शनिवार, 1 जून 2013

सण्‍डे: ''जजमेंट डे''

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन को पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं तथा कथित तौर पर बोर्ड के पांच उपाध्यक्षों ने श्रीनिवासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह इस पद से इस्तीफा दें नहीं तो अन्य शीर्ष अधिकारी बोर्ड से इस्तीफा दे देंगे।
श्रीनिवासन पर इस्तीफे के चौतरफा दबाव के बीच बोर्ड की आपात बैठक आठ जून के बजाय अब रविवार को चेन्नई में आयोजित की जाएगी।

स्पॉट फिक्सिंग मामले में लुकआउट नोटिस जारी

नई दिल्ली। पुलिस ने तीन सटोरियों पवन, शोभन और संजय के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। दोनों के देश से बाहर भाग जाने का शक होने के बाद यह नोटिस जारी किया गया।
बताया जाता है कि दोनों सटोरियों को देश से बाहर भगाए जाने में विंदू दारासिंह रंधावा का हाथ है।
उल्लेखनीय है कि रऊफ 21 मई को भारत से चला गया था। उसी दिन क्रिकेट के सट्टेबाजी घोटाले के सिलसिले में फिल्म अभिनेता विंदू दारासिंह रंधावा को गिरफ्तार किया गया था।
इस बीच, मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि रऊफ विंदू और दो फरार सटोरिए (संजय और पवन जयपुर) के साथ लगातार संपर्क में था।(एजेंसी)

10 मिनट का रास्‍ता, 3 घंटे में पहुंची पुलिस

नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर हुए नक्सली हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में पाया है कि स्थानीय पुलिस हमले के तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची।
छत्तीसगढ़ में 25 मई को हुए हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 28 लोग मारे गए।
एक समाचार पत्र के मुताबिक एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि नक्सलियों से लड़ने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त हथियार नहीं थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में एनआईए ने इस बात का उल्लेख किया है कि

शुक्रवार, 31 मई 2013

27 बड़े नेता नक्सलियों के निशाने पर

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित 27 बड़े नेता नक्सलियों के निशाने पर हैं.
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस काफिले पर हमले के बाद नक्सलियों के हौसले बुलंद हैं. एक हजार नक्सली कैडर समेत टॉप कमाण्डरों की बैठक हुई है.
बैठक सरांडा के जंगलों में हुई थी. यह जगह झारखण्ड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर है. पांच घंटे तक चली बैठक में भविष्य में बड़े हमलों की योजना बनाई गई. इसमें देश के बड़े नेताओं की हिट लिस्ट तैयार की गई.

गुरुवार, 30 मई 2013

पूर्व विधायक भैया राजा सहित 4 को उम्रकैद

भोपाल। पिछले साढ़े 4 साल से सुर्खियों में रहे वसुंधरा हत्याकांड में आरोपी पूर्व भाजपा विधायक और मध्यप्रदेश के बाहुबली नेताओं में शुमार अशोक वीर विक्रम सिंह उर्फ भैया राजा को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।
इस मामले में तीन अन्य आरोपियों पंकज शुक्ला, भैया राजा के नौकर अभिमन्यु और ड्राइवर हल्के उर्फ भूपेंद्र को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।
कोर्ट ने भैया राजा की भतीजी रमती बाई और नेहा को बाल संरक्षण गृह भेजने के आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है 11 दिसंबर 2009 को मिसरोद इलाके के गुडारी घाट में फैशन डिजाइनिंग की छात्रा वसुंधरा की लाश मिली थी। पुलिस ने इस मामले में 18 मार्च 2010 को जिला अदालत में चालान पेश किया था।
वसुंधरा की मां भारती ने कोर्ट को बताया था कि उनकी बेटी पर भैया राजा की बुरी नजर थी। इसे देखते हुए उन्होंने वसुंधरा को भोपाल पढ़ने भेजा था। भैया राजा पर आरोप था कि उन्होंने वसुंधरा के साथ जबर्दस्ती संबंध बनाए और इंदौर में उसका गर्भपात भी कराया।
एडीजे संजीव कालगांवकर की कोर्ट ने सुबह 11.30 बजे ये सजा सुनाई। रिंपी उर्फ रोहिणी को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया।
इस बहुचर्चित वसुंधरा हत्याकांड में फैसले के मद्देनजर आज सुबह से ही कोर्ट परिसर को छावनी बना दिया गया था। यहां हर आने जाने वाले की तलाश ली जा रही थी। जिस कोर्ट में फैसला सुनाया जा रहा था, वहां पूरे गलियारे में किसी को नहीं जाने दिया जा रहा था। जैसे ही मजिस्ट्रेट ने भैया राजा व अन्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, भैया राजा मायूस हो गए। कोर्ट रूम के बाहर बैठे उनके परिजन भी निराश हो गए। वे देर तक रोते रहे।
हालांकि जब भैया राजा कोर्ट रूम से बाहर आए तो उनके चेहरे पर शिकन नहीं दिखी। वे हाथ उठाकर अपने समर्थकों का इस्तकबाल करते देखे गए। फैसले के तुरंत बाद भैया राजा की पत्नी व भाजपा विधायक आशारानी सिंह भी कोर्ट से बाहर निकल गई। उन्होंने इस दौरान मीडिया से भी बातचीत करने से इंकार कर दिया।(एजेंसी)

