सोमवार, 22 जुलाई 2013

शकील और मसूद तो ''प्‍यादे'' हैं..

cover story
पहले तो कांग्रेसी नेता शकील अहमद ने कहा कि आतंकवादी संगठन इंडियन मुज़ाहिदीन का गठन 2002 में हुए गुजरात दंगों की देन है। अब दूसरे कांग्रेसी नेता रशीद मसूद ने कहा है कि गुजरात में मुसलमान खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं और जब उन्हें खतरा महसूस होता है तो वे आतंकवाद की ओर कदम बढ़ाते हैं.

गुजरात दंगों के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है और उनके पीछे क्या कारण रहे, इसका फिलहाल ज़िक्र करना बेमानी है क्योंकि प्रथम तो सारा मामला अब तक कोर्ट में विचाराधीन है, दूसरे विपक्ष उस पर लगातार बोलता रहता है लिहाजा किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं रह जाती।
हां, शकील अहमद और रशीद मसूद जैसे कांग्रेसी नेता कुछ सवाल अवश्य खड़े करते हैं।
सबसे पहला और महत्वपूर्ण सवाल तो यही खड़ा होता है कि जिस अंदाज में तथा जो कुछ ये दोनों कांग्रेसी कह रहे हैं, क्या उसी अंदाज में किसी दूसरे समुदाय का कोई गैर कांग्रेसी नेता यह सब कह सकता है ?

शनिवार, 20 जुलाई 2013

रमन सिंह और उनके 4 मंत्रियों पर कांग्रेस ने गिराया CD बम

नई दिल्ली। नवंबर में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा धमाका हुआ है। कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ओर उनके चार वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों पर एक बैंक घोटाले के मामले में एक-एक करोड़ रुपए घूस लेने का आरोप लगाया है। यह मामला 2006 में रायपुर के इंदिरा प्रियदर्शिनी महिला नागरिक सहकारी बैंक का है, जिसमें 23 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला हुआ था।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और प्रदेश के कार्यक्रम समन्वयक भूपेश बघेल ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इस घोटाले के मुख्य अरोपियों में से एक बैंक मैनेजर उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट की सीडी जारी की है।
बैंक मैनेजर उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट वीडियो में उन्हें मुख्यमंत्री रमन सिंह और कैबिनेट के चार वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत, रामविचार नेताम के अलावा तत्कालीन डीजीपी ओ पी राठौड़ को एक-एक करोड़ रुपए देने की बात कहते देखा-सुना जा सकता है।

मेडिकल कॉलेजों पर छापे में मिली करोड़ों की काली कमाई

गाजियाबाद। गाजियाबाद के संतोष मेडिकल और डेंटल कॉलेज में मारे गए आईटी छापे से पता चला है कि दाखिले के नाम पर करोड़ों की काली कमाई का धंधा जारी हैं. सरकारी सख्ती के बावजूद एडमिशन के लिए रकम ऐंठने का धंधा जारी है. इसी सिलसिले में आयकर विभाग के अधिकारियों ने गाजियाबाद, बंगलुरु और गुलबर्गा में कई शिक्षण संस्थानों पर छापे मारे.
गाजियाबाद के संतोष मेडिकल और डेंटल कॉलेज में मारे गए छापे में 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के कैपिटेशन फीस लेने के सबूत मिले हैं.
कर्नाटक में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित कई संस्थान चलाने वाले हैदराबाद कर्नाटक एजुकेशन सोसाइटी के दफ्तर में भी छापा पड़ा है.
ये छापे सुप्रीम कोर्ट की ओर से मेडिकल कॉलेजों के लिए एकल प्रवेश परीक्षा पर रोक लगाने के बाद मारे गए हैं.

फूड सीक्‍यूरिटी बिल पर कांग्रेस-सपा में डील फाइनल

नई दिल्ली। खबरें मिल रही हैं कि खाद्य सुरक्षा बिल संसद में पास करवाने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह के बीच डील फाइनल हो गई है। इस बिल का अब तक विरोध कर रही सपा ने यू-टर्न लेते हुए अब इसका समर्थन करने का फैसला किया है।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस ने इसके बदले में सीबीआई के मुलायम सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामसे में क्लोजर रिपोर्ट लगाने का भरोसा दिया है।
इन खबरों के बीच यह भी उल्लेखनीय है कि केंद्र ने एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश की आर्थिक सहायता बीस फीसदी बढ़ा दी है। मुलायम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी का कहना है कि कांग्रेस के एक बडे़ नेता ने उन्हें बताया है कि सीबीआई इस केस में अब क्लोजर रिपोर्ट फाइल करने जा रही है।

