माइनिंग समूह वेदांता रिर्सोसेज ने पिछले तीन साल में विभिन्न राजनीतिक
दलों को करीब 28 करोड़ का चंदा दिया। अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी ने
2011-12 की सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी दी। ये पैसा किन राजनीतिक दलों
को दिया गया,कंपनी ने इसका खुलासा नहीं किया है। रिपोर्ट में बताया गया है
कि 2011-12 में राजनीतिक दलों को 2.01 मिलियन डॉलर का चंदा दिया गया।
हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।
Blog serves news about Corruption in India,Dirty politics,corruption free India,corruption in politics,real estate,Dharm and Society
रविवार, 26 अगस्त 2012
सोशल मीडिया से घबराई सरकार
सभी सरकारी विभागों के लिए दिशा-निर्देश जारी
केंद्र सरकार ने सभी सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि सार्वजनिक उपक्रमों समेत सभी सरकारी विभागों से जुड़े व्यक्ति सोशल वेबसाइटों पर "गोपनीय" तथा "अप्रमाणित" सूचना पोस्ट न करें।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ३8 पृष्ठों के दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारत में फेसबुक के 4 करोड़ तथा टि्वटर के 1.6 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इसके कारण सोशल मीडिया जनमत बनाने तथा व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रभावशाली मंच बनकर उभरा है।
केंद्र सरकार ने सभी सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि सार्वजनिक उपक्रमों समेत सभी सरकारी विभागों से जुड़े व्यक्ति सोशल वेबसाइटों पर "गोपनीय" तथा "अप्रमाणित" सूचना पोस्ट न करें।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ३8 पृष्ठों के दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारत में फेसबुक के 4 करोड़ तथा टि्वटर के 1.6 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इसके कारण सोशल मीडिया जनमत बनाने तथा व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रभावशाली मंच बनकर उभरा है।
शुक्रवार, 17 अगस्त 2012
सभ्रांत महिलाओं को हवस का शिकार बनाते MCX और BSE
मल्टी कमॉडिटी एक्सचेंज यानि MCX और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानि BSE
का अवैध कारोबार अब केवल पुरुषों की आर्थिक बर्बादी तक सीमित नहीं रहा, अब
इसके जरिये सभ्रांत परिवार की ऐसी महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाकर
पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों एवं MCX व BSE के बड़े कारोबारियों की हवस का शिकार बनाया जा रहा है जो अपने स्तर पर आसान तरीके से तथा जल्दी पैसा कमाने की चाहत रखती हैं।
सोलह कला अवतार श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में विश्व के पटल पर अपनी एक अलग पहचान रखने वाला धार्मिक जनपद मथुरा इस अवैध कारोबार का बड़ा ठिकाना बन चुका है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संरक्षण प्राप्त होने के कारण आज तक इस अवैध कारोबार की कोई बड़ी मछली कानून के शिकंजे में नहीं आ सकी जबकि इसके कारण कई युवक मौत के आगोश में समा चुके हैं।
सोलह कला अवतार श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में विश्व के पटल पर अपनी एक अलग पहचान रखने वाला धार्मिक जनपद मथुरा इस अवैध कारोबार का बड़ा ठिकाना बन चुका है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संरक्षण प्राप्त होने के कारण आज तक इस अवैध कारोबार की कोई बड़ी मछली कानून के शिकंजे में नहीं आ सकी जबकि इसके कारण कई युवक मौत के आगोश में समा चुके हैं।
CAG की रिपोर्ट में PM की ईमानदारी पर सवाल
मनमोहन सरकार पर सीएजी का ग्रहण लगा हुआ है। टेलीकॉम घोटाला हो या
कॉमनवेल्थ घोटाला, इनका खुलासा सीएजी यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की
रिपोर्ट से ही हुआ था। अब बारी कोयला खदानों के आवंटन पर सीएजी की रिपोर्ट
पर है। ये रिपोर्ट औपचारिक तौर पर तो आज संसद में पेश होगी लेकिन इसका
ड्राफ्ट पहले ही लीक हो गया था।
गुरुवार, 16 अगस्त 2012
देश को संबोधन या चुनाव की तैयारी ?
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने देश को संबोधित करते हुए उन मुद्दों पर लोगों का ध्यान
आकर्षित किया जो सरकार के लिए बड़ी चुनौतियां बन गए हैं, लेकिन विश्लेषकों
का कहना है कि उन्होंने इन चुनौतियों का समाधान देने के बजाय विपक्षी दलों
के सिर ठीकरा फोड़ दिया.
