रविवार, 10 मार्च 2013

महिला जज को तोहफे में चप्पल !

तिरुअनंतपुरम्। परिवार अदालत की ओर से तलाक संबंधी याचिका को खारिज किए जाने से नाराज 62 वर्षीय व्यक्ति ने महिला दिवस के अवसर पर एक महिला न्यायाधीश को कथित तौर पर तोहफे में चप्पलों का एक पैकेट देने की कोशिश की।
वीवी प्रभाकरण नामक व्यक्ति शुक्रवार सुबह परिवार अदालत में एक पैकेट के साथ आया और उसने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वह न्यायाधीश केवी प्रसन्ना कुमारी को एक तोहफा देना चाहता है।

मेनका गांधी पर कुत्ते चुराने का आरोप

नई दिल्ली। भाजपा सांसद मेनका गांधी के खिलाफ एक डॉक्टर द्वारा दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए तीसहजारी कोर्ट के महानगर दंडाधिकारी राजेश मलिक ने पुलिस को आदेश दिए कि वह केस दर्ज कर उचित कार्रवाई करे। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि पुलिस मामले में कानून के अनुसार जांच एवं कार्यवाही करे।

शनिवार, 9 मार्च 2013

मनमोहन सरकार का 4G घोटाला भी सामने आया

स्वदेशी जागरण मंच के संरक्षक के एन गोविंदाचार्य ने केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर टू जी के बाद अब 4 जी स्पैक्ट्रम घोटाला करने और उद्योगपति मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह को अरबों रुपए का फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।
गोविन्दाचार्य ने कहा कि मात्र डाटा संप्रेषण के लिए शुरू की गई 4 जी स्पैक्ट्रम सेवा को दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की आड़ लेकर मामूली शुल्क पर ध्वनि संप्रेषण की सुविधा दी जा रही है और देश को अरबों-खरबों की चपत लग रही है।
उल्लेखनीय है कि 4जी स्पैक्ट्रम अभी सिर्फ रिलायंस के पास ही है इसलिए इसका पूरा लाभ उसी को मिल रहा है।

शुक्रवार, 8 मार्च 2013

सुषमा स्‍वराज ने भी दिया पदयात्रा को समर्थन

नईदिल्‍ली (लीज़ेण्‍डन्‍यूज़)।आज यमुना मुक्तिकरण का एक प्रतिनिधि मंडल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह व सुषमा स्वराज से मिला| इस प्रतिनिधि मंडल में  यमुना रक्षक दल के मुख्य  संरक्षक गोस्वामी पंकज बाबा व संजीव कृष्ण ठाकुर जी , डा. देवेन्द्र शर्मा, गोपेश्‍वरनाथ चतुर्वेदी , राधाप्रिय , रवि मोंगा, अनुभव तैलंग  आदि शामिल थे | राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ने आन्दोलन  को समर्थन दिया और कहा कि 11 मार्च को वह संसद में यमुना  मुक्तिकरण का मुद्दा जोर  शोर से उठाएंगे |

गुरुवार, 7 मार्च 2013

यमुना रक्षक दल से मिलने पर मजबूर हुये केन्‍द्र के नुमाइंदे

संत जयकृष्‍ण दास के नेतृत्‍व में यमुना को मुक्‍त कराने के लिए मथुरा-वृंदावन से 01 मार्च को शुरू हुई पदयात्रा जैसे-जैसे दिल्‍ली के नजदीक पहुंच रही है, वैसे-वैसे केन्‍द्र सरकार के नुमाइंदों की भी सक्रियता बढ़ने लगी है।
यमुना रक्षक दल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष संत जयकृष्‍ण दास एवं उपाध्‍यक्ष एडवोकेट राकेश यादव ने 'लीजेण्‍ड न्‍यूज़' को बताया कि आज यमुना रक्षक दल की कोर कमेटी पर्यावरण और जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने पड़ाव स्‍थल पलवल (हरियाणा) के पृथला में मुलाकात की।
राकेश यादव के अनुसार पर्यावरण मंत्रालय से आये एडिशनल सेक्रेट्री शशि शेखर, डायरेक्‍टर सेंथिल तथा डिप्‍टी डायरेक्‍टर संजय सिंह और जल संसाधन मंत्रालय के कमिश्‍नर एम के माथुर ने यमुना रक्षक दल के लोगों से पूछा कि उनकी प्रमुख मांगें क्‍या-क्‍या हैं।

TRP के खेल की शिकार यमुना पदयात्रा

लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष-
नदियां सिर्फ जल का प्रवाह मात्र नहीं होतीं। वह सभ्‍यता, संस्‍कृति, धर्म और आध्‍यात्‍म की वाहक भी होती हैं।
इसके अलावा उनके कारण न केवल प्राणी मात्र को जीवन मिलता है बल्‍कि प्रकृति के जड़ और चेतन तत्‍व का अस्‍तित्‍व भी उन्‍हीं पर टिका है।

इतना सब-कुछ होने के बावजूद हम नदियों को पूरी तरह नष्‍ट व भ्रष्‍ट करने पर आमादा हैं। देश की पहचान और प्रमुख जीवनदायिनी नदियों में शुमार गंगा व यमुना आज बदहाल हैं।
कहने को वर्षों पहले गंगा एक्‍शन प्‍लान और यमुना एक्‍शन प्‍लान इस मकसद से बनाये गये थे ताकि इन नदियों को प्रदूषण मुक्‍त करके इनकी निर्मलता बरकरार रखी जा सके परंतु सब-कुछ बेनतीजा रहा।
अब तो ऐसा लगता है कि जो प्‍लान बनाये गये थे, वह गंगा-यमुना की प्रदूषण मुक्‍ति के प्‍लान न होकर भ्रष्‍टाचार के 'प्‍लान' थे क्‍योंकि इनकी आड़ में हजारों करोड़ रुपया डकारा जा चुका है।
यूं तो विभिन्‍न स्‍तर पर गंगा-यमुना के लिए काफी समय से लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं लेकिन फिलहाल यमुना की मुक्‍ति के लिए मथुरा-वृंदावन से दिल्‍ली तक शुरू की गई पदयात्रा चर्चा में है।

मंगलवार, 5 मार्च 2013

कितने बेवकूफ हैं हमारे NSG अधिकारी

नई दिल्ली। ऐसी आशंका है कि हैदराबाद ब्लास्ट की जांच से जुड़ीं कुछ जानकारियां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हाथ लग गई हैं।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की रिपोर्ट के मुताबिक ब्लास्ट के कुछ ही घंटे बाद आईएसआई के कुख्यात एजेंट मोहम्मद तस्लीम ने खुद को इंडियन मिलिट्री इंटेलिजेस का अधिकारी बताकर फोन पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के अधिकारी और हैदराबाद पुलिस के एसीपी से ब्लास्ट की जांच के बारे में जानकारी मांगी थी। फिलहाल पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों अधिकारी आईएसआई एजेंटे के झांसे में किस हद तक आए और कितनी जानकारी उसे दी।
आईबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि हैदराबाद ब्लास्ट के कुछ ही घंटों बाद आईएसाई एजेंट ने दिल्ली के लैंडलाइन नंबर से एनएसजी के कैप्टन स्तर के एक अधिकारी के मोबाइल पर फोन किया और उनसे जानकारियां मांगीं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह फोन पर किसी को भी कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं। इसके बाद तस्लीम ने एनएसजी के एक दूसरे कैप्टन के मोबाइल पर फोन किया और उन्हें उनके नाम से पुकारा, जिसकी वजह से वह झांसे में आ गए।
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