बुधवार, 29 मई 2013

अहमद पटेल की शह पर हथियाये जा रहे हैं करबला

लखनऊ। वरिष्ठ इस्लामी धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा है कि केन्द्र सरकार दिल्ली में जोरबाग़ स्थित शाहे मरदां की ज़मीन वापिस पाने के लिए आवाज़ उठा रहे बेगुनाह नौजवानों को गिरफ्तार करने पर तुली है जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए देश भर में बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाया जाएगा।
लखनऊ स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि चेहल्‍लुम के मौक़े पर पुलिस ने करबला जोरबाग़ आए श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज और फायरिंग करके अपनी बरबरियत का सबूत दिया था जिसमें बहुत सी महिलाएं और बच्चे ज़ख़्मी हुए थे। दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने की जगह सरकार ने मौलाना कासिम अब्बास, कल्कत्ता से आए मौलाना अतहर अब्बास, वक्फ सेकेटरी बहादुर अब्बास नकवी समेत कई श्रद्धालुओं के खिलाफ झूठी एफ आई आर दर्ज की थी।

जहां सुपरिटेंडेंट जेल में और कैदी रहते हैं बाहर

नई दिल्ली । आज से करीब 14 महीने पहले सीआरपीएफ की स्पेशल फोर्स 'कोबरा' और छत्तीसगढ़ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के जवानों ने 7 दिनों तक नक्सलियों के 'गढ़' माने जाने वाले दक्षिणी छत्तीसगढ़ के 'अबूझमाड़' के जंगलों में 'ऑपरेशन हक्का' चलाया था।
अबूझमाड़ का गोंडी बोली में मतलब 'अनजान पहाड़' होता है और स्थानीय मुरिया बोली में हक्का का मतलब 'जंगली जानवरों का शिकार' होता है। अबूझमाड़ को लोग नक्सलियों का गढ़ कहते हैं।
माना जाता है कि इस इलाके में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है और यहां सिर्फ नक्सलियों की हुकूमत चलती है। इस बात को पुलिस के आला अफसर भी दबी जुबान से स्‍वीकारते हैं।
विवादास्‍पद लेखिका अरुंधति रॉय के शब्दों में, 'यह एक ऐसा इलाका है, जहां नक्सली वर्दी में घूमते हैं और पुलिस वाले बिना वर्दी के। जेल सुपरिटेंडेंट जेल के भीतर और जेल में रहने वाले कैदी बाहर।' छत्तीसगढ़ में जेल ब्रेक कर कई बार नक्सलियों ने अपने साथियों को आजाद कराया है। बस्तर डिवीजन से होकर बहने वाली इंद्रावती नदी के पार दक्षिण की तरफ मीलों में फैले अबूझमाड़ के पहाड़ों और जंगलों को स्थानीय पुलिसकर्मी 'पाकिस्तान' कहते हैं।
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