दरअसल मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा कि विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक सर्वसम्मति न बन पाने की वजह से आर्थिक विकास की गति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आर्थिक विकास की गति नहीं बढ़ी, निवेश को बढ़ावा नहीं दिया गया और सरकारी राजकोष का ठीक से प्रबंधन नहीं किया गया तो उसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बुरा असर पड़ेगा.
दरअसल मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा कि विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक सर्वसम्मति न बन पाने की वजह से आर्थिक विकास की गति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आर्थिक विकास की गति नहीं बढ़ी, निवेश को बढ़ावा नहीं दिया गया और सरकारी राजकोष का ठीक से प्रबंधन नहीं किया गया तो उसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बुरा असर पड़ेगा.
मंगलवार, 14 अगस्त 2012
बात निकली है तो दूर तलक जायेगी ही
दो दिन पहले एक टीवी चैनल पर टीम अन्ना के अनशन और स्वामी रामदेव
के आंदोलन को लेकर बहस का कार्यक्रम चल रहा था। इस बहस में गांधीजी के वंशज
तुषार गांधी सहित कई प्रमुख लोग भाग ले रहे थे। कांग्रेस की ओर से राशिद
अल्वी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल किया गया था।
कांग्रेस के प्रवक्ता की हैसियत से राशिद अल्वी का तर्क यह था कि जैसा समाज होगा, वैसे ही नेता होंगे क्योंकि नेता भी उसी समाज से आते हैं।
कांग्रेस के प्रवक्ता की हैसियत से राशिद अल्वी का तर्क यह था कि जैसा समाज होगा, वैसे ही नेता होंगे क्योंकि नेता भी उसी समाज से आते हैं।
बुधवार, 8 अगस्त 2012
सब कुछ दिखावा: तेरा जन्म भी, जन्मोत्सव भी
हे श्रीकृष्ण ! यदि वास्तव में तुम कभी अवतरित हुए थे, तुमने कभी महाभारत
युद्ध का नेतृत्व करते हुए अपने सखा अर्जुन को अपने ही बंधु-बांधवों के
खिलाफ गांडीव उठाने के लिए इसलिए प्रेरित किया था क्योंकि वह अनाचार व
अत्याचारों के पर्याय बन चुके थे तो आज तुम कहां हो ?
एक और कृष्ण जन्माष्टमी आ चुकी है । फिर एक बार मंदिर सजेंगे । मंदिरों के साथ-साथ घर-घर और गली-गली बधाई गीत गाये जायेंगे । नंदोत्सव होगा ।
हम भारतवासी उत्सव प्रेमी हैं इसलिए जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक विभिन्न रूपों में उत्सव मनाते चले आये हैं । मनाने भी चाहिए क्योंकि उत्सव ही लोगों के जीवन में उल्लास व उत्साह पैदा करते हैं । उत्सव ही लोगों को तनाव मुक्त करने तथा मेल-मिलाप का माध्यम बनते हैं ।नि:संदेह आज का समाज उत्सवों के आयोजन पर पहले से कहीं अधिक पैसा खर्च करने लगा है । पहले से कहीं अधिक भव्य उत्सव आज होते हैं । धार्मिक उत्सव भी स्टेटस सिंबल बन चुके हैं और इस दिखावे से वो स्थान तक अछूता नहीं रहा जिसे लोग श्रीकृष्ण जन्मस्थान के रूप में पहचानते हैं । यानि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ।
एक और कृष्ण जन्माष्टमी आ चुकी है । फिर एक बार मंदिर सजेंगे । मंदिरों के साथ-साथ घर-घर और गली-गली बधाई गीत गाये जायेंगे । नंदोत्सव होगा ।
हम भारतवासी उत्सव प्रेमी हैं इसलिए जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक विभिन्न रूपों में उत्सव मनाते चले आये हैं । मनाने भी चाहिए क्योंकि उत्सव ही लोगों के जीवन में उल्लास व उत्साह पैदा करते हैं । उत्सव ही लोगों को तनाव मुक्त करने तथा मेल-मिलाप का माध्यम बनते हैं ।नि:संदेह आज का समाज उत्सवों के आयोजन पर पहले से कहीं अधिक पैसा खर्च करने लगा है । पहले से कहीं अधिक भव्य उत्सव आज होते हैं । धार्मिक उत्सव भी स्टेटस सिंबल बन चुके हैं और इस दिखावे से वो स्थान तक अछूता नहीं रहा जिसे लोग श्रीकृष्ण जन्मस्थान के रूप में पहचानते हैं । यानि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ।
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