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गुरुवार, 21 फ़रवरी 2013
इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस में IPS अरेस्ट
अहमदाबाद। गुजरात में 2004 में हुए इशरत जहां
फर्जी एनकाउंटर केस में सीबीआई ने गुरुवार को गुजरात पुलिस के आईपीएस
अधिकारी जीएल सिंघल को अरेस्ट किया। इस केस में यह पहली गिरफ्तारी है।
आईपीएस अधिकारी सिंघल इशरत जहां का एनकाउंटर वाली टीम को लीड कर रहे थे। उन
पर गवाहों को बहकाने का आरोप भी है।
गौरतलब है कि इशरत मुंबई की निवासी थी। 15 जून 2004 को अहमदाबाद के नजदीक गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे जावेद गुलाम शेख उर्फ प्रणेश कुमार पिल्लई, अमजद अली उर्फ राजकुमार अकबर अली राणा और जिशान जौहर अब्दुल गनी के साथ एक मुठभेड़ में मारा गिराया था।
गौरतलब है कि इशरत मुंबई की निवासी थी। 15 जून 2004 को अहमदाबाद के नजदीक गुजरात क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे जावेद गुलाम शेख उर्फ प्रणेश कुमार पिल्लई, अमजद अली उर्फ राजकुमार अकबर अली राणा और जिशान जौहर अब्दुल गनी के साथ एक मुठभेड़ में मारा गिराया था।
मेघालय चुनाव में हिटलर, कैनेडी व बॉम्बर..!
शिलांग। मेघालय में इस बार चुनाव मैदान में हिटलर,
सिकंदर, कैनेडी, माफिया और बॉम्बर मैदान में हैं? चौंकिए मत, इस बार
मेघालय के चुनावी मैदान में उतरे 346 उम्मीदवारों में ऐसे नाम वाले
उम्मीदवारों की सूची काफी लंबी है।
राज्य में 23 फरवरी को होने वाले चुनाव में हिलेरियस, प्रेडीसीजर, बोल्डनेस, हैमलेट और नेस्टिंग नाम के उम्मीदवार भी शामिल हैं।
उम्मीदवारों के अलावा राज्य में कुछ मतदाताओं के नाम भी हैरान करने वाले हैं जैसे थाइलैंड, न्यूयॉर्क और सबमरीन। राज्य के इतिहासकारों का कहना है कि इस तरह के नाम औपनिवेशिक खुमारी का नतीजा हैं।
पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय के इतिहासकार डॉ. अमांडा पसाह ने बताया कि उन पर (नामों पर) हंसना गलत होगा क्योंकि ऐसे नामों के लिए किसी पर दोष नहीं मढ़ा जा सकता।
राज्य में 23 फरवरी को होने वाले चुनाव में हिलेरियस, प्रेडीसीजर, बोल्डनेस, हैमलेट और नेस्टिंग नाम के उम्मीदवार भी शामिल हैं।
उम्मीदवारों के अलावा राज्य में कुछ मतदाताओं के नाम भी हैरान करने वाले हैं जैसे थाइलैंड, न्यूयॉर्क और सबमरीन। राज्य के इतिहासकारों का कहना है कि इस तरह के नाम औपनिवेशिक खुमारी का नतीजा हैं।
पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय के इतिहासकार डॉ. अमांडा पसाह ने बताया कि उन पर (नामों पर) हंसना गलत होगा क्योंकि ऐसे नामों के लिए किसी पर दोष नहीं मढ़ा जा सकता।
बुधवार, 20 फ़रवरी 2013
विदेशी NGO के इशारे पर काम कर रहा है मीडिया
आसाराम बापू ने पर आरोप लगाया है कि मीडिया विदेशी एनजीओ के इशारे पर संतों को बदनाम कर रहा है.
प्रवचनकर्ता आसाराम बापू ने बुधवार को कहा कि विदेशी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) धन का इस्तेमाल करके मीडिया के जरिये उन्हें तथा देश के अन्य संत-महात्माओं को बदनाम करने की मुहिम चला रहे हैं.
आसाराम ने बलिया में अपने एक कार्यक्रम से इतर संवाद्दाताओं से बातचीत में किसी का नाम लिये बगैर कहा कि विदेशी एनजीओ के धन के लालच में आकर मीडिया संत-महात्माओं के बारे में अनर्गल बातें फैला रहा है. यह उन संगठनों का हिन्दू संस्कृति तथा संतों को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है.
प्रवचनकर्ता आसाराम बापू ने बुधवार को कहा कि विदेशी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) धन का इस्तेमाल करके मीडिया के जरिये उन्हें तथा देश के अन्य संत-महात्माओं को बदनाम करने की मुहिम चला रहे हैं.
आसाराम ने बलिया में अपने एक कार्यक्रम से इतर संवाद्दाताओं से बातचीत में किसी का नाम लिये बगैर कहा कि विदेशी एनजीओ के धन के लालच में आकर मीडिया संत-महात्माओं के बारे में अनर्गल बातें फैला रहा है. यह उन संगठनों का हिन्दू संस्कृति तथा संतों को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है.
