रविवार, 7 अक्टूबर 2012

हम हो रहे कंगाल लेकिन विधायक मालामाल

आम आदमी बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। हर महीने मिलने वाले वेतन से परिवार का खर्चा चलाना आम आदमी के लिए मुश्किल हो रहा है लेकिन उसी आम आदमी की ओर से चुने जाने वाले जन प्रतिनिधि दिन-ब-दिन माला माला होते जा रहे हैं। दस राज्यों के 1 हजार 75 विधायकों की इनकम के आंकलन के मुताबिक एक विधायक के घर की इनकम आम आदमी के पांच सदस्यों के परिवार की इनकम से कहीं ज्यादा है।
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म के मुताबिक आम आदमी और विधायक की इनकम में सबसे ज्यादा अंतर उत्तर प्रदेश में है। विधायक और उसके परिवार की सालाना औसत इनकम 14.6 लाख है। सामान्य परिवार की औसत आय से यह 10 गुना ज्यादा है। सामान्य व्यक्ति की सालाना औसत आय 1.3 लाख है। यूपी के अलावा पंजाब,असम और तमिलनाडु में भी विधायकों और आम आदमी की इनकम में जबरदस्त फर्क देखा गया है।

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2012

कहीं मार तो नहीं दिया प्रकाशानंद ?

यौन उत्‍पीड़न के 20 मामलों में टेक्सास की हेज काउन्टी ज्यूरी से 18 महीने पहले 14 वर्ष की सजा प्राप्‍त होने के बाद फरार हुए तथाकथित धार्मिक गुरू प्रकाशानंद सरस्‍वती के बारे में अमेरिका के संघीय अधिकारी इस आशय का अनुमान लगा रहे हैं कि वह अपने धार्मिक अनुयायियों की मदद से भारत भाग आया है। उनका यह अनुमान काफी हद तक ठीक भी है लेकिन 'लीजेण्‍ड न्‍यूज़' ने जब इस बावत और पड़ताल की तो चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
कभी स्‍वामी प्रकाशानंद सरस्‍वती के नजदीक रहे सूत्रों पर भरोसा करें तो यह भी संभव है कि उसकी हत्‍या कर दी गई हो।
इन सूत्रों के मुताबिक जब मार्च 2011 के दौरान टेक्सास में प्रकाशानंद पर एक के बाद एक यौन उत्‍पीड़न के 20 आरोप लगाये गये तो उनसे जुड़ी वृंदावन व मथुरा की धार्मिक संस्‍थाओं के संचालक काफी परेशान हो गये थे। इन लोगों ने तभी से प्रकाशानंद को लेकर षड्यंत्र बना लिया था और उसके अनुसार योजना पर अमल करते रहे।

रविवार, 30 सितंबर 2012

कांग्रेस का मकसद कोलगेट से ध्‍यान हटाना था: पवार

chalo der se hi sahi...
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस पर जमकर गुस्सा उतारा.
महाराष्ट्र में सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए एनसीपी नेता अजीत पवार ने रविवार को कहा कि उनके खिलाफ उठाए गए अनियमितता के मामलों का उद्देश्य कोयला ब्लॉक घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाना था.

कोयला घोटाले में CVC को मिलीं कई और शिकायतें

how many stings ?......
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के समक्ष कोयला ब्लॉक आवंटन में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में भंडाफोड़ करने वालों (विसल ब्लोअर) और आम नागरिकों की ओर से कई ताजा शिकायतें आई हैं। इनमें से कुछ को सीबीआई के साथ साझा किया गया है।
सीवीसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कई शिकायतें मिली हैं और इनमें कुछ सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों पर आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

कृपालु महाराज के शिष्‍य प्रकाशानंद की अमेरिका को तलाश

जगद् गुरू कृपालु का शिष्‍य है प्रकाशानंद सरस्‍वती
यौन उत्‍पीड़न के 20 मामलों में सुनाई गई थी 14 साल की सजा
कृपालु महाराज का शिष्‍य है प्रकाशानंद सरस्‍वती
 ''द यूनीवर्सल सोसाइटी ऑफ स्‍प्रिचुअल लव'', ''द इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ डिवाइन लव'' जैसी ख़ालिस व्‍यावसायिक ''पंच लाइन'' के माध्‍यम से भारत सहित विश्‍व के तमाम सम्‍पन्‍न देशों में धर्म का धंधा करने वाले और खुद को पांचवां यानि अतिरिक्‍त जगद् गुरू शंकराचार्य घोषित कर चुके रामकृपालु त्रिपाठी उर्फ ''कृपालु महाराज'' के शिष्‍य ''स्‍वामी प्रकाशानंद सरस्‍वती'' की अमेरिका को तलाश है।
दरअसल दो युवा लड़कियों का यौन उत्‍पीड़न करने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद प्रकाशानंद अदालत को चकमा देकर भाग खड़ा हुआ। अमेरिका को शक है कि 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाये जाने के कारण यह 83 वर्षीय कथित आध्यात्मिक धर्मगुरू संभवत: भारत भाग गया है।

शनिवार, 22 सितंबर 2012

सरकार है या शेखचिल्‍ली उवाच ?

कल प्रधानमंत्री का राष्‍ट्र के नाम पूरे 17 मिनट का संबोधन सुना। ना चेहरे पर कोई भाव, न किसी प्रकार का स्‍पंदन। आंखें जैसे एकदम ठहरी हुई। मुंह से शब्‍द जरूर निकल रहे थे पर कुछ इस तरह कि कोई जबरन बुलवा रहा हो। कोई स्‍क्रिप्‍ट सिर्फ पढ़ी जा रही हो।
सच तो यह है कि उनके चेहरे पर उतने भी भाव नहीं थे जितने कठपुतलियों को नचाते वक्‍त उनका सूत्रधार ले आता है।

शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

100 करोड़ में कोयले की कालिख से निजात की कवायद

कोयले की कालिख से छुटकारा पाने के लिए बेचैन यूपीए सरकार अपना चेहरा चमकाने पर 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही सरकार अपनी साफ-सुथरी छवि जनता के बीच लाने की योजना बना रही है।
टेलीविजन, रेडियो और प्रिंट मीडिया के जरिए ऐसा करने के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि का इस्तेमाल विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) सरकार के लिए एक मजबूत प्रचार अभियान चलाने के लिए करेगा। खबरों के मुताबिक, भारत निर्माण एडवर्टाइजर्स जो यूपीए सरकार की छवि निखारो अभियान का हिस्सा है, विज्ञापन में स्थानीय कलाकारों को उतारेगा। अन्य कॉरपोरेट की तरह सरकार भी नकारात्मक छवि से मुक्त होने के लिए ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क साइटों का इस्तेमाल करेगी।
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