बुधवार, 15 मई 2013

सिब्‍बल पिता-पुत्र वोडाफोन पर मेहरबान क्‍यों: आप

नई दिल्‍ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने ब्रिटिश टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन के टैक्स विवाद को सुप्रीम कोर्ट के बाहर निपटाने के लिए कानून मंत्री कपिल सिब्बल की अप्रत्याशित पहल पर सवाल उठाया है। आप ने आरोप लगाया कि सिब्बल अपने वकील बेटे के जरिए वोडोफोन को फायदा पहुंचा रहे हैं। इस मामले में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और अटर्नी जनरल जी वाहनवती पर भी उंगली उठाई गई है।
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 'आप' के नेता अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पूछा कि हचिसन-वोडाफोन डील में वोडाफोन को 12 हजार करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी में राहत क्यों दी जानी चाहिए? आप ने आरोप लगाते हुए कहा कि कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल हचिसन के वकील हैं। कानून मंत्री बनते ही सिब्बल अपने बेटे के जरिए इन कंपनियों को फायदा पहुंचा रहे हैं।

माननीयों की करतूत तो देखो..

हमारे सांसदों ने इस बात का पूरा इंतजाम कर रखा है कि सरकार का पैसा घर में ही रहे।
146 सांसदों ने अपने बेटों, बेटियों, बीवियों, भाईयों या बहनों और अन्य रिश्तेदारों को ही अपना पीए नियुक्त कर रखा है। इन सभी को वेतन सरकारी कोष से मिलता है।

जिन्होंने पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों को पीए नियुक्त कर रखा है उनमें सभी पार्टियों के सांसद शामिल हैं।
आरटीआई से खुलासा हुआ है कि लोकसभा के 104 और राज्यसभा के 42 सांसदों ने करीब 191 रिश्तेदारों को निजी स्टॉफ के रूप में नियुक्त कर रखा है। वेतन और भत्ता नियमों के मुताबिक सांसदों की ओर से लिपिकीय कार्य के लिए नियुक्त लोगों को लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय को हर महीने 30 हजार रुपए बतौर वेतन देना पड़ता है।
सांसद की ओर से पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार को पीए नियुक्त करना किसी नियम का उल्लंघन नहीं है। विशेषज्ञों और कुछ सांसदों का मानना है कि इससे निश्चित रूप से नैतिकता और शिष्टता को लेकर सवाल उठते हैं। इनका कहना है कि इन माननीयों ने वफादार पार्टी कार्यकर्ताओं को नजरंदाज कर पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों को पीए नियुक्त कर रखा है।

हरियाणा: अब हुड्डा का सुरक्षकर्मी पकड़ा घूस लेते

चण्‍डीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा के निवास पर तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक को सतर्कता विभाग ने एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया.
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एएसआई जगदीश राम को कथित तौर पर एएसआई जतिन्दर कुमार और कैथल के एसएचओ के बदले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. चंडीगढ़ के मौली जागरण निवासी गुरमीत सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में उनके पक्ष में सहायता करने के बदले रिश्वत ली जा रही थी.

बेमिसाल ईमानदारी पेश की ऑटो रिक्‍शा चालक ने

अहमदाबाद । अहमदाबाद के एक ऑटो रिक्शा चालक ने बेमिशाल ईमानदारी का परिचय देते हुए अपने नाम से मिले एक करोड़ नब्‍बे लाख रुपये के उस चेक को लौटा दिया जो उसे जमीन के मुआवजे बतौर मिला था। उसे यह चैक सांणद में टाटा नैनो प्लांट के लिए अलॉट की गई तीन बीघा जमीन के एवज में मिला था।
राजू भरवाड़ नामक इस ऑटो रिक्‍शा चालक ने यह राशि अपनी जेब में डाल ली होती लेकिन उसने लिखित में कहा कि वह अब उस जमीन का मालिक नहीं है। उसने यह आश्वासन भी दिया कि नए मालिकों के नाम आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज हैं।

मंगलवार, 14 मई 2013

महेश कर चुका था 269 करोड़ के प्रोजेक्‍ट्स मंजूर

नई दिल्ली। रेल घूसकांड में सीबीआई की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
एक अखबार ने नया खुलासा किया है कि महेश कुमार ने बोर्ड में सदस्य का पद संभालने के महज नौ दिन के भीतर 269 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी थी।
अखबार की खबर में बताया गया है कि रेलवे से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के दौरान नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाई गईं। जिन नियमों का इस दौरान पालन किया जाना चाहिए था उन्हें ताक पर रख दिया गया।

सोमवार, 13 मई 2013

कोयले को भी नहीं छोड़ा, बचा क्या

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। मोदी का यह संबोधन 53वें गुजरात दिवस के मौके पर हुआ है।
भरोसे की बहाली जरूरी
हाल ही हुए घोटालों व यूपीए पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, "उच्च स्तर पर कुछ व्यक्तियों के कुशासन ने 120 करोड़ भारतीयों का भरोसा तोड़ा है। अब उस भरोसे को बहाल करने का समय आ गया है। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसे की कमी है। हम उस भरोसे को फिर से स्थापित करना होगा। यहां तक की कोयले को भी नहीं छोड़ा गया। बचा क्या है?"
दुनिया की नजरें हम पर

रविवार, 12 मई 2013

बात यहीं खत्‍म नहीं होती जनाब....

पवन बंसल के रेल मंत्री पद से इस्तीफे के बावजूद बीजेपी का कहना है कि पवन बंसल के इस्तीफे से सारे मुद्दे नहीं सुलझेंगे। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि बंसल के इस्तीफे से सारी बात खत्म नहीं होती, उन्होंने कहा कि बीजेपी इस बात की जांच की मांग करती है कि सीबीआई डायरेक्टर ने रेलवे बोर्ड के निलंबित मेंबर स्टाफ महेश कुमार को क्लीन चिट कैसे दे दी।
घूसकांड में फंसे पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के खिलाफ बीजेपी ने 23 बैंकों और कंपनियों के दस्तावेज सीबीआई को सौंपे हैं, बीजेपी का आरोप है कि बंसल परिवार की दो कंपनियों थियोन फार्मा और मिराज इंफ्रा ने अपनी बैलेंस शीट में जो 100 करोड़ से ज्यादा की रकम अलग-अलग कंपनियों से लोन के तौर पर दिखाई है दरअसल उस रकम का जिक्र उन कंपनियों के खाते में है ही नहीं।
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