मोदी की 5 चियर गर्ल्स
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन-ब-दिन
लोकप्रिय होते जा रहे हैं। लोकप्रियता के साथ ही मोदी का उत्साह भी बढ़ता
जा रहा है। मोदी के बढ़ते उत्साह के पीछे भाजपा की पांच महिला नेत्रियां
हैं, जो हर वक्त उनका बचाव करने के लिए खड़ी हो जाती हैं।
इनमें सबसे पहला नाम आता है स्मृति ईरानी का, जो गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। भाजपा में आने से पहले स्मृति टीवी धारावाहिकों में काम करती थीं। वह टीवी सीरियल 'सास भी कभी बहू थी' से मशहूर हुईं। स्मृति हमेशा टीवी कार्यक्रमों में मोदी का बचाव करते हुए नजर आती हैं।
इनमें सबसे पहला नाम आता है स्मृति ईरानी का, जो गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं। भाजपा में आने से पहले स्मृति टीवी धारावाहिकों में काम करती थीं। वह टीवी सीरियल 'सास भी कभी बहू थी' से मशहूर हुईं। स्मृति हमेशा टीवी कार्यक्रमों में मोदी का बचाव करते हुए नजर आती हैं।
शनिवार, 16 फ़रवरी 2013
Exclusive Interview:हथिनी कुण्ड में बंधक है यमुना: जयकृष्णदास
01 मार्च को लाखों लोगों के साथ मथुरा से दिल्ली
कूच करने जा रहे संत जयकृष्ण दास ने कहा कि अब कोर्ट के आदेश-निर्देशों
पर अमल करने व कराने का समय बीत चुका, अब तो यमुना को मुक्त करने से कम की
किसी बात पर भरोसा नहीं किया जायेगा।
(लीजेण्ड न्यूज़ विशेष)
हमारा आंदोलन हथिनी कुण्ड में बंधक बनाकर रखी गई यमुना को मुक्त कराने के लिए है, न कि उससे आगे दिल्ली की गंदगी से पैदा हुई उस नई यमुना के लिए जो यमुना का भ्रम कराती है और जिसे प्रदूषण मुक्त कराने के नाम पर अब तक धोखा दिया जाता रहा है।
यह कहना है यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट राकेश यादव का।
'लीजेण्ड न्यूज़' से हुई विशेष भेंट वार्ता में संत जयकृष्ण दास ने कहा कि हथिनी कुण्ड से आगे जब यमुना का एक बूंद जल प्रवाहित नहीं हो रहा तो फिर यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने की बात बेमानी है।
उन्होंने कहा कि अब तक नाले को प्रदूषण मुक्त कराने के नाम पर हजारों करोड़ रुपया बर्बाद किया जा चुका है इसलिए यमुना रक्षक दल अब प्रदूषण मुक्ति की नहीं, यमुना को मुक्त कराने की लड़ाई लड़ने जा रहा है। जब यमुना मुक्त हो जायेगी, तब उसे प्रदूषण रहित रखने का पुख्ता बंदोबस्त किया जायेगा।
(लीजेण्ड न्यूज़ विशेष)
हमारा आंदोलन हथिनी कुण्ड में बंधक बनाकर रखी गई यमुना को मुक्त कराने के लिए है, न कि उससे आगे दिल्ली की गंदगी से पैदा हुई उस नई यमुना के लिए जो यमुना का भ्रम कराती है और जिसे प्रदूषण मुक्त कराने के नाम पर अब तक धोखा दिया जाता रहा है।
यह कहना है यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट राकेश यादव का।
'लीजेण्ड न्यूज़' से हुई विशेष भेंट वार्ता में संत जयकृष्ण दास ने कहा कि हथिनी कुण्ड से आगे जब यमुना का एक बूंद जल प्रवाहित नहीं हो रहा तो फिर यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने की बात बेमानी है।
उन्होंने कहा कि अब तक नाले को प्रदूषण मुक्त कराने के नाम पर हजारों करोड़ रुपया बर्बाद किया जा चुका है इसलिए यमुना रक्षक दल अब प्रदूषण मुक्ति की नहीं, यमुना को मुक्त कराने की लड़ाई लड़ने जा रहा है। जब यमुना मुक्त हो जायेगी, तब उसे प्रदूषण रहित रखने का पुख्ता बंदोबस्त किया जायेगा।
शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013
हर दिन यमुना में गिरती 35 करोड़ ली. गंदगी
यमुनोत्री से अमृत धारा की तरह बहने वाली यमुना
ब्रज में पहुंचते-पहुंचते विषधारा बन जाती है। इसमें देश की राजधानी दिल्ली
की बड़ी भूमिका है। अकेले दिल्ली ही 17 विशाल नालों के माध्यम से यमुना
में प्रतिदिन 35 करोड़ लीटर गंदा पानी उड़ेल रही है।
कालिंदी की दुर्गति में इसे मां की तरह पूजने वाले ब्रजवासियों की भी भागीदारी है।
मथुरा और वृंदावन से दो दर्जन छोटे-बड़े नाले इसमें गिराए जा रहे हैं। हथिनी कुंड से कान्हा की नगरी तक 350 किलोमीटर का सफर तय करने वाली पतित पावनी यमुना करीब एक सैंकड़ा विशालकाय नालों का दंश झेल रही है।
कालिंदी की दुर्गति में इसे मां की तरह पूजने वाले ब्रजवासियों की भी भागीदारी है।
मथुरा और वृंदावन से दो दर्जन छोटे-बड़े नाले इसमें गिराए जा रहे हैं। हथिनी कुंड से कान्हा की नगरी तक 350 किलोमीटर का सफर तय करने वाली पतित पावनी यमुना करीब एक सैंकड़ा विशालकाय नालों का दंश झेल रही है।
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