बुधवार, 2 अक्टूबर 2013

चारा घोटाले में था नीतीश का भी नाम, फिर उन पर कार्यवाही क्‍यों नहीं?

पटनाचारा घोटाले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के जेल जाने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। विपक्ष के साथ-साथ अब उनकी पार्टी में भी उनके खिलाफ बागी तेवर देखे जा रहे हैं। गोपालगंज से जेडीयू सांसद पूर्णमासी राम ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चारा घोटाले में नीतीश कुमार का नाम है और अगर वह दोषी हैं तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए। गौरतलब है कि लालू के साथ नीतीश की पार्टी के सांसद जगदीश शर्मा भी चारा घोटाले में दोषी करार दिए गए हैं।
अब नीतीश का क्या होगा?

खादी भंडार से कुर्ता नहीं, सेक्‍स वर्धक दवा खरीदने लगे हैं लोग

सेक्सवर्धक दवाइयां गांधी खादी आश्रम में खादी पर भारी पड़ती नजर आ रही हैं। गांधी खादी आश्रम पर अब कोई खादी के कुर्ते खरीदने नहीं आता लेकिन सेक्सवर्धक दवाइयों के खरीदार काफी तादाद में आते हैं। खादी ग्रोमोद्योग के कर्माचारियों का कहना है कि मुसली पाक जैसी सेक्सवर्धक दवाइयों के हर महीने 500 से 1000 पैकेट की बिक्री होती है लेकिन खादी कुर्ता खरीदने एकमात्र खरीदार भी नहीं आता। साथ की कर्मचारी का कहना है कि समय के साथ-साथ लोगों का टेस्ट भी बदल रहा है। अगर अब मुसली पाक बिकता है तो इसमें क्या गलत है?
केंद्र और राज्य सरकार ऎसे खादी आश्रम दुकानों को खादी और कुटीर उद्योग के प्रोडेक्टों को प्रमोट करने के लिए सब्सिडी देती है।
-एजेंसी

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2013

मथुरा: बड़ा खून-खराबा करा सकते हैं अवैध लेनदेन

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
बात निकली है तो दूर तक जायेगी ही। आज नहीं तो कल, धर्म नगरी मथुरा को वो दिन देखने पड़ सकते हैं जिसकी शायद फिलहाल किसी ने कल्‍पना भी नहीं की होगी।
हम बात कर रहे हैं कल रात रत्‍नेश अग्रवाल तथा गुड्डू सिंह के बीच मसानी क्षेत्र में हुए उस विवाद तथा मारपीट की जिसे देर रात पुलिस ने समझौते की आड़ में दबा तो दिया लेकिन यह नहीं सोचा कि यह समझौता सिर्फ कैंसर के घाव को ढंक देने जैसा है, उसका उपचार नहीं।

मोदी को फंसाने के लिए हो रहा CBI-NIA का इस्‍तेमाल

राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी है. जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मसला उठाते हुए उन्होंने कहा है कि बीजेपी के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी और उनके करीबी अमित शाह को जानबूझकर फंसाने की कोशिश हो रही है.
अपनी चिट्ठी की शुरुआत में ही अरुण जेटली ने कांग्रेस पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. उन्होंने लिखा है, 'ऐसे वक्त में जब कांग्रेस की लोकप्रियता लगातार घट रही है, उसकी रणनीति और असली चेहरा सबके सामने आ गया है. कांग्रेस राजनीतिक तौर पर बीजेपी और नरेंद्र मोदी से लड़ने में कामयाब नहीं हो पा रही है. पार्टी को हार दिख रही है. ऐसे में जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके नरेंद्र मोदी और उनके करीबी अमित शाह को गलत तरीके से फंसाने की कोशिश हो रही है.'

माननीयों के अवैध कब्‍जे में है 36 सरकारी बंगले

नई दिल्‍ली 
चाहे पूर्व केंद्रीय मंत्री हो, या कलाकार, पत्रकार या पूर्व अधिकारी या फिर मौजूदा अधिकारी, पात्रता खत्म हो जाने के बावजूद सरकारी बंगले या मकान का मोह नहीं छोड़ पा रहे. सूचना के अधिकार के तहत केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने 36 ऐसे पूर्व मंत्रियों की सूची जारी की है, जो मंत्री के तौर पर आवंटित बंगले में ही डटे हुए हैं. इस सूची में किसी एक पार्टी के नेता का नहीं, बल्कि कई पार्टियों के नेता शामिल हैं.
मंत्रालय की ओर से जारी सूची में लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अंबिका सोनी, अजय माकन, सी.पी. जोशी, शरद यादव, रविशंकर प्रसाद, यशवंत सिन्हा, पवन कुमार बंसल, सुबोध कांत सहाय, दयानिधि मारन, ए. राजा, मुरली मनोहर जोशी, मुकुल वासनिक, रघुवंश प्रसाद सिंह, एस.एम. कृष्णा, एम.एस. गिल, दिनेश त्रिवेदी, डा. कर्ण सिंह, सैफुद्दीन सोज सरीखे नेताओं के नाम शामिल हैं.

बुधवार, 25 सितंबर 2013

RSS प्रमुख भागवत को फंसाने के षड्यंत्र का खुलासा

सन् 2007 में हुए अजमेर बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपियों में से एक भावेश पटेल ने केंद्रीय मंत्रियों, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। भावेश ने सीबीआई कोर्ट को चिट्ठी लिखकर बताया है कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, गृह राज्यमंत्री आर. पी. एन. सिंह और दिग्विजय सिंह ने उस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार को अजमेर ब्लास्ट में फंसाने के लिए दबाव डाला था।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस साल मार्च में गिरफ्तार किए गए पटेल ने कोर्ट को दिए आवेदन में आरोप लगाया है,

मंगलवार, 24 सितंबर 2013

जम्‍मू-कश्‍मीर के कुछ मंत्रियों को सेना देती है पैसा

जम्मू-कश्मीर में तख्तापलट की साजिश के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आर्मी प्रमुख जनरल वी. के. सिंह द्वारा दिए गए एक बयान पर फिर हंगामा खड़ा हो गया है। जनरल सिंह ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर में हालात 'स्टेबल' बनाए रखने के लिए के लिए सेना वहां के कुछ मंत्रियों को निश्चित रकम देती है और यह आजादी के समय से ही चला आ रहा है।
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वीके सिंह के बयान को खारिज कर दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि देश और खासकर सेना के लिए यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूर्व सेना प्रमुख इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनरल वीके सिंह शुरू से ही उमर सरकार विरोधी थे। उन्होंने कश्मीर में एक राजनीतिक पार्टी से गठजोड़ कर राज्य सरकार के खिलाफ लगातार कार्य किया। राणा ने सच सामने लाने के लिए न्यायिक या सीबीआई जांच करवाने की मांग की।

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