शुक्रवार, 28 सितंबर 2012

कृपालु महाराज के शिष्‍य प्रकाशानंद की अमेरिका को तलाश

जगद् गुरू कृपालु का शिष्‍य है प्रकाशानंद सरस्‍वती
यौन उत्‍पीड़न के 20 मामलों में सुनाई गई थी 14 साल की सजा
कृपालु महाराज का शिष्‍य है प्रकाशानंद सरस्‍वती
 ''द यूनीवर्सल सोसाइटी ऑफ स्‍प्रिचुअल लव'', ''द इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ डिवाइन लव'' जैसी ख़ालिस व्‍यावसायिक ''पंच लाइन'' के माध्‍यम से भारत सहित विश्‍व के तमाम सम्‍पन्‍न देशों में धर्म का धंधा करने वाले और खुद को पांचवां यानि अतिरिक्‍त जगद् गुरू शंकराचार्य घोषित कर चुके रामकृपालु त्रिपाठी उर्फ ''कृपालु महाराज'' के शिष्‍य ''स्‍वामी प्रकाशानंद सरस्‍वती'' की अमेरिका को तलाश है।
दरअसल दो युवा लड़कियों का यौन उत्‍पीड़न करने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद प्रकाशानंद अदालत को चकमा देकर भाग खड़ा हुआ। अमेरिका को शक है कि 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाये जाने के कारण यह 83 वर्षीय कथित आध्यात्मिक धर्मगुरू संभवत: भारत भाग गया है।

शनिवार, 22 सितंबर 2012

सरकार है या शेखचिल्‍ली उवाच ?

कल प्रधानमंत्री का राष्‍ट्र के नाम पूरे 17 मिनट का संबोधन सुना। ना चेहरे पर कोई भाव, न किसी प्रकार का स्‍पंदन। आंखें जैसे एकदम ठहरी हुई। मुंह से शब्‍द जरूर निकल रहे थे पर कुछ इस तरह कि कोई जबरन बुलवा रहा हो। कोई स्‍क्रिप्‍ट सिर्फ पढ़ी जा रही हो।
सच तो यह है कि उनके चेहरे पर उतने भी भाव नहीं थे जितने कठपुतलियों को नचाते वक्‍त उनका सूत्रधार ले आता है।

शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

100 करोड़ में कोयले की कालिख से निजात की कवायद

कोयले की कालिख से छुटकारा पाने के लिए बेचैन यूपीए सरकार अपना चेहरा चमकाने पर 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही सरकार अपनी साफ-सुथरी छवि जनता के बीच लाने की योजना बना रही है।
टेलीविजन, रेडियो और प्रिंट मीडिया के जरिए ऐसा करने के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि का इस्तेमाल विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) सरकार के लिए एक मजबूत प्रचार अभियान चलाने के लिए करेगा। खबरों के मुताबिक, भारत निर्माण एडवर्टाइजर्स जो यूपीए सरकार की छवि निखारो अभियान का हिस्सा है, विज्ञापन में स्थानीय कलाकारों को उतारेगा। अन्य कॉरपोरेट की तरह सरकार भी नकारात्मक छवि से मुक्त होने के लिए ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क साइटों का इस्तेमाल करेगी।

.... इस तरह अलग किये गये अन्‍ना और अरविंद

तो क्‍या दिग्‍विजय सिंह का अन्‍ना पर लगाये आरोप सही थे ? 
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे को अरविंद केजरीवाल के बीच फूट डलवाने में संघ का हाथ होने की बात सामने आ रही है। एक निजी चैनल के मुताबिक संघ प्रवक्ता राम माधव को यह काम सौंपा गया था कि वह अन्ना को उनकी टीम से अलग करवाएं। उद्योगपति सीताराम जिंदल को यह काम सौंपा गया था कि वह संघ के वरिष्ठ नेताओं और अन्ना के बीच बातचीत करवाएं।
जिंदल ने अन्ना को मनाया
सूत्रों के मुताबिक जिंदल पिछले पन्द्रह दिन में कई बार अन्ना के गांव रालेगण सिद्धी गए। जिंदल ने अन्ना को विश्वास में लिया कि अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक बनाने का फैसला गलत है। सूत्रों के मुताबिक बाबा रामदेव और ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने भी अन्ना और केजरीवाल को अलग करवाने में महत्वपूर्ण भूमिक निभाई। किरण बेदी और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह का भी उनको सहयोग मिला।

50 लाख के चेक बाउंस पर श्रीश्री को नोटिस

चंडीगढ़ । आर्ट आफ लिविंग के सर्वेसर्वा श्रीश्री रविशंकर और उनके सात डायरेक्टर 50 लाख रुपये की अदायगी को लेकर बुरी तरह उलझ गए हैं। मोहाली के जिला एवं सत्र न्यायालय ने गुरुवार को श्रीश्री रविशंकर समेत 8 लोगों के खिलाफ चेक बाउंस की शिकायत के चलते उन्हें तीन अक्टूबर तक स्थिति स्पष्ट करने का नोटिस जारी किया है।
दाखिल याचिका में मोहाली के न्यू राजू टेंट हाउस के मालिक राजिंदर धालीवाल, सहगल टेंट हाउस, वीडियो व स्टिल फोटोग्राफी की कंपनी रेड फायर और बलवंत सिंह ने आरोप लगाया है कि श्रीश्री रविशंकर के 7 निदेशकों ने सोलन व शिमला में साल 2011 में महा सत्संग समारोह के भव्य आयोजनों के दौरान उन्हें लाखों रुपये की चपत लगाई।

गुरुवार, 20 सितंबर 2012

सनसीनखेज खुलासे करेगी 'डिप्लोमेटिक चैनल्स'

पूर्व विदेश सचिव के श्रीनिवासन ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। विदेश सचिव का पद छोड़ने के 17 साल बाद क्रिस श्रीनिवासन ने अपने संस्मरण "डिप्लोमेटिक चैनल्स" में यह खुलासा किया है।
रॉ ने किया था फोन टैप-
श्रीनिवासन के अनुसार भारत की खुफिया एजेंसी रॉ ने पाकिस्तान समर्थित असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (साउथ एशिया) रॉबिन रफेल तथा इस्लामाबाद में अमरीकी राजदूत के बीच टेलिफोन पर हुई वार्ता टैप की थी।
अमरीका ड्राफ्ट का समर्थन नहीं करने वाला-
इस बातचीत में स्पष्ट हो गया था कि अमरीका कश्मीर पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पेश ड्राफ्ट मसौदे का समर्थन नहीं करने वाला है। यह पुस्तक जल्द ही लंदन में लॉन्च होने वाली है। कश्मीर पर प्रस्ताव सितंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा की कमेटी की पहली बैठक में पेश किया था।

शनिवार, 15 सितंबर 2012

वाह मनमोहन! मांस निर्यात पर सब्सिडी और कपास पाबंद

विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान में डटे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संप्रग सरकार द्वारा कथित तौर पर बूचड़खानों और मांस निर्यात में सब्सिडी देने का मामला उठाया।
मोदी ने यहां कहा कि केंद्र एक तरफ कपास के निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है जिससे प्रदेश के किसानों को बेहद नुकसान होता है और दूसरी तरफ वह मांस निर्यात में सब्सिडी देता है।
उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों को गुमराह करने की बजाय
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...