बुधवार, 12 सितंबर 2012

अब अरबपति उद्योगपति का सेक्‍स स्‍केंडल सामने आया

2 करोड़ रुपये, फ्लैट और गाड़ी भी देनी पड़ी
अवैध सम्‍बन्‍धों के चलते गत दिनों मथुरा के एक करोड़पति ज्‍वेलर को 85 लाख रुपयों का चूना लगने के बाद शहर के ही अब एक अरबपति उद्योगपति के अवैध सम्‍बन्‍धों का मामला सामने आया है।
एक सुनामधन्‍य हाईटेक धर्मगुरू के शिष्‍य और अच्‍छी-खासी उम्र वाले इस अरबपति उद्योगपति के कारनामों की वजह से एक ओर जहां खुद उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है वहीं नाते-रिश्‍तेदारों के बीच खासी बदनामी भी हो रही है।
बताया जाता है कि उद्योगपति की धर्मपत्‍नी उनकी इस कारगुजारी से इतनी अधिक नाराज हैं कि उन्‍होंने सेठजी सहित पूरे परिवार की धर्मगुरू के यहां आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है क्‍योंकि सेठजी के घर में उस महिला का प्रवेश इन्‍हीं धर्मगुरू की संस्‍तुति पर हुआ था जिसकी मोहब्‍बत आज सेठजी के सिर चढ़कर बोल रही है।

मंगलवार, 11 सितंबर 2012

1 घंटा 7 मिनट और मंत्रीजी ने दे दीं 3 कोयला खदानें

कोलगेट में बुरी तरह आरोपों से घिरी कांग्रेस पर एक और बाण समाजवादी पार्टी ने अब चलाया है।
समाजवादी पार्टी नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए गलत तरीके से कोल ब्लॉक का आवंटन किया है।
राम गोपाल यादव ने एक निजी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि जायसवाल ने मंत्री बनते ही एक घंटे और सात मिनट के भीतर तीन कोल ब्लॉक आवंटित किये थे।

सोमवार, 10 सितंबर 2012

सरकार का लोकतंत्र के साथ रिश्ता खत्म हो चुका है

जिस तरह से असीम त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया है उससे लगता है कि इस सरकार का आम जनता के साथ, भारत के लोकतंत्र के साथ रिश्ता खत्म हो चुका गया है.
पिछले छह महीनों से मैं देख रहा हूं कि इस पागलपन में एक नियमितता है. पहले ममता बनर्जी एक प्रोफेसर को गिरफ्तार कराती हैं. उसके बाद 60 साल पुराने अंबेडकर कार्टून पर संसद में बवाल होता है. सभी राजनीतिक दल इसे हटाने के लिए इकट्ठे होते हैं...उस शंकर के खिलाफ जो कार्टूनिंग के पितामह थे, जिनका नेहरु जैसे लोग भी सम्मान करते थे.
संसद के अंदर तो इनका 'सेंस ऑफ ह्युमर' खत्म हो चुका है. संसद के बाहर भी इन्हें यह मंज़ूर नहीं है.
साल 1975 में घोषित रूप से आपातकाल था. तब एक सेंसर बोर्ड होता था जो खबरों और कार्टूनों को सेंसर करता था.

रविवार, 9 सितंबर 2012

वाह री कांग्रेसी सोच....फिर तो पति मालिक और पत्‍नी नौकरानी

पत्नी को हर माह पति के वेतन में से एक हिस्सा देने के प्रस्तावित कानून के खिलाफ पुरुष संगठन सामने आ गए हैं। 'सेव फैमिली फाउंडेशन' ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ को पत्र लिखकर नए प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। विभिन्न राज्यों के लगभग 40 पुरुष संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले फाउंडेशन ने इस प्रस्ताव को एकतरफा करार दिया है।
संगठन ने इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार बहुत जल्द एक ऐसा कानून लाने पर विचार कर रही है जिसके लागू होने के बाद हर पति के लिए अपनी पत्नी को प्रतिमाह एक तय वेतन देना अनिवार्य होगा।
प्रस्ताव का विरोध करते हुए फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य स्वरूप सरकार ने कहा, 'सरकार को जेंडर न्यूट्रल कानूनों को तरजीह देना चाहिए। ऐसा कोई कानून नहीं बनाना चाहिए जिससे समाज में विरोध पैदा हो।

शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

कोयला घोटाला: दो और मंत्रियों के नाम सामने आये

कांग्रेसी नेता सुबोध कांत सहाय और विजय दर्डा के बाद दो और नेताओं का नाता 2005-2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन पाने वालीं कंपनियों से जुड़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता प्रेम चंद गुप्ता के बेटों ने उस समय कोयला ब्लॉक के लिए आवेदन किया था जब वह केंद्र सरकार में कंपनी मामलों के मंत्री थे। गुप्ता का बेटा स्टील के कारोबार में बिल्कुल नया था, इसके बावजूद उन्हें ब्लॉक मिल गया।
सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री एस. जगत रक्षकन ने तो अलॉटमेंट से पांच दिन पहले जेआर पावर नामक कंपनी बनाई और सरकारी कंपनी पुड्डुचेरी इंड्स्ट्रियल प्रमोशन डिवलपमेंट ऐंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (पीआईपीडीआईसी) के साथ एमओयू साइन करके 17 जनवरी 2007 को कोल ब्लॉक के लिए दावेदारी ठोक दी। 25 जुलाई को कंपनी को उड़ीसा के नैनी में कोल ब्लॉक मिल गया और एक महीने के भीतर ही जेआर पावर ने अपनी हिस्सेदारी हैदराबाद की कंपनी केएसके एनर्जी वेंचर्स को बेच दी, जिससे इस कंपनी को ब्लॉक से कोयला निकालने का अधिकार मिल गया।

रविवार, 2 सितंबर 2012

85 लाख की पड़ी मथुरा के ज्‍वेलर को आशिक मिजाजी

मथुरा के एक करोड़पति सर्राफा व्‍यवसायी को उनकी आशिक मिजाजी ने एक ओर जहां बड़ी आर्थिक चोट पहुंचवा दी वहीं दूसरी ओर शहरभर में खासी चर्चा का विषय बना रखा है। समस्‍या यह है कि इश्‍क की ये कसैली दास्‍तां पता नहीं कब तक अफसाने बनकर सेठजी को परेशान करती रहेगी।
यह बात अलग है कि फिलहाल सेठजी इस बात से संतुष्‍ट हैं कि मामला ले-देकर निपट गया और बात पुलिस तक नहीं पहुंची। कहावत भी है कि जो पकड़ा जाए वह चोर, बाकी सब साहूकार। वर्ना हर दूसरा नवधनाड्य व्‍यक्‍ति गोपाल काण्‍डा साबित होगा। मथुरा के बारे में तो यह बात शत-प्रतिशत सही मानी जा सकती है।

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

ये भी हैं एक ''भारत रत्‍न'' !

जीवन के 25 वसंत पत्रकारिता के नाम करने के बावजूद मैं यह दावा करने में खुद को असमर्थ पाता हूं कि मैंने किसी किस्‍म की कोई देश सेवा की हो। हां, जाने-अनजाने में थोड़ी-बहुत समाज सेवा शायद कभी की हो तो याद नहीं। जब वह मुझे ही ठीक से याद नहीं तो कोई दूसरा याद क्‍यों रखने लगा।  यूं भी समाज सेवा का कोई ताल्‍लुक देश सेवा अथवा राष्‍ट्र सेवा से है भी कि नहीं, मुझे नहीं पता।
खैर, देश सेवा और राष्‍ट्र सेवा के मेरे मानदण्‍ड मुझे मुबारक़।
फिलहाल हम यहां बात करेंगे उन महान हस्‍तियों की जो अपने-अपने प्रोफेशन के जरिये देश की सेवा करने का न केवल दावा करते हैं बल्‍कि उसके लिए पुरस्‍कार पाने की चाहत भी रखते हैं।
देश सेवा करने का हाल ही में सर्वाधिक प्रबल दावा शर्लिन चोपड़ा द्वारा किया जा रहा है। शर्लिन का कहना है कि उसने विश्‍व प्रसिद्ध एडल्ट मैगजीन ''प्लेब्वॉय'' के लिए पूर्णत: निर्वस्‍त्र होकर जो देश सेवा की है, उसके लिए उसे ''भारत रत्‍न'' दिया जाना चाहिए। शर्लिन को अपनी इस उपलब्‍धि पर इसलिए भी फ़क्र है क्‍योंकि ऐसा मुकाम हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला है।
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...