शुक्रवार, 31 मई 2013

27 बड़े नेता नक्सलियों के निशाने पर

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित 27 बड़े नेता नक्सलियों के निशाने पर हैं.
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस काफिले पर हमले के बाद नक्सलियों के हौसले बुलंद हैं. एक हजार नक्सली कैडर समेत टॉप कमाण्डरों की बैठक हुई है.
बैठक सरांडा के जंगलों में हुई थी. यह जगह झारखण्ड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर है. पांच घंटे तक चली बैठक में भविष्य में बड़े हमलों की योजना बनाई गई. इसमें देश के बड़े नेताओं की हिट लिस्ट तैयार की गई.

गुरुवार, 30 मई 2013

पूर्व विधायक भैया राजा सहित 4 को उम्रकैद

भोपाल। पिछले साढ़े 4 साल से सुर्खियों में रहे वसुंधरा हत्याकांड में आरोपी पूर्व भाजपा विधायक और मध्यप्रदेश के बाहुबली नेताओं में शुमार अशोक वीर विक्रम सिंह उर्फ भैया राजा को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।
इस मामले में तीन अन्य आरोपियों पंकज शुक्ला, भैया राजा के नौकर अभिमन्यु और ड्राइवर हल्के उर्फ भूपेंद्र को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।
कोर्ट ने भैया राजा की भतीजी रमती बाई और नेहा को बाल संरक्षण गृह भेजने के आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है 11 दिसंबर 2009 को मिसरोद इलाके के गुडारी घाट में फैशन डिजाइनिंग की छात्रा वसुंधरा की लाश मिली थी। पुलिस ने इस मामले में 18 मार्च 2010 को जिला अदालत में चालान पेश किया था।
वसुंधरा की मां भारती ने कोर्ट को बताया था कि उनकी बेटी पर भैया राजा की बुरी नजर थी। इसे देखते हुए उन्होंने वसुंधरा को भोपाल पढ़ने भेजा था। भैया राजा पर आरोप था कि उन्होंने वसुंधरा के साथ जबर्दस्ती संबंध बनाए और इंदौर में उसका गर्भपात भी कराया।
एडीजे संजीव कालगांवकर की कोर्ट ने सुबह 11.30 बजे ये सजा सुनाई। रिंपी उर्फ रोहिणी को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया।
इस बहुचर्चित वसुंधरा हत्याकांड में फैसले के मद्देनजर आज सुबह से ही कोर्ट परिसर को छावनी बना दिया गया था। यहां हर आने जाने वाले की तलाश ली जा रही थी। जिस कोर्ट में फैसला सुनाया जा रहा था, वहां पूरे गलियारे में किसी को नहीं जाने दिया जा रहा था। जैसे ही मजिस्ट्रेट ने भैया राजा व अन्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, भैया राजा मायूस हो गए। कोर्ट रूम के बाहर बैठे उनके परिजन भी निराश हो गए। वे देर तक रोते रहे।
हालांकि जब भैया राजा कोर्ट रूम से बाहर आए तो उनके चेहरे पर शिकन नहीं दिखी। वे हाथ उठाकर अपने समर्थकों का इस्तकबाल करते देखे गए। फैसले के तुरंत बाद भैया राजा की पत्नी व भाजपा विधायक आशारानी सिंह भी कोर्ट से बाहर निकल गई। उन्होंने इस दौरान मीडिया से भी बातचीत करने से इंकार कर दिया।(एजेंसी)

बुधवार, 29 मई 2013

अहमद पटेल की शह पर हथियाये जा रहे हैं करबला

लखनऊ। वरिष्ठ इस्लामी धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा है कि केन्द्र सरकार दिल्ली में जोरबाग़ स्थित शाहे मरदां की ज़मीन वापिस पाने के लिए आवाज़ उठा रहे बेगुनाह नौजवानों को गिरफ्तार करने पर तुली है जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए देश भर में बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाया जाएगा।
लखनऊ स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि चेहल्‍लुम के मौक़े पर पुलिस ने करबला जोरबाग़ आए श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज और फायरिंग करके अपनी बरबरियत का सबूत दिया था जिसमें बहुत सी महिलाएं और बच्चे ज़ख़्मी हुए थे। दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने की जगह सरकार ने मौलाना कासिम अब्बास, कल्कत्ता से आए मौलाना अतहर अब्बास, वक्फ सेकेटरी बहादुर अब्बास नकवी समेत कई श्रद्धालुओं के खिलाफ झूठी एफ आई आर दर्ज की थी।

जहां सुपरिटेंडेंट जेल में और कैदी रहते हैं बाहर

नई दिल्ली । आज से करीब 14 महीने पहले सीआरपीएफ की स्पेशल फोर्स 'कोबरा' और छत्तीसगढ़ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के जवानों ने 7 दिनों तक नक्सलियों के 'गढ़' माने जाने वाले दक्षिणी छत्तीसगढ़ के 'अबूझमाड़' के जंगलों में 'ऑपरेशन हक्का' चलाया था।
अबूझमाड़ का गोंडी बोली में मतलब 'अनजान पहाड़' होता है और स्थानीय मुरिया बोली में हक्का का मतलब 'जंगली जानवरों का शिकार' होता है। अबूझमाड़ को लोग नक्सलियों का गढ़ कहते हैं।
माना जाता है कि इस इलाके में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है और यहां सिर्फ नक्सलियों की हुकूमत चलती है। इस बात को पुलिस के आला अफसर भी दबी जुबान से स्‍वीकारते हैं।
विवादास्‍पद लेखिका अरुंधति रॉय के शब्दों में, 'यह एक ऐसा इलाका है, जहां नक्सली वर्दी में घूमते हैं और पुलिस वाले बिना वर्दी के। जेल सुपरिटेंडेंट जेल के भीतर और जेल में रहने वाले कैदी बाहर।' छत्तीसगढ़ में जेल ब्रेक कर कई बार नक्सलियों ने अपने साथियों को आजाद कराया है। बस्तर डिवीजन से होकर बहने वाली इंद्रावती नदी के पार दक्षिण की तरफ मीलों में फैले अबूझमाड़ के पहाड़ों और जंगलों को स्थानीय पुलिसकर्मी 'पाकिस्तान' कहते हैं।