गुरुवार, 18 जुलाई 2013

''भक्‍तों'' से भयभीत ''भगवान''

(लीजेण्ड न्यूज़ विशेष)
कोई माने या ना माने लेकिन पूरी तरह सच है यह बात कि आज के इंसान से भगवान भी खौफ खाने लगा है।
भक्तों से भगवान के भयभीत होने का नजारा अगर देखना हो तो आज यानि 18 जुलाई से अगले चार-पांच दिनों तक किसी भी दिन मथुरा आकर देखा जा सकता है।
मथुरा से 21 किलोमीटर दूर अरावली पर्वत श्रृंखला के गिरि गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा यूं तो वर्षभर जारी रहती है लेकिन गुरू पूर्णिमा के अवसर पर यहां आने वालों की तादाद लाखों में हो जाती है। शायद इसीलिए स्थानीय लोग इसे लक्खी मेला भी कहते हैं।
इस मेले के शांतिपूर्ण संपन्न हो जाने की प्रार्थना हर कोई करता है क्योंकि भीड़ का दबाव अप्रत्याशित घटना-दुर्घटनाओं को पल-पल आमंत्रित करता रहता है।
भक्तों की यही भीड़ भगवान को भी भयभीत किये रहती है।

बुधवार, 17 जुलाई 2013

इस घिनौने और वीभत्‍स चेहरे से आगे क्‍या...

(लीजेण्ड न्यूज़ विशेष)
क्या भारतीय राजनीति का इससे भी अधिक घिनौना, वीभत्स और क्षत-विक्षत चेहरा दिखाई देना बाकी है या गिरावट की इंतिहा के बाद कोई ऐसा सवेरा आने वाला है जो सही मायनों में स्वतंत्रता एवं लोकतंत्र का अहसास करायेगा?
कुछ ऐसी ही शंका और आशंकाओं के बीच देश का आम नागरिक आज उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है क्योंकि उसके पास उम्मीद रखने के अलावा कुछ बचा ही नहीं है।

उत्तराखंड की त्रासदी हजारों परिवारों को ऐसे जख्म दे गई जिनका भरा जाना आसान नहीं है लेकिन हमारे नेता आरोप-प्रत्यारोपों की राजनीति से ऊपर नहीं उठे। देवभूमि देखते-देखते श्मशानभूमि में तब्दील हो गई पर नेताओं को चिता ज्ञान नहीं हुआ।
भ्रष्टाचार ने देश को पूरी तरह खोखला करके रख दिया और जैसी भी तथा जितनी साख अब तक  सारी दुनिया में बनी थी, वह मिट्टी में मिला दी परंतु नेताओं के आचार-विचारों में रत्तीभर फर्क नजर नहीं आया। उनका सामंती व्यवहार भी जस का तस है।
रुपया रसातल में पहुंच गया और उसके उबरने की संभावना सरकार के अतिरिक्त किसी को नजर नहीं आ रही लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी है।
चीन और पाकिस्तान ही नहीं, बांग्लादेश व नेपाल सरीखे छोटे-छोटे मुल्क जब-तब हमारे सामने आंखें तरेर देते हैं लेकिन सत्ता पर काबिज लोग उनका स्तुति गान करने के अलावा कुछ नहीं करते। जब इज्जत पर बन आती है तब मान-मर्यादा बचाने के लिए कुछ इस अंदाज में घुड़की देते हैं जो उन तक पहुंचते-पहुंचते मिमियाहट में बदल जाती है।

मंगलवार, 16 जुलाई 2013

नष्‍ट हो जायेंगे भारत के नेता!

भारत में आज तक होने वाले सभी शासकों की वंशावली का उल्लेख पुराणों के अंदर मिलता है। पुराणकार पुराणों की भविष्यवाणियों का अलग-अलग अर्थ निकालते हैं। यहां प्रस्तुत हैं भागवत पुराण में दर्ज भविष्यवाणी के अंश।
अपनी तुच्छ बुद्धि को ही शाश्वत समझकर कुछ मूर्ख ईश्वर की तथा धर्मग्रंथों की प्रामाणिकता मांगने का दुस्साहस करेंगे, इसका अर्थ होगा कि उनके पाप जोर मार रहे हैं।
ज्यों-ज्यों घोर कलयुग आता जाएगा त्यों-त्यों सौराष्ट्र, अवंति, अधीर, शूर, अर्बुद और मालव देश के ब्राह्मणगण संस्कारशून्य हो जाएंगे तथा राजा लोग भी शूद्रतुल्य हो जाएंगे।

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