गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012

विकलांगों का भी पैसा डकार गए कानून मंत्री

फर्रुखाबाद से सांसद एवं देश के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जालसाजी का बड़ा आरोप लगा है। आज तक न्यूज़ चैनल के स्टिंग आपरेशन के मुताबिक, कानून मंत्री के ट्रस्ट डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को साल 2010 और 2011 में 1.39 करोड़ रुपए का सरकारी अनुदान मिला, जिसे फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के सहारे हड़प लिया गया है। केंद्र सरकार से मिला यह अनुदान विकलांगों को ट्राई साइकिल, बैसाखी और सुनने की मशीन मुहैया कराने के लिए था।
इस मसले पर कानून मंत्री सहित कांग्रेस का कोई पदाधिकारी सामने नहीं आ रहा है। हालांकि कानून मंत्री ने चिट्ठी लिखकर सफाई दी है।

रविवार, 7 अक्टूबर 2012

फट चुका है लोकतंत्र का ढोल

प्रसिद्ध शायर बालस्‍वरूप राही का एक शेर कुछ यूं है-
आबरू क्‍यों किसी की लुट जाए ।
 देश है ये, कोई हरम तो नहीं ।।

लेकिन जब देश की ही आबरू दांव पर लगी हो तो क्‍या कहेंगे, क्‍या करेंगे?
क्‍या तमाशबीन बने रहेंगे सदा की तरह, या भांड़ों की उस जमात का हिस्‍सा बन जायेंगे जो अपने बुद्धि व विवेक को कभी किसी राजनीतिक दल के लिए गिरवीं रख देती है और कभी उसके सुप्रीमो की चापलूसी को ही सब-कुछ समझती है।
इस माह अगस्‍त में देश को स्‍वतंत्र हुए पूरे 65 साल हो गये। इन पैंसठ सालों में आम आदमी को न तो सम्‍मानपूर्वक जीने का हक मिला और न जरूरतें पूरी करने लायक रोजी-रोजगार। कानून की किताबें लगता है जैसे सामर्थ्‍यवानों की हिफाजत के लिए लिखी गई हैं और संविधान में दर्ज आम आदमी के अधिकार की बातें किस्‍से-कहानियां बन चुकी हैं।

हम हो रहे कंगाल लेकिन विधायक मालामाल

आम आदमी बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। हर महीने मिलने वाले वेतन से परिवार का खर्चा चलाना आम आदमी के लिए मुश्किल हो रहा है लेकिन उसी आम आदमी की ओर से चुने जाने वाले जन प्रतिनिधि दिन-ब-दिन माला माला होते जा रहे हैं। दस राज्यों के 1 हजार 75 विधायकों की इनकम के आंकलन के मुताबिक एक विधायक के घर की इनकम आम आदमी के पांच सदस्यों के परिवार की इनकम से कहीं ज्यादा है।
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म के मुताबिक आम आदमी और विधायक की इनकम में सबसे ज्यादा अंतर उत्तर प्रदेश में है। विधायक और उसके परिवार की सालाना औसत इनकम 14.6 लाख है। सामान्य परिवार की औसत आय से यह 10 गुना ज्यादा है। सामान्य व्यक्ति की सालाना औसत आय 1.3 लाख है। यूपी के अलावा पंजाब,असम और तमिलनाडु में भी विधायकों और आम आदमी की इनकम में जबरदस्त फर्क देखा गया है।

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2012

कहीं मार तो नहीं दिया प्रकाशानंद ?

यौन उत्‍पीड़न के 20 मामलों में टेक्सास की हेज काउन्टी ज्यूरी से 18 महीने पहले 14 वर्ष की सजा प्राप्‍त होने के बाद फरार हुए तथाकथित धार्मिक गुरू प्रकाशानंद सरस्‍वती के बारे में अमेरिका के संघीय अधिकारी इस आशय का अनुमान लगा रहे हैं कि वह अपने धार्मिक अनुयायियों की मदद से भारत भाग आया है। उनका यह अनुमान काफी हद तक ठीक भी है लेकिन 'लीजेण्‍ड न्‍यूज़' ने जब इस बावत और पड़ताल की तो चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
कभी स्‍वामी प्रकाशानंद सरस्‍वती के नजदीक रहे सूत्रों पर भरोसा करें तो यह भी संभव है कि उसकी हत्‍या कर दी गई हो।
इन सूत्रों के मुताबिक जब मार्च 2011 के दौरान टेक्सास में प्रकाशानंद पर एक के बाद एक यौन उत्‍पीड़न के 20 आरोप लगाये गये तो उनसे जुड़ी वृंदावन व मथुरा की धार्मिक संस्‍थाओं के संचालक काफी परेशान हो गये थे। इन लोगों ने तभी से प्रकाशानंद को लेकर षड्यंत्र बना लिया था और उसके अनुसार योजना पर अमल करते रहे।

रविवार, 30 सितंबर 2012

कांग्रेस का मकसद कोलगेट से ध्‍यान हटाना था: पवार

chalo der se hi sahi...
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस पर जमकर गुस्सा उतारा.
महाराष्ट्र में सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए एनसीपी नेता अजीत पवार ने रविवार को कहा कि उनके खिलाफ उठाए गए अनियमितता के मामलों का उद्देश्य कोयला ब्लॉक घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाना था.

कोयला घोटाले में CVC को मिलीं कई और शिकायतें

how many stings ?......
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के समक्ष कोयला ब्लॉक आवंटन में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में भंडाफोड़ करने वालों (विसल ब्लोअर) और आम नागरिकों की ओर से कई ताजा शिकायतें आई हैं। इनमें से कुछ को सीबीआई के साथ साझा किया गया है।
सीवीसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कई शिकायतें मिली हैं और इनमें कुछ सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों पर आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

कृपालु महाराज के शिष्‍य प्रकाशानंद की अमेरिका को तलाश

जगद् गुरू कृपालु का शिष्‍य है प्रकाशानंद सरस्‍वती
यौन उत्‍पीड़न के 20 मामलों में सुनाई गई थी 14 साल की सजा
कृपालु महाराज का शिष्‍य है प्रकाशानंद सरस्‍वती
 ''द यूनीवर्सल सोसाइटी ऑफ स्‍प्रिचुअल लव'', ''द इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ डिवाइन लव'' जैसी ख़ालिस व्‍यावसायिक ''पंच लाइन'' के माध्‍यम से भारत सहित विश्‍व के तमाम सम्‍पन्‍न देशों में धर्म का धंधा करने वाले और खुद को पांचवां यानि अतिरिक्‍त जगद् गुरू शंकराचार्य घोषित कर चुके रामकृपालु त्रिपाठी उर्फ ''कृपालु महाराज'' के शिष्‍य ''स्‍वामी प्रकाशानंद सरस्‍वती'' की अमेरिका को तलाश है।
दरअसल दो युवा लड़कियों का यौन उत्‍पीड़न करने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद प्रकाशानंद अदालत को चकमा देकर भाग खड़ा हुआ। अमेरिका को शक है कि 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाये जाने के कारण यह 83 वर्षीय कथित आध्यात्मिक धर्मगुरू संभवत: भारत भाग गया है।

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