गुरुवार, 31 अक्टूबर 2013

विश्‍वभर में एक जैसी है मर्दों की ये आदत

पुरुषों की महिलाओं को घूरने की आदत सदियों पुरानी है, पर घूरते समय वे क्या देखते हैं। इसका जवाब एक आई-ट्रेकिंग तकनीक ने दिया है। आई-ट्रेकिंग तकनीक से महिला-पुरुष के एक-दूसरे को घूरने पर अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने दिलचस्प खुलासे किए हैं। अमरीका के यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का-लिनकॉल्न के अध्ययनकर्ताओं के अनुसार पुरुष महिलाओं की आंखों और चेहरे को घूरने में कम समय जाया करते हैं। वहीं, महिलाएं भी अन्य महिलाओं को घूरते समय ज्यादा समय चेहरे से नीचे की बॉडी को देती हैं।
क्या घूरते हैं पुरुष?
अध्ययन के मुताबिक पुरुष महिलाओं की आंखों और चेहरे को घूरने में बेहद कम समय लगाते हैं। जबकि महिलाओं के वक्ष स्थल और कमर के आस-पास के हिस्से को घूरने में तुलनात्मक रूप से ज्यादा समय देते हैं।
अध्ययन यह भी बताता है कि पुरुष औसत से बड़े वक्ष स्थल व हिप्स और पतली कमर वाली महिलाओं को और भी ज्यादा देर तक घूरते हैं।

सोमवार, 28 अक्टूबर 2013

संदिग्‍ध मौत मर रहे हैं वैज्ञानिक, सो रही है सरकार

कुछ समय पहले ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक वैज्ञानिक की मौत ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा था परन्तु बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि भारत के सर्वोच्च प्रतिष्ठित परमाणु प्रतिष्ठान बार्क में पिछले तीन वर्ष के दौरान नौ भारतीय वैज्ञानिकों की संदिग्‍ध मौत हो चुकी है।
ईरान की सरकार ने तो अपने वैज्ञानिक की मौत से सबक लेकर सभी वैज्ञानिकों को कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई परन्तु भारतीय संस्थान में स्थिति इसकी ठीक उलट है। सबसे दुखद बात तो यह है कि भारतीय जनता को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं है।
यहीं नहीं, केरल पुलिस तथा इंटेलीजेंस ब्यूरो भी इन वैज्ञानिकों पर गाहे-बगाहे झूठे आरोप लगाने से नहीं चूकते। अप्रैल 2010 की घटना बहुत कम लोगों को याद होगी जब दो शीर्ष स्तर के वैज्ञानिकों को केरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और लम्बे समय तक जेल में रखने के बाद उनके खिलाफ सबूत ना मिलने के कारण रिहा कर दिया था।
हाल ही हुई ताजा घटना में भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर (बार्क) में काम करने वाले दो प्रमुख इंजीनियर्स के. के. जोश तथा अभिश शिवम के शव इसी माह की सात तारीख को विशाखापट्टनम नौसैनिक यार्ड के पास एक रेलवे पटरी पर पड़े हुए पाए गए थे। दोनों इंजीनियर भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित परमाण्विक पनडुब्बी पर काम कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों की हत्या जहर देकर की गई थी, हत्या के बाद उनके शवों को रेल की पटरी पर लाकर पटका गया था।

रविवार, 27 अक्टूबर 2013

2014 के राजनीतिक विदूषक

(लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष)
मेरी मां ने मुझसे हाल ही में एक रात को कहा कि राजनीति किसी तेज घातक जहर की तरह है।
मेरी मां की जब संसद में अचानक तबियत खराब हो गई और उन्‍हें हॉस्‍पीटल ले जाया जा रहा था तो उनकी आंखों में आंसू थे। उन्‍होंने मुझसे कहा कि जिस खाद्य सुरक्षा कानून के लिए मैं इतने दिनों से लड़ रही थी, आज उसी के बिल को पास कराने के लिए मैं वोटिंग नहीं कर पा रही। मैं हॉस्‍पीटल जाने से पहले वोटिंग करना चाहती हूं।

मेरी मां ने मुझसे कहा कि मेरी दादी को मार दिया गया, मेरे पापा को मार दिया गया और इसी तरह कुछ लोग मेरी हत्‍या करना चाहते हैं।
तीन अलग-अलग मौकों पर लेकिन एक ही उद्देश्‍य से राहुल गांधी द्वारा दिए गये बयानों के हिस्‍से हैं ये।
इसमें कोई दो राय नहीं कि राजनीति का मकसद ही सत्‍ता पर काबिज होना होता है और उसके लिए आमजन का भावनात्‍मक दोहन भी सारे राजनीतिक दल अपने-अपने तरीकों से करते हैं लेकिन 2014 के लोकसभा चुनावों से पूर्व राजनीति का जो रूप सामने आ रहा है, वह किसी ऐसे विदूषक का है जो हंसाता कम है और डराता ज्‍यादा है।
राहुल गांधी की इन दिनों जो बॉडी लेंग्‍वेज है और जिस तरह वह एग्रेसिव होकर बोलते हैं, जरा कल्‍पना करके देखिए कि क्‍या देश को कोई ऐसा पीएम रास आयेगा।

शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2013

मथुरा से तय होगा मुलायम का PM बनना!

लीजेण्‍ड न्‍यूज़ विशेष
 अपनी आंखों में प्रधानमंत्री बनने का सपना संजोए बैठे समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को उत्‍तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों को इस आशय की चेतावनी दी है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जिन मंत्रियों के क्षेत्र से पार्टी प्रत्‍याशी को हार का मुंह देखना पड़ेगा, उन्‍हें अपने राजनीतिक भविष्‍य का खुद ही फैसला करना होगा। मुलायम सिंह का स्‍पष्‍ट संकेत यह था कि हार का मुंह देखने के लिए वहां से ताल्‍लुक रखने वाले मंत्री जिम्‍मेदार माने जायेंगे और इसके लिए उन्‍हें अपना पद तक गंवाना पड़ सकता है।
मुलायम सिंह ने साफ कहा कि उनके पास ऐसी