रविवार, 9 सितंबर 2012

वाह री कांग्रेसी सोच....फिर तो पति मालिक और पत्‍नी नौकरानी

पत्नी को हर माह पति के वेतन में से एक हिस्सा देने के प्रस्तावित कानून के खिलाफ पुरुष संगठन सामने आ गए हैं। 'सेव फैमिली फाउंडेशन' ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ को पत्र लिखकर नए प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। विभिन्न राज्यों के लगभग 40 पुरुष संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले फाउंडेशन ने इस प्रस्ताव को एकतरफा करार दिया है।
संगठन ने इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार बहुत जल्द एक ऐसा कानून लाने पर विचार कर रही है जिसके लागू होने के बाद हर पति के लिए अपनी पत्नी को प्रतिमाह एक तय वेतन देना अनिवार्य होगा।
प्रस्ताव का विरोध करते हुए फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य स्वरूप सरकार ने कहा, 'सरकार को जेंडर न्यूट्रल कानूनों को तरजीह देना चाहिए। ऐसा कोई कानून नहीं बनाना चाहिए जिससे समाज में विरोध पैदा हो।

शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

कोयला घोटाला: दो और मंत्रियों के नाम सामने आये

कांग्रेसी नेता सुबोध कांत सहाय और विजय दर्डा के बाद दो और नेताओं का नाता 2005-2009 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन पाने वालीं कंपनियों से जुड़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता प्रेम चंद गुप्ता के बेटों ने उस समय कोयला ब्लॉक के लिए आवेदन किया था जब वह केंद्र सरकार में कंपनी मामलों के मंत्री थे। गुप्ता का बेटा स्टील के कारोबार में बिल्कुल नया था, इसके बावजूद उन्हें ब्लॉक मिल गया।
सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री एस. जगत रक्षकन ने तो अलॉटमेंट से पांच दिन पहले जेआर पावर नामक कंपनी बनाई और सरकारी कंपनी पुड्डुचेरी इंड्स्ट्रियल प्रमोशन डिवलपमेंट ऐंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (पीआईपीडीआईसी) के साथ एमओयू साइन करके 17 जनवरी 2007 को कोल ब्लॉक के लिए दावेदारी ठोक दी। 25 जुलाई को कंपनी को उड़ीसा के नैनी में कोल ब्लॉक मिल गया और एक महीने के भीतर ही जेआर पावर ने अपनी हिस्सेदारी हैदराबाद की कंपनी केएसके एनर्जी वेंचर्स को बेच दी, जिससे इस कंपनी को ब्लॉक से कोयला निकालने का अधिकार मिल गया।

रविवार, 2 सितंबर 2012

85 लाख की पड़ी मथुरा के ज्‍वेलर को आशिक मिजाजी

मथुरा के एक करोड़पति सर्राफा व्‍यवसायी को उनकी आशिक मिजाजी ने एक ओर जहां बड़ी आर्थिक चोट पहुंचवा दी वहीं दूसरी ओर शहरभर में खासी चर्चा का विषय बना रखा है। समस्‍या यह है कि इश्‍क की ये कसैली दास्‍तां पता नहीं कब तक अफसाने बनकर सेठजी को परेशान करती रहेगी।
यह बात अलग है कि फिलहाल सेठजी इस बात से संतुष्‍ट हैं कि मामला ले-देकर निपट गया और बात पुलिस तक नहीं पहुंची। कहावत भी है कि जो पकड़ा जाए वह चोर, बाकी सब साहूकार। वर्ना हर दूसरा नवधनाड्य व्‍यक्‍ति गोपाल काण्‍डा साबित होगा। मथुरा के बारे में तो यह बात शत-प्रतिशत सही मानी जा सकती है।

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

ये भी हैं एक ''भारत रत्‍न'' !

जीवन के 25 वसंत पत्रकारिता के नाम करने के बावजूद मैं यह दावा करने में खुद को असमर्थ पाता हूं कि मैंने किसी किस्‍म की कोई देश सेवा की हो। हां, जाने-अनजाने में थोड़ी-बहुत समाज सेवा शायद कभी की हो तो याद नहीं। जब वह मुझे ही ठीक से याद नहीं तो कोई दूसरा याद क्‍यों रखने लगा।  यूं भी समाज सेवा का कोई ताल्‍लुक देश सेवा अथवा राष्‍ट्र सेवा से है भी कि नहीं, मुझे नहीं पता।
खैर, देश सेवा और राष्‍ट्र सेवा के मेरे मानदण्‍ड मुझे मुबारक़।
फिलहाल हम यहां बात करेंगे उन महान हस्‍तियों की जो अपने-अपने प्रोफेशन के जरिये देश की सेवा करने का न केवल दावा करते हैं बल्‍कि उसके लिए पुरस्‍कार पाने की चाहत भी रखते हैं।
देश सेवा करने का हाल ही में सर्वाधिक प्रबल दावा शर्लिन चोपड़ा द्वारा किया जा रहा है। शर्लिन का कहना है कि उसने विश्‍व प्रसिद्ध एडल्ट मैगजीन ''प्लेब्वॉय'' के लिए पूर्णत: निर्वस्‍त्र होकर जो देश सेवा की है, उसके लिए उसे ''भारत रत्‍न'' दिया जाना चाहिए। शर्लिन को अपनी इस उपलब्‍धि पर इसलिए भी फ़क्र है क्‍योंकि ऐसा मुकाम हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला है।

रविवार, 26 अगस्त 2012

देश को तबाह कर सकता है साइबर वार

keep an eye on pakistans' hacker
असम और म्यांमार में मुसलमानों के साथ कथित अत्याचार के खिलाफ पाकिस्तानी वेबसाइटों द्वारा आपत्तिजनक सामग्री अपलोड किए जाने के बाद भारत में भड़के दंगों के बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर भारत सरकार ने देश में साइबर सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भविष्य में स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है।
प्रख्यात साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और टोरेड नेटवर्क कंपनी के निदेशक ध्रुव सोयी ने कहा, ‘पहले कम्‍प्‍यूटर वायरस का इस्तेमाल केवल जासूसी के लिए किया जाता था लेकिन अब रणनीति बदल गई है।

वेदांता ने राजनीतिक पार्टियों को दिये 28 करोड़

माइनिंग समूह वेदांता रिर्सोसेज ने पिछले तीन साल में विभिन्न राजनीतिक दलों को करीब 28 करोड़ का चंदा दिया। अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी ने 2011-12 की सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी दी। ये पैसा किन राजनीतिक दलों को दिया गया,कंपनी ने इसका खुलासा नहीं किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2011-12 में राजनीतिक दलों को 2.01 मिलियन डॉलर का चंदा दिया गया। हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

सोशल मीडिया से घबराई सरकार

सभी सरकारी विभागों के लिए दिशा-निर्देश जारी
केंद्र सरकार ने सभी सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि सार्वजनिक उपक्रमों समेत सभी सरकारी विभागों से जुड़े व्यक्ति सोशल वेबसाइटों पर "गोपनीय" तथा "अप्रमाणित" सूचना पोस्ट न करें।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ३8 पृष्ठों के दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारत में फेसबुक के 4 करोड़ तथा टि्‌वटर के 1.6 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इसके कारण सोशल मीडिया जनमत बनाने तथा व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रभावशाली मंच बनकर उभरा है।
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...