मनमोहन सरकार पर सीएजी का ग्रहण लगा हुआ है। टेलीकॉम घोटाला हो या
कॉमनवेल्थ घोटाला, इनका खुलासा सीएजी यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की
रिपोर्ट से ही हुआ था। अब बारी कोयला खदानों के आवंटन पर सीएजी की रिपोर्ट
पर है। ये रिपोर्ट औपचारिक तौर पर तो आज संसद में पेश होगी लेकिन इसका
ड्राफ्ट पहले ही लीक हो गया था।
Blog serves news about Corruption in India,Dirty politics,corruption free India,corruption in politics,real estate,Dharm and Society
शुक्रवार, 17 अगस्त 2012
गुरुवार, 16 अगस्त 2012
देश को संबोधन या चुनाव की तैयारी ?
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने देश को संबोधित करते हुए उन मुद्दों पर लोगों का ध्यान
आकर्षित किया जो सरकार के लिए बड़ी चुनौतियां बन गए हैं, लेकिन विश्लेषकों
का कहना है कि उन्होंने इन चुनौतियों का समाधान देने के बजाय विपक्षी दलों
के सिर ठीकरा फोड़ दिया.
दरअसल मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा कि विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक सर्वसम्मति न बन पाने की वजह से आर्थिक विकास की गति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आर्थिक विकास की गति नहीं बढ़ी, निवेश को बढ़ावा नहीं दिया गया और सरकारी राजकोष का ठीक से प्रबंधन नहीं किया गया तो उसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बुरा असर पड़ेगा.
दरअसल मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा कि विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक सर्वसम्मति न बन पाने की वजह से आर्थिक विकास की गति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आर्थिक विकास की गति नहीं बढ़ी, निवेश को बढ़ावा नहीं दिया गया और सरकारी राजकोष का ठीक से प्रबंधन नहीं किया गया तो उसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बुरा असर पड़ेगा.
मंगलवार, 14 अगस्त 2012
बात निकली है तो दूर तलक जायेगी ही
दो दिन पहले एक टीवी चैनल पर टीम अन्ना के अनशन और स्वामी रामदेव
के आंदोलन को लेकर बहस का कार्यक्रम चल रहा था। इस बहस में गांधीजी के वंशज
तुषार गांधी सहित कई प्रमुख लोग भाग ले रहे थे। कांग्रेस की ओर से राशिद
अल्वी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल किया गया था।
कांग्रेस के प्रवक्ता की हैसियत से राशिद अल्वी का तर्क यह था कि जैसा समाज होगा, वैसे ही नेता होंगे क्योंकि नेता भी उसी समाज से आते हैं।
कांग्रेस के प्रवक्ता की हैसियत से राशिद अल्वी का तर्क यह था कि जैसा समाज होगा, वैसे ही नेता होंगे क्योंकि नेता भी उसी समाज से आते हैं।
बुधवार, 8 अगस्त 2012
सब कुछ दिखावा: तेरा जन्म भी, जन्मोत्सव भी
हे श्रीकृष्ण ! यदि वास्तव में तुम कभी अवतरित हुए थे, तुमने कभी महाभारत
युद्ध का नेतृत्व करते हुए अपने सखा अर्जुन को अपने ही बंधु-बांधवों के
खिलाफ गांडीव उठाने के लिए इसलिए प्रेरित किया था क्योंकि वह अनाचार व
अत्याचारों के पर्याय बन चुके थे तो आज तुम कहां हो ?
