरफ्तार किया।
पड़ोसियों द्वारा लगातार की जा रही शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। छापा डालने आए दल ने बीयर कैन, शराब की बोतलें और अन्य चीजें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, यह रैकेट फर्जी फेसबुक अकाउंट पर चैटिंग के जरिए ग्राहकों की तलाश करता था। आगरा बसई, सिकंदरा, माल का बाजार और सियो का बाजार जैसी जगहों पर देह व्यापार के लिए ऎतिहासिक रूप से कुख्यात है।
पिछले महीने माल का बाजार इलाके में दो छापेमारी हुई थी और सड़क पर एक यौनकर्मी का शव बरामद हुआ था। पुलिस को उसका सम्पर्क कोलकाता से होने की जानकारी मिली थी।(एजेंसी)

तमाशा देखने वालो, तमाशा खुद न बन जाना

ऐसा लगता है जैसे उत्‍तराखंड के तीर्थयात्री, सैलानी एवं पर्यटक ही नहीं, पूरा देश ही अनाथ हो चुका है। उत्‍तराखंड की विभीषिका ने तो उसे केवल रेखांकित किया है।
(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
इस देश में साधु-संतों की जमात लाखों में है, भागवताचार्य भी हजारों की संख्‍या में हैं, रामायणियों की तादाद कोई कम नहीं।
टेलीविजन पर दिखाई देने वाले कुल करीब दो सैंकड़ा चैनल्‍स में से एक चौथाई पर ऐसे ही धार्मिक तत्‍वों का आधिपत्‍य देखा जा सकता है, जो चौबीसों घण्‍टे धर्म का मर्म समझा कर या यूं कहें कि उसकी दुहाई देकर अपनी दुकान बेहतरीन तरीके से चला रहे हैं।

इसी अनुपात में मठाधीश, उनके मठ, मंदिर और आश्रमों की भरमार है।
बात-बात पर फतवा जारी करने वाले मुल्‍ला तथा मौलवियों से लेकर प्रतिष्‍ठित मस्‍जिदों की खासी संख्‍या है और ईसाई मिशनरीज भी हर गली व कूचे में मिल जायेंगे।
सामाजिक व धार्मिक संस्‍थाएं इतनी हैं, जितने कि सरकारी शिक्षण संस्‍थान नहीं होंगे। और ये सब भी अपनी-अपनी कमाई के लिए टेलीविजन पर पूरी तरह सक्रिय हैं।
इस सब के बावजूद उत्‍तराखंड में आई भयंकर आपदा के शिकार लोगों की मदद को कोई सामने नहीं आया।
बेशक ऐसी आपदाओं से निपटने की जिम्‍मेदारी सरकारों की है और उन्‍हें इसके माकूल इंतजाम करने चाहिए लेकिन मानवता के नाते तथा धार्मिक एवं सामाजिक कर्तव्‍यों के चलते क्‍या इनकी कोई जिम्‍मेदारी नहीं बनती।
यही हाल उन नामचीन उद्योगपतियों का है जो आए दिन विश्‍व के सर्वाधिक पैसे वालों की सूची में नाम दर्ज कराकर देश को धन्‍य करते हैं।

शुक्रवार, 21 जून 2013

कुछ समय बाद ....स्‍वर्ग वापस चली जायेंगी गंगा

लुप्‍त हो जायेंगे केदारनाथ और बद्रीनाथ
भविष्य में गंगा नदी पुन: स्वर्ग चली जाएगी फिर गंगा किनारे बसे तीर्थस्थलों का कोई महत्व नहीं रहेगा। वे नाममात्र के तीर्थ स्थल होंगे। केदारनाथ को जहां भगवान शंकर का आराम करने का स्थान माना गया है वहीं बद्रीनाथ को सृष्टि का आठवां वैकुंठ कहा गया है, जहां भगवान विष्णु 6 माह निद्रा में रहते हैं और 6 माह जागते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई, तो यह 12 धाराओं में बंट गई। इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान बद्रीनाथ, भगवान विष्णु का वास बना। अलकनंदा की सहचरणी नदी मंदाकिनी नदी के किनारे केदार घाटी है, जहां बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक सबसे महत्वपूर्ण केदारेश्वर है। यह संपूर्ण इलाका रुद्रप्रयाग जिले का हिस्सा है। रुद्रप्रयाग में भगवान रुद्र का अवतार हुआ था।
केदार घाटी में दो पहाड़ हैं- नर और नारायण पर्वत। पुराणों अनुसार गंगा स्वर्ग की नदी है और इस नदी को किसी भी प्रकार से प्रदूषित करने और इसके स्वाभाविक रूप से छेड़खानी करने का परिणाम होगा संपूर्ण जंबूखंड का विनाश और गंगा का पुन: स्वर्ग में चले जाना।

खिलाड़ियों को सट्टेबाजों ने फ्लैट भी दिए: ललित

LONDON. इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने सनसनीखेज दावा किया कि चेन्नई सुपरकिंग्स के तीन खिलाड़ियों के रीयल स्टेट के बड़े व्यवसायी के साथ संबंध हैं जो सट्टेबाज भी है। उन्होंने कहा कि इस व्यवसायी के गुरुनाथ मयप्पन और अन्य फ्रेंचाइजी मालिकों के साथ भी करीबी संबंध हैं।
मोदी ने ट्वीट के जरिये दावा किया कि रीयल एस्टेट व्यवसायी ने 2010 में आईपीएल फ्रेंचाइजी हासिल करने की कोशिश भी की थी लेकिन उन्होंने स्वीकृति नहीं दी। इसने सुपरकिंग्स के खिलाड़ियों को फ्लैट भी दिए हैं।
लंदन में रह रहे मोदी ने ट्वीट किया कि विश्वस्त सूत्रों से अभी अभी सूचना मिली कि चेन्नई सुपरकिंग्स के तीन खिलाड़ियों को नाइट क्लब के मालिक, रीयल एस्टेट व्यवसायी के साथ देखा गया था।

अथ श्री कांग्रेस कथा ! लोगों को मरते छोड़ विदेश जा रहे हैं CM बहुगुणा

उत्तराखण्ड भयंकर विभीषिका से जूझ रहा है। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
इसे उत्तराखण्ड के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी बताया जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इसे हिमालयी सुनामी करार दिया है लेकिन वह बाढ़ में फंसे हजारों लोगों को भगवान भरोसे छोड़कर विदेश दौरे पर जाने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं।
बहुगुणा जब गुरूवार को राहत कार्यो का जायजा लेने जोशीमठ पहुंचे तो नाराज लोगों ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने बहुगुणा के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। बहुगुणा ने लोगों को पूरी मदद का भरोसा दिलाया और अपने हेलीकॉप्टर में बैठ कर रवाना हो गए।
एक समाचार पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री अपनी पत्नी और कुछ अधिकारियों के साथ अगले हफ्ते स्विट्जरलैण्ड जा सकते हैं।
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