बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

मोदी की 5 चियर गर्ल्स

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन-ब-दिन लोकप्रिय होते जा रहे हैं। लोकप्रियता के साथ ही मोदी का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। मोदी के बढ़ते उत्साह के पीछे भाजपा की पांच महिला नेत्रियां हैं, जो हर वक्त उनका बचाव करने के लिए खड़ी हो जाती हैं।
इनमें सबसे पहला नाम आता है स्मृति ईरानी का, जो गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। भाजपा में आने से पहले स्मृति टीवी धारावाहिकों में काम करती थीं। वह टीवी सीरियल 'सास भी कभी बहू थी' से मशहूर हुईं। स्मृति हमेशा टीवी कार्यक्रमों में मोदी का बचाव करते हुए नजर आती हैं।

शनिवार, 16 फ़रवरी 2013

Exclusive Interview:हथिनी कुण्‍ड में बंधक है यमुना: जयकृष्‍णदास

01 मार्च को लाखों लोगों के साथ मथुरा से दिल्‍ली कूच करने जा रहे संत जयकृष्‍ण दास ने कहा कि अब कोर्ट के आदेश-निर्देशों पर अमल करने व कराने का समय बीत चुका, अब तो यमुना को मुक्‍त करने से कम की किसी बात पर भरोसा नहीं किया जायेगा।
(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
हमारा आंदोलन हथिनी कुण्‍ड में बंधक बनाकर रखी गई यमुना को मुक्‍त कराने के लिए है, न कि उससे आगे दिल्‍ली की गंदगी से पैदा हुई उस नई यमुना के लिए जो यमुना का भ्रम कराती है और जिसे प्रदूषण मुक्‍त कराने के नाम पर अब तक धोखा दिया जाता रहा है।
यह कहना है यमुना रक्षक दल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष संत जयकृष्‍ण दास तथा राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष एडवोकेट राकेश यादव का।
'लीजेण्‍ड न्‍यूज़' से हुई विशेष भेंट वार्ता में संत जयकृष्‍ण दास ने कहा कि हथिनी कुण्‍ड से आगे जब यमुना का एक बूंद जल प्रवाहित नहीं हो रहा तो फिर यमुना को प्रदूषण मुक्‍त कराने की बात बेमानी है।
उन्‍होंने कहा कि अब तक नाले को प्रदूषण मुक्‍त कराने के नाम पर हजारों करोड़ रुपया बर्बाद किया जा चुका है इसलिए यमुना रक्षक दल अब प्रदूषण मुक्‍ति की नहीं, यमुना को मुक्‍त  कराने की लड़ाई लड़ने जा रहा है। जब यमुना मुक्‍त हो जायेगी, तब उसे प्रदूषण रहित रखने का पुख्‍ता बंदोबस्‍त किया जायेगा।

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

हर दिन यमुना में गिरती 35 करोड़ ली. गंदगी

यमुनोत्री से अमृत धारा की तरह बहने वाली यमुना ब्रज में पहुंचते-पहुंचते विषधारा बन जाती है। इसमें देश की राजधानी दिल्ली की बड़ी भूमिका है। अकेले दिल्ली ही 17 विशाल नालों के माध्यम से यमुना में प्रतिदिन 35 करोड़ लीटर गंदा पानी उड़ेल रही है।
कालिंदी की दुर्गति में इसे मां की तरह पूजने वाले ब्रजवासियों की भी भागीदारी है।
मथुरा और वृंदावन से दो दर्जन छोटे-बड़े नाले इसमें गिराए जा रहे हैं। हथिनी कुंड से कान्हा की नगरी तक 350 किलोमीटर का सफर तय करने वाली पतित पावनी यमुना करीब एक सैंकड़ा विशालकाय नालों का दंश झेल रही है।

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

दूल्‍हा तलाशना आसान मगर मोदी के लिए....

