सोमवार, 22 अप्रैल 2013

राजा ने पूछा, मेरे बयान बिना कैसे बनी JPC रिपोर्ट

नई दिल्ली। पूर्व संचार मंत्री और 2जी घोटाले के मास्टर माइंड बताए जा रहे डीएमके नेता ए. राजा ने इस घोटाले की जांच कर रही जेपीसी की रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है।
राजा ने जेपीसी के चेयरमैन को चिट्ठी लिखकर नाराजगी जताई है और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
राजा ने लिखा है कि मेरी बार-बार गुजारिश के बावजूद मुझे जेपीसी के सामने पेश नहीं होने दिया गया।
मैंने 9 अप्रैल 2013 को लिखा था कि मैं एक विस्तृत बयान भेज रहा हूं लेकिन उसका इंतज़ार किए बगैर ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर दी गई और लीक भी कर दी गई। जेपीसी से इस तरह की उम्मीद नहीं की जाती।
राजा ने अपनी इस चिट्ठी के साथ इस मामले में अपना विस्तृत बयान भी भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बयान को ड्राफ्ट रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरे बयान के बारे में जेपीसी को अगर किसी भी तरह का स्पष्टीकरण चाहिए होगा तो वे उसे देने के लिए तैयार हैं।(एजेंसी)

विदर्भ में हर महीने 56 किसान लगाते हैं मौत को गले

मुंबई। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में इस साल के शुरुआती तीन महीनों के दौरान 168 किसानों की मौत हुई। ग्यारह जिलों वाले विदर्भ में राज्य की दो तिहाई खनिज संपदा और तीन चौथाई वन संपदा है। इसके बावजूद इस इलाके में गरीबी और कुपोषण का स्थायी आश्रय बना हुआ है।
किसानों की हक की लड़ाई लड़ने वाले संगठन विदर्भ जनांदोलन समिति के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 31 मार्च तक 168 किसानों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि इस हिसाब से हर महीने 56 किसान असमय मौत के मुंह में जा रहे हैं। इससे इस क्षेत्र में कई सालों से जारी कृषि संकट और प्रशासनिक उदासीनता उजागर होती है।

अरबपतियों को जेड कैटिगरी की सुरक्षा क्यों ?

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अरबपति चेयरमैन मुकेश अंबानी को जेड कैटिगरी की सिक्युरिटी मुहैया कराने के गृह मंत्रालय के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, लेखक चेतन भगत समेत कई ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है।
उन्होंने सवाल उठाया है कि अपनी सुरक्षा का खर्चा खुद उठा सकने में सक्षम अरबपतियों को यह जेड कैटिगरी की सुरक्षा क्यों दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल में मुकेश अंबानी को जेड सिक्युरिटी को मंजूरी दी है। मंत्रालय ने सीआरपीएफ को तुरंत यह जिम्मेदारी उठाने को कहा है।

शनिवार, 20 अप्रैल 2013

3 नहीं, 34 बैंकें कर रहीं कालाधन सफेद

कोबरा पोस्ट के स्टिंग आपरेशन में जहां केवल तीन बैंकों के खिलाफ काले धन को सफेद में बदलने का खुलासा हुआ था वहीं रिजर्व बैंक ने इस मामले की जांच का दायरा 34 बैंकों तक बढ़ा दिया है।
आरबीआई की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच के दौरान पता चला है कि आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक पर जो आरोप लगे हैं उसका मूल कारण इन बैंकों की ओर से ग्राहकों को म्युचुअल फंड और इन्श्योरेंस उत्पाद बेचने के लिए लुभावनी योजनाएं थीं।

मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

सुनो लखनऊ....कि तुम बदनाम क्‍यूं हो

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
दिल्‍ली किसकी....जो सत्‍ता में हो उसकी। लखनऊ किसका..जो सत्‍ता पर काबिज हो उसका। कभी बसपा का तो कभी सपा का, कभी भाजपा का तो कभी भाजपा और बसपा का संयुक्‍त। आम जनता की न दिल्‍ली कभी हुई और ना लखनऊ।
जिसकी लाठी...उसकी भैंस।
पर यहां तो ऐसी कहावतों के मायने भी बदल रहे हैं। जिसके हाथ में लाठी है, भैंस उसे सींग दिखा रही है।
जो बहिनजी सत्‍ता से बेदखल हैं, वह खुलेआम सत्‍ताधारियों को गुण्‍डों की जमात कहकर धमका रही हैं। कह रही हैं कि सत्‍ता में आने दो, एक-एक की हड्डी-पसली तुड़वा दूंगी। जो सपाई सत्‍ता में हैं, वह लगभग मिमियाते हुए जवाब दे रहे हैं... समझ लो तुम जब सत्‍ता में आओगी तब आओगी लेकिन हम तो सत्‍ता में हैं। हम चाहें तो अभी जेल भिजवा सकते हैं।

रविवार, 14 अप्रैल 2013

2जी केस से एपी सिंह ने निकाला था मित्‍तल का नाम

नई दिल्ली। 2जी स्कैम के कथित मास्ट माइंड सुनील भारती मित्तल का नाम पूर्व सीबीआई निदेशक अमर प्रताप सिंह ने अपने रिटायरमेंट से महज सात दिन पहले ही केस से हटा दिया था। सिंह नवंबर 2012 में रिटायर हो गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई स्पेशल लीव पिटीशन के साथ नत्‍थी किये गए दस्तावेज यह दर्शाते हैं कि 2जी केस की इन्वेस्टिगेशन करने वाले इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (आईओ), सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और हैड ऑफ ब्रांच (एचओबी) सहित तमाम सीबीआई ऑफिसर्स का मानना था कि भारती सेलुलर लिमिटेड के सुनील भारती मित्तल की भी इस केस में अहम भूमिका है लिहाजा उन पर भी मुकद्दमा चलाया जाना चाहिए।

शिंदे ने पाक के गृह मंत्री से ली थी "गन"

नई दिल्ली। पिछले साल दिसंबर में भारत दौरे पर आए पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने भारतीय समकक्ष सुशील कुमार शिंदे को एक गन भेंट की थी।
दोनों गृह मंत्रियों के बीच हुई बैठक के दौरान मौजूद एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। यह अधिकारी गृह मंत्रालय में तैनात है।
गौरतलब है कि उस वक्त दि्वपक्षीय बातचीत के दौरान आतंकवाद और लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद का मुद्दा सबसे ऊपर था।
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