बुधवार, 25 सितंबर 2013

RSS प्रमुख भागवत को फंसाने के षड्यंत्र का खुलासा

सन् 2007 में हुए अजमेर बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपियों में से एक भावेश पटेल ने केंद्रीय मंत्रियों, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। भावेश ने सीबीआई कोर्ट को चिट्ठी लिखकर बताया है कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, गृह राज्यमंत्री आर. पी. एन. सिंह और दिग्विजय सिंह ने उस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार को अजमेर ब्लास्ट में फंसाने के लिए दबाव डाला था।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस साल मार्च में गिरफ्तार किए गए पटेल ने कोर्ट को दिए आवेदन में आरोप लगाया है,

मंगलवार, 24 सितंबर 2013

जम्‍मू-कश्‍मीर के कुछ मंत्रियों को सेना देती है पैसा

जम्मू-कश्मीर में तख्तापलट की साजिश के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आर्मी प्रमुख जनरल वी. के. सिंह द्वारा दिए गए एक बयान पर फिर हंगामा खड़ा हो गया है। जनरल सिंह ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर में हालात 'स्टेबल' बनाए रखने के लिए के लिए सेना वहां के कुछ मंत्रियों को निश्चित रकम देती है और यह आजादी के समय से ही चला आ रहा है।
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वीके सिंह के बयान को खारिज कर दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि देश और खासकर सेना के लिए यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूर्व सेना प्रमुख इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनरल वीके सिंह शुरू से ही उमर सरकार विरोधी थे। उन्होंने कश्मीर में एक राजनीतिक पार्टी से गठजोड़ कर राज्य सरकार के खिलाफ लगातार कार्य किया। राणा ने सच सामने लाने के लिए न्यायिक या सीबीआई जांच करवाने की मांग की।

शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

खेल संघों की गुलामी कर रहे हैं खिलाड़ी

ओलंपिक पदक जीतने वाले देश के पहले निशानेबाज राज्यवर्द्धन राठौड़ ने खेल महासंघों पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि खिलाड़ी इन महासंघों की गुलामी कर रहे हैं। राठौड ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खेल प्रकोष्ठ द्वारा पार्टी मुख्यालय पर आयोजित सम्मान समारोह में खेल महासंघों की कड़ी आलोचना की।
इस समारोह में खेल प्रकोष्ठ ने दिग्गज खिलाडियों और कोचों को सम्मानित किया गया। हाल ही भाजपा में शामिल हुए एथेंस ओलंपिक के रजत विजेता राठौड़ ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक अशोक अग्रवाल की मौजूदगी में कहा, "खिलाडियों का हाल तो खिलाड़ी ही जानते हैं। देश को आजाद हुए कई दशक बीत गए हैं लेकिन खिलाडियों का हाल आज भी गुलामों जैसा है। खिलाड़ी खेल संघों के गुलाम हैं।"

मंगलवार, 17 सितंबर 2013

30 दिन में बदलवाएं यह विज्ञापन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वह एक कंपनी के कंडोम कवर पर महिला के कथित अश्लील चित्रण की शिकायत की जांच करे और 30 दिन में उसे बदलवा दें। इंदर सेन दुआ ने हेल्थ केयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी के मालिक के खिलाफ शिकायत की थी।
इस कंपनी की नोएडा और मथुरा में फैक्ट्रियां हैं। शिकायत में दुआ ने आरोप लगाया था कि कंपनी कंडोम के रैपर्स पर महिला के अश्लील और पोर्नोग्राफिक चित्रों का प्रयोग कर रही है। कंपनी इन्हें दिल्ली सहित देश भर में बेच रही है। शिकायत मिलने पर महिला आयोग ने कंपनी के मालिक को तलब किया।
कंपनी मालिक के वकील ने आयोग को बताया कि प्रोडक्ट की पैकिंग में इस्तेमाल किए गए चित्रों को बदल दिया गया है। इस पर महिला आयोग की एक सदस्य ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को मामले की जांच करने को कहा। पुलिस कमिश्नर से कहा गया है कि अगर संज्ञेय अपराध है तो कंपनी के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
महिला आयोग ने पुलिस से 30 दिन में कंडोम के रैपर्स को बदलवाने के लिए कहा गया। महिला के अश्लील चित्रण(प्रतिबंधित)एक्ट 1986 में प्रकाशन, प्रदर्शनी, पुस्तक, पैम्पलेट, फिल्म फोटोग्राफ में महिला का किसी भी रूप में अश्लील चित्रण प्रतिबंधित है।