एक और कृष्ण जन्माष्टमी आ चुकी है । फिर एक बार मंदिर सजेंगे । मंदिरों के साथ-साथ घर-घर और गली-गली बधाई गीत गाये जायेंगे । नंदोत्सव होगा ।
हम भारतवासी उत्सव प्रेमी हैं इसलिए जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक विभिन्न रूपों में उत्सव मनाते चले आये हैं । मनाने भी चाहिए क्योंकि उत्सव ही लोगों के जीवन में उल्लास व उत्साह पैदा करते हैं । उत्सव ही लोगों को तनाव मुक्त करने तथा मेल-मिलाप का माध्यम बनते हैं ।नि:संदेह आज का समाज उत्सवों के आयोजन पर पहले से कहीं अधिक पैसा खर्च करने लगा है । पहले से कहीं अधिक भव्य उत्सव आज होते हैं । धार्मिक उत्सव भी स्टेटस सिंबल बन चुके हैं और इस दिखावे से वो स्थान तक अछूता नहीं रहा जिसे लोग श्रीकृष्ण जन्मस्थान के रूप में पहचानते हैं । यानि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ।
एक और कृष्ण जन्माष्टमी आ चुकी है । फिर एक बार मंदिर सजेंगे । मंदिरों के साथ-साथ घर-घर और गली-गली बधाई गीत गाये जायेंगे । नंदोत्सव होगा ।
हम भारतवासी उत्सव प्रेमी हैं इसलिए जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक विभिन्न रूपों में उत्सव मनाते चले आये हैं । मनाने भी चाहिए क्योंकि उत्सव ही लोगों के जीवन में उल्लास व उत्साह पैदा करते हैं । उत्सव ही लोगों को तनाव मुक्त करने तथा मेल-मिलाप का माध्यम बनते हैं ।नि:संदेह आज का समाज उत्सवों के आयोजन पर पहले से कहीं अधिक पैसा खर्च करने लगा है । पहले से कहीं अधिक भव्य उत्सव आज होते हैं । धार्मिक उत्सव भी स्टेटस सिंबल बन चुके हैं और इस दिखावे से वो स्थान तक अछूता नहीं रहा जिसे लोग श्रीकृष्ण जन्मस्थान के रूप में पहचानते हैं । यानि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ।
रविवार, 5 अगस्त 2012
माननीयों के लिए कानून ताक पर
आम आदमी पर आपराधिक आरोप हो तो उसे हथियार मिलना तो दूर लाइसेंस भी नहीं मिलता लेकिन सांसदों के मामले में ऐसा नहीं है।
साल 2001 से 2012 के बीच 82 सांसदों ने सरकार से बंदूकें खरीदीं। इनमें से 18 के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। आरटीआई के जरिए यह जानकारी मिली है।
आरटीआई एक्टिविस्ट अंबरीश पांडे ने सांसदों के बंदूकें खरीदने की जानकारी मांगी थी। इसके मुताबिक बंदूक पाने वाले सांसदों में यूपी के अतीक अहमद पर 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या और हत्या के प्रयास के छह-छह मामले हैं। उन्हें भी सरकारी बंदूकें बेच दी गईं।
कस्टम विभाग से मिले
साल 2001 से 2012 के बीच 82 सांसदों ने सरकार से बंदूकें खरीदीं। इनमें से 18 के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। आरटीआई के जरिए यह जानकारी मिली है।
आरटीआई एक्टिविस्ट अंबरीश पांडे ने सांसदों के बंदूकें खरीदने की जानकारी मांगी थी। इसके मुताबिक बंदूक पाने वाले सांसदों में यूपी के अतीक अहमद पर 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या और हत्या के प्रयास के छह-छह मामले हैं। उन्हें भी सरकारी बंदूकें बेच दी गईं।
कस्टम विभाग से मिले
शुक्रवार, 3 अगस्त 2012
कसौटी पर कौन...टीम अन्ना या मीडिया ?
(लीजेण्ड न्यूज़ विशेष)
बुद्धिजीवी होने का भ्रम पाल लेने वाले पत्रकारों की जमात इस बार अन्ना और उनकी टीम के आंदोलन पर लगातार सवालिया निशान लगा रही है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोग विशेष रूप से सवालों की बौछार कर रहे हैं ।
इनके सवाल अपने-अपने चैनलों पर तो तथाकथित शालीनता के दायरे में होते हैं पर फेसबुक व टि्वटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स और वेब पोर्टल्स पर वह शालीनता लगभग गायब मिलती है । वहां यह तबका भी वही आचरण करता है जो जनसामान्य कहने वाला वर्ग कर रहा है ।
बुद्धिजीवी होने का भ्रम पाल लेने वाले पत्रकारों की जमात इस बार अन्ना और उनकी टीम के आंदोलन पर लगातार सवालिया निशान लगा रही है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोग विशेष रूप से सवालों की बौछार कर रहे हैं ।
इनके सवाल अपने-अपने चैनलों पर तो तथाकथित शालीनता के दायरे में होते हैं पर फेसबुक व टि्वटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स और वेब पोर्टल्स पर वह शालीनता लगभग गायब मिलती है । वहां यह तबका भी वही आचरण करता है जो जनसामान्य कहने वाला वर्ग कर रहा है ।
बुधवार, 1 अगस्त 2012
जन-लोकपाल नहीं, लोकपाल कहिए
सरकार ''लोकपाल''
की बात तो करती है पर ''जन-लोकपाल'' का जिक्र तक उसे नागवार गुजरता है
क्योंकि उसके साथ ''जन'' जो जोड़ दिया गया है।
धारावाहिक उपनिषद गंगा के 12 वें भाग में धनंजय नामक श्रेष्ठी कोटिकर्ण (करोड़पति व्यापारी) गंगा के घाट पर खड़े होकर कहता है कि कोई याचक बच गया हो तो वह भी मांग ले। है कोई और याचक यहां ?
धारावाहिक उपनिषद गंगा के 12 वें भाग में धनंजय नामक श्रेष्ठी कोटिकर्ण (करोड़पति व्यापारी) गंगा के घाट पर खड़े होकर कहता है कि कोई याचक बच गया हो तो वह भी मांग ले। है कोई और याचक यहां ?
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