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए सुरक्षा गार्ड ढूंढना दुल्हा तलाशने से कम नहीं है। सुरक्षा में लगने वाले गार्ड के लिए यह जरूरी होता है कि उसे कोई बुरी लत न हो।
मसलन वह तंबाकू नहीं चबाता हो, गुटखा नहीं खाता हो और शराब नहीं पीता हो। शराब नहीं पीने वाले गार्ड चुनना काफी मुश्किल काम है क्योंकि गुजरात पुलिस के ज्यादातर पुलिसकर्मियों को कथित रूप से शराब पीने की लत है।
पिछले दो साल में पुलिस के दस कमाण्डो को मोदी की सुरक्षा से हटा दिया गया। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है। इन कमाण्डो को इसलिए मोदी की सुरक्षा से हटाया गया क्योंकि वे तंबाकू चबाने की आदत नहीं छोड़ पा रहे थे।

सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

....तो सेक्स खरीदना पूरी तरह से गैर कानूनी हो जाएगा

अगर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित संशोधन पारित हो गया तो सेक्स खरीदना पूरी तरह से गैर कानूनी हो जाएगा। इममोरल ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन एक्ट(आईटीपीए) में संशोधनों पर तैयार कैबिनेट नोट को पिछले हफ्ते सरकार ने सर्कुलेट किया है।
इसमें कहा गया है कि सेक्स खरीदने के इरादे से चकलाघर जाने वाले व्यक्ति को सजा होनी चाहिए। आईटीपीए में चकलाघर की परिभाषा काफी व्यापक है। इसमें कहा गया है कि केवल रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट ही नहीं बल्कि घर,होटल,रूम या अन्य किसी सुविधाजनक जगह पर किसी ग्राहक का सेक्स वर्कर को लाना चकलाघर की श्रेणी में आता है।

ये कैसा मोक्ष: एबुंलेंस तक मयस्‍सर नहीं

भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजन बेहद नाराज़ हैं क्योंकि प्रशासन मृतकों के शवों को ले जाने के लिए एबुंलेंस तक मुहैय्या नहीं करा रहा है.
इलाहाबाद के स्वरुप रानी मेडिकल कॉलेज में मृतकों के परिजन आए हुए हैं और पोस्टमार्टम के बाद शवों को ले जा रहे हैं.

परिजन खुद ही कफन लेकर आए हैं और गाड़ियों की व्यवस्था भी खुद ही कर रहे हैं. लोगों में इस बात को लेकर बहुत गुस्सा है.
अभी तक कोई आला अधिकारी भगदड़ की घटना के बाद इलाहाबाद नहीं पहुंचा है. इतना ही नहीं, सरकार को कोई मंत्री भी यहां नहीं आया है.
कुंभ मेला आयुक्त देवेश चतुर्वेदी जब अस्पताल में पहुंचे तो लोगों ने उनके खिलाफ़ नारेबाज़ी की और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया.
हालात ये हैं कि पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के परिजन शवों को लेकर बैठे हुए हैं कि उन्हें कोई गाड़ी मिले ताकि वो अंतिम संस्कार के लिए लाश ले जा सकें.

शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2013

सरकार करप्‍ट और उद्योगपतियों की मददगार

VINOD RAY
कई नीतिगत मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले सीएजी विनोद राय ने इस बार सरकार के कामकाज के तरीके पर ही सवाल उठा दिया है। उन्होंने देश में नहीं, एक इंटरनेशनल मंच से सरकार पर हमला बोला है।
विनोद राय ने कहा कि सरकार करप्शन को खत्म नहीं कर पा रही है। वह उद्योगों को नहीं, उद्योगपतियों को मदद कर रही है।
प्रतिष्ठित हार्वर्ड केनेडी स्कूल में आयोजित एक सेमीनार में गुरुवार को सीएजी ने कहा कि सरकार सीएजी को ऑडिट करने वाले अकाउंटेंट से ज्यादा नहीं समझती लेकिन सीएजी नौकरशाहों, नेता और पूंजीपतियों के बीच सांठगांठ का पर्दाफाश करता रहेगा। विनोद राय ने कहा कि सरकार को उद्योगों को समर्थन करने वाली नीतियां बनानी चाहिए, ना कि किसी खास पूंजीपति के समर्थन के लिए नीतियां बनें।
कांग्रेस ने कैग के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के महासचिव दिग्विज सिंह ने कहा, 'कैग का काम ऑडिट करना है। कैग पॉलिसी बनाने लगेगा तो हम लोग क्या करेंगे? क्या वह पीएम बनना चाहते है?'
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