नई दिल्ली
चाहे पूर्व केंद्रीय मंत्री हो, या कलाकार, पत्रकार या पूर्व अधिकारी या फिर मौजूदा अधिकारी, पात्रता खत्म हो जाने के बावजूद सरकारी बंगले या मकान का मोह नहीं छोड़ पा रहे. सूचना के अधिकार के तहत केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने 36 ऐसे पूर्व मंत्रियों की सूची जारी की है, जो मंत्री के तौर पर आवंटित बंगले में ही डटे हुए हैं. इस सूची में किसी एक पार्टी के नेता का नहीं, बल्कि कई पार्टियों के नेता शामिल हैं.
मंत्रालय की ओर से जारी सूची में लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अंबिका सोनी, अजय माकन, सी.पी. जोशी, शरद यादव, रविशंकर प्रसाद, यशवंत सिन्हा, पवन कुमार बंसल, सुबोध कांत सहाय, दयानिधि मारन, ए. राजा, मुरली मनोहर जोशी, मुकुल वासनिक, रघुवंश प्रसाद सिंह, एस.एम. कृष्णा, एम.एस. गिल, दिनेश त्रिवेदी, डा. कर्ण सिंह, सैफुद्दीन सोज सरीखे नेताओं के नाम शामिल हैं.
चाहे पूर्व केंद्रीय मंत्री हो, या कलाकार, पत्रकार या पूर्व अधिकारी या फिर मौजूदा अधिकारी, पात्रता खत्म हो जाने के बावजूद सरकारी बंगले या मकान का मोह नहीं छोड़ पा रहे. सूचना के अधिकार के तहत केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने 36 ऐसे पूर्व मंत्रियों की सूची जारी की है, जो मंत्री के तौर पर आवंटित बंगले में ही डटे हुए हैं. इस सूची में किसी एक पार्टी के नेता का नहीं, बल्कि कई पार्टियों के नेता शामिल हैं.
मंत्रालय की ओर से जारी सूची में लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अंबिका सोनी, अजय माकन, सी.पी. जोशी, शरद यादव, रविशंकर प्रसाद, यशवंत सिन्हा, पवन कुमार बंसल, सुबोध कांत सहाय, दयानिधि मारन, ए. राजा, मुरली मनोहर जोशी, मुकुल वासनिक, रघुवंश प्रसाद सिंह, एस.एम. कृष्णा, एम.एस. गिल, दिनेश त्रिवेदी, डा. कर्ण सिंह, सैफुद्दीन सोज सरीखे नेताओं के नाम शामिल हैं.