मंत्रीजी बोले, भंवरी जैसा हाल कर देंगे

राजस्थान के एक और मंत्री पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाली महिला जयपुर की रहने वाली है। जयपुर की एक अदालत ने उसकी ओर से दायर परिवाद पर पुलिस को सोढ़ाला थाने में मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा है। पीड़िता ने 13 सितंबर को कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
पीड़िता ने बताया कि राजस्थान के सरकार के इस मंत्री ने 11 सितम्बर को उसे दोपहर ढाई बजे फोन कर अपने घर बुलाया। उसी दिन शाम करीब पांच बजे वहां पहुंची तो मंत्री ने उसे अच्छी नौकरी लगवाने का लालच दिया। साथ ही उसके रिश्तेदार को भी अच्छी नौकरी दिलाने का वादा किया।
कुछ देर बाद मंत्री कमरे में चला गया और पीड़िता को कमरे में बुलाया। मंत्री ने पीड़िता के जबरन कपड़े उतारे और दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के विरोध करने पर मंत्री ने धमकी दी कि तुम्हारा हाल भी भंवरी देवी जैसा कर दिया जाएगा। मंत्री ने पीड़िता के बेटे की हत्या करने की भी धमकी दी।
इस पर पीड़िता कोर्ट पहुंची और मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करवाने का आदेश देने की गुहार लगाई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या 9 की अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156/3 के तहत मुकद्दमा दर्ज करने के लिए मामला सोढ़ाला थाने भिजवाया है।
इधर, मामले पर बाबूलाल नागर की खुली प्रतिक्रया अब तक नहीं आई लेकिन जानकार सूत्रों के अनुसार उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह मंत्री पहले भी काफी विवादों में घिरे रहे हैं। जिसके चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इनका विभाग बदल दिया था।

CAG ने BSP को किया बेपर्दा: सैकड़ों करोड़ के घोटाले खोले

लखनऊ। मुजफ्फरनगर दंगों पर चारों तरफ‌ से ‌घिरी अखिलेश सरकार को आज एक बड़ी राहत भरी खबर मिली है। आज भले ही विधानसभा स्‍थगित कर दी गई हो, लेकिन सदन में एकसाथ पेश हुईं कई रिपोर्ट्स ने मायावती के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। खबर है कि बसपा सरकार में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान सिर्फ बिजली खरीद और वितरण में ही सामने आ रहा है।
कैग रिपोर्ट के ‌मुताबिक, बसपा राज में घपलों के कारण चर्चित रहने वाली यूपी राज्य औद्योगिक वि‌कास निगम लिमिटेड का 175 करोड़ का एक और घोटाला सामने आया है।
विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट से खुलासा हुआ है ‌कि निगम ने 8 ग्रुप हाउसिंग प्लॉट और 34 कॉम‌र्शियल प्लाट को अपने द्वारा तय सिस्टम के खिलाफ जाकर ही बांट दिया।
कैग की रिपोर्ट कहती है कि अफसरों कि इस उदारता से यूपीएसआईडीसी को बाजार मूल्य पर 152 करोड़ और सर्किल रेट पर 24.‍5 करोड़ रुपये का अलग से नुकसान हुआ। यह प्लॉट नोएडा में बांटे गए।

शनिवार, 14 सितंबर 2013

कौन होगा मथुरा का 'मोदी' ?

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष) तमाम जद्दोजहद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने नरेन्‍द्र मोदी के सिर प्रधानमंत्री पद की उम्‍मीदवारी का सेहरा अंतत: बांध दिया। एक बड़ा चैप्‍टर क्‍लोज हो गया लेकिन लोकसभा चुनावों के मद्देनजर इससे कई नए चैप्‍टर खुल गए।
देश-दुनिया और पक्ष-विपक्ष की बात किनारे करके अगर बात करें सिर्फ कृष्‍ण नगरी की, तो मोदी के गुजरात का यहां से गहरा नाता जो है। कुछ वैसा ही जैसा कृष्‍ण का द्वारिका से और द्वारिकाधीश का मथुरा से। जाहिर है कि इस रिश्‍ते का प्रभाव मथुरा की राजनीति को भी अवश्‍य प्रभावित करेगा।
राजनीति के सिरमौर श्रीकृष्‍ण की इस जन्‍मभूमि का उत्‍तर प्रदेश की राजनीति में वही स्‍थान है जो देश की राजनीति में उत्‍तर प्रदेश का।
किसी भी चुनाव में यहां होने वाली हार-जीत का असर समूचे राजनीतिक परिदृश्‍य पर साफ दिखाई देता है।
ऐसे में महत्‍वपूर्ण हो जाता है यह प्रश्‍न कि मथुरा में लोकसभा की उम्‍मीदवारी का सेहरा किसके सिर बंधेगा....... यानि कौन होगा मथुरा का मोदी?

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