मंगलवार, 28 मई 2013

'स्‍वामी नारायण' का साधु सेक्‍स स्‍कैंडल में फंसा

अहमदाबाद । अक्‍सर विवादों में रहने वाले स्‍वामी नारायण संप्रदाय का एक साधु सेक्‍स स्‍कैंडल में फंस गया है। साधु को एक सीडी में एक वेश्‍या के साथ पैसे देकर सेक्‍स करते हुए दिखलाया गया है। स्‍वामी नारायण संप्रदाय दुनिया के सबसे अमीर संप्रदायों में से एक है। यहां के साधुओं को पहले भी कई बार समलैंगिक क्रियाओं और सेक्‍स स्‍कैंडल में पकड़ा जा चुका है।
गुजरात पुलिस ने तीन शख्‍स को सीडी बनाने के आरोप में अरेस्‍ट कर लिया है। इन तीनों पर आरोप है कि उन्‍होंने साधु को ब्‍लैकमेल करने के लिए वेश्‍या के साथ सेक्‍स करते हुए सीडी बनाई।

ये 'बिजली' ले डूबेगी अखिलेश बाबू

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मिली अप्रत्‍याशित सफलता की तरह समाजवादी पार्टी 2014 के लोकसभा चुनावों में भी सफलता पाने के ख्‍वाब संजोये हुए है। पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव सोचे बैठे हैं कि इस बार के लोकसभा चुनाव उन्‍हें दिल्‍ली का किंग न सही लेकिन किंगमेकर जरूर बनवा सकते हैं।
सोचें भी क्‍यों नहीं, आखिर उत्‍तर प्रदेश न सिर्फ उनके सर्वाधिक प्रभाव वाला सूबा है बल्‍कि दिल्‍ली की गद्दी पर काबिज होने का रास्‍ता भी यहीं से बनता है।
अब जबकि लोकसभा चुनावों की आहट सुनाई देने लगी है तो यह सवाल स्‍वत: पैदा हो जाता है कि क्‍या वाकई मुलायम सिंह अपने मकसद में सफल होंगे ?
इस सवाल का जवाब देने से पहले उत्‍तर प्रदेश की वर्तमान परिस्‍थितियों पर नजर डालनी लाजिमी है।
देशभर की राजनीति को प्रभावित करने वाले यूपी की कमान बड़ी हसरत के साथ जनता ने समाजवादी पार्टी को और पार्टी ने अपने युवराज अखिलेश यादव को सौंपी थी क्‍योंकि ऐसा माना गया कि सपा की अप्रत्‍याशित जीत में अखिलेश की बड़ी भूमिका रही।
जनता ने मुलायम तथा सपा से अधिक उस चेहरे पर भरोसा किया जो ताजगी तथा उत्‍साह से भरपूर था और जिसके अंदर कुछ कर गुजरने का जज्‍बा दिखाई देता था।
किसी हद तक यह बात सही भी थी लिहाजा जनता ने भी अखिलेश का खै़र मक़दम किया।
अब अखिलेश को यूपी की कमान संभाले हुए सालभर से करीब दो महीने अधिक बीत चुके हैं पर उनका रिपोर्ट कार्ड आमजन को निराश करता है।
बेशक अखिलेश यादव जनता से किए गये चुनावी वादों को निभाने में लगे हैं लेकिन प्रदेश पर उनकी पकड़ हर रोज ढीली होती जा रही है।

3 दिन की हिरासत में भेजे गए एमवे चीफ

वायानाड । नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी एमवे के भारत में प्रमुख और मुख्य कार्यकारी विलियम एस पिंकने समेत तीन अधिकारियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
वित्तीय अनियमितताओं से जुडे़ मामले में सोमवार को कंपनी के तीनों अधिकारियों को केरल के वायानाड के गिरफ्तार किया गया था.
पिंकनी और एमवे के दो डायरेक्टर संजय मल्होत्रा और अंशु बुधराजा के खिलाफ प्राइज़ चिट्ज़ एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम एक्ट के तहत 3 मामले दर्ज किए गए हैं.
एमवे के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही एक महिला की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने दावा किया था कि एमवे के नेटवर्क से उनका वित्तीय नुकसान हुआ है.
वायानाड के पुलिस अधिक्षक एवी जॉर्ज ने बताया कि एमवे के तीन अधिकारियों के खिलाफ गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया था और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस तीनों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है.
कुछ हफ्ते पहले भी पुलिस ने विलियम एस पिंकनी और कंपनी के डायरेक्टर संजय मल्होत्रा और अंशु बुधराजा से पूछताछ की थी लेकिन अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
पिछले साल क्राइम ब्रांच की वित्तीय अपराध शाखा ने थ्रिशूर, कोझीकोड और कन्नूर में स्थित एमवे के दफ्तरों में छापा मारा था. एमवे के ऑफिस और गोदामों में मिले सामानों को भी जब्त कर लिया गया था.
इसी बीच एमवे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कंपनी केरल पुलिस का पूरा सहयोग कर रही है.
विज्ञप्ति में कहा गया कि कंपनी के गिरफ्तार किए गए तीनों अधिकारी सीबी-सीआईडी के हर सवाल का जवाब देने के लिए पहले भी प्रस्तुत रहे हैं.(एजेंसी)
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