बुधवार, 22 मई 2013

फिक्सिंग में UPA के कुछ मंत्री भी !

जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्‍यम स्वामी ने बुधवार को कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार आईपीएल की स्पॉट फिक्सिंग सहित हाल में सामने आए हर घोटाले में शामिल है और इसमें लिप्त कुछ मंत्रियों के नाम उजागर होंगे।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि यूपीए के कुछ मंत्रियों का नाम आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में जल्द सामने आएगा।
यूपीए सरकार की मेहरबानी के बिना कोई घोटाला और कांड नहीं हो सकता। यूपीए के मंत्री कोलगेट, राष्ट्रमंडल खेल घोटाले और आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में शामिल रहे हैं। भारत के पड़ोसियों के बारे में स्वामी ने कहा कि चीन के साथ विवाद सिर्फ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओएसी) को चिन्हित करने को लेकर है जबकि पाकिस्तान के साथ विवाद कश्मीर पर दावेदारी को लेकर है।
स्वामी ने कहा, "हम कश्मीर के मसले पर एक इंच भी समझौता करने को तैयार नहीं है और पाकिस्तान के साथ बातचीत सिर्फ उसके द्वारा अनधिकृत तरीके से कब्जा किए गए कश्मीर के हिस्से पर केंद्रित होनी चाहिए। कश्मीर के मसले पर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जनमत संग्रह कराए जाने के वादे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नेहरू के समय में मंत्रिमंडल में जनमत संग्रह पर कोई फैसला नहीं लिया गया था और उन्होंने जो कहा था उसके लिए भारत बाध्य नहीं है।
-एजेंसी

मंगलवार, 21 मई 2013

फिक्‍सिंग में बिंदु दारासिंह भी गिरफ्तार

नई दि‍ल्‍ली । स्‍पॉट फिक्सिंग के सिलसिले में दिल्‍ली पुलिस ने मंगलवार को जहां पूर्व रणजी खिलाड़ी बाबूराव यादव को गिरफ्तार किया, वहीं मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिंदु दारा सिंह को गिरफ्तार किया है। बिंदु दारा सिंह दिवंगत अभिनेता और सांसद दारा सिंह के बेटे हैं। वह खुद भी टीवी इंडस्‍ट्री का जाना-माना चेहरा हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी बुकीज से संबंधों के सिलसिले में हुई है। बीते सप्‍ताह सामने आए स्‍पॉट फिक्सिंग के मामले में बॉलीवुड से जुड़े किसी शख्‍स की यह पहली गिरफ्तारी है।
बिंदु दारा सिंह को पूछताछ के लिए सोमवार देर शाम को ही उठाया गया था। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस को जब सटोरियों से उनके संपर्क के बारे में ठोस सुराग मिले तो मंगलवार को उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया। दिल्‍ली पुलिस ने भी मंगलवार को जिस बाबूराव यादव को गिरफ्तार किया, उसे सोमवार को ही हिरासत में लिया गया था। उससे गिरफ्तार किए गए खिलाड़ी अजीत चंडीला से संबंधों के बारे में पूछताछ की गई थी। यादव ने ही चंडीला को बुकी सुनिल भाटिया से मिलवाया था। भाटिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

फिक्‍सिंग से वाकिफ थे कप्‍तान, खिलाड़ी और मालिक

मुंबई। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा आयकर विभाग के रिपोर्ट से हुआ है। सूत्रों के मुताबिक 2010 में बनाई गई आयकर विभाग की एक रिपोर्ट में कई सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं। इस रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा गया है कि 2009 और 2010 के आईपीएल में कई मैचों के फिक्स होने के सबूत मिले हैं।
आयकर विभाग की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जांच करनेवाली टीम के पास मैच फिक्स करने वाले कुछ भारतीय और विदेशी क्रिकेटरों के खिलाफ सबूत भी हैं। यहां तक की इस रिपोर्ट में एक टीम के कैप्टन पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि कुछ टीम मालिकों को भी फिक्सिंग के बारे जानकारी थी।

स्‍पॉट फिक्‍सिंग के फुटेज में मिली मॉडल गायब

चंडीगढ़। आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में गिरफ्तार एस. श्रीशांत के साथ चंडीगढ़ की एक मॉडल का नाम भी जुड़ गया है। जिस समय श्रीशांत मुंबई में गिरफ्तार हुए थे, उस समय भी उनके साथ एक युवती थी। बताया जा रहा है कि वह युवती मराठी फिल्मों की ऐक्ट्रेस है। चंडीगढ़ की यह मॉडल मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली है और यहां सेक्टर-44 में पीजी में रहती है।
स्पॉट फिक्सिंग की जांच कर रही दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने जब चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित जेडब्ल्यू मैरिअट होटेल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो उसमें इस मॉडल को श्रीशांत के साथ देखा गया। स्पेशल सेल के मुताबिक, 9 मई को मोहाली में पंजाब किंग्स इलेवन और राजस्थान रॉयल्स के मैच में ही श्रीशांत ने स्पॉट फिक्सिंग की थी। मॉडल उस रात मैच के बाद हुई पार्टी में भी श्रीशांत के साथ थी।

आईगेट के CEO मूर्ति यौन उत्‍पीड़न में बर्खास्‍त

नई दि‍ल्‍ली, 21 मई 2103 (एजेंसी)। नेस्डेक में सूचीबद्ध आईटी कंपनी आईगेट कॉर्पोरेशन ने अपने चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर और एम्पलाइमेंट ऑफिसर फड़ीस मूर्ति को पद से हटा दिया है।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बताया कि एक जांच की बाद इस आरोप कि पुष्टि हुई है कि मूर्ति का व्यवहार अपनी एक जूनियर महिला कर्मचारी के साथ कंपनी की नीतियों के अनुरूप नहीं था।

गुट बनाकर टेलीकॉम कंपनियों ने फेल की नीलामी

नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) विनोद राय की रिटायरमेंट से ठीक पहले की एक और रिपोर्ट के तहत सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया है।
नेशनल ऑडिटर ने आरोप लगाया है कि हाल में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में टेलिकॉम कंपनियों ने कार्टेल (गुट) की तरह काम किया। उसने इसमें सरकार पर जाने-अनजाने मोबाइल कंपनियों की मदद का इल्जाम भी लगाया है।
नेशनल ऑडिटर ने कहा है कि सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ ऐक्शन नहीं लेकर उनकी मदद की।
कैग ने दूसरी बार स्पेक्ट्रम पॉलिसी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
पहली बार उसने 2010 में ऐसा किया था। तब कैग ने कहा था कि यूपीए सरकार और तत्कालीन टेलिकॉम मिनिस्टर ए राजा की गलत पॉलिसी से देश को 1,77,000 करोड़ रुपये का लॉस हुआ। कैग ने कहा था कि स्पेक्ट्रम को कम कीमत पर बेचने से यह लॉस हुआ था।

सोमवार, 20 मई 2013

CBI के DIG ने ही दी थी सिंगला को छापे की सूचना

चंडीगढ़ । सीबीआई के एक अधिकारी ने केन्द्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण में चौंकाने वाला हलफनामा दिया है। इसमें कहा गया है कि पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला को पहले से ही यह जानकारी मिल गई थी कि उसके घर छापा पड़ने वाला है। यह जानकारी सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने ही दी थी।
उस अधिकारी ने उन दो मामलों की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी जिनमें पूर्व रेल मंत्री के रिश्तेदार और करीबी शामिल है। इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने यह हलफनामा 15 मई को दिया था। हलफनामे में कहा गया है कि चंडीगढ़ के डीआईजी महेश अग्रवाल के पवन बंसल से करीबी रिश्ते हैं।
10 करोड़ के रेलवे घूस कांड को लेकर 3 अप्रेल को जब दिल्ली की सीबीआई टीम ने सिंगला के घर छापा मारा तब अग्रवाल ने यह जानकारी लीक कर दी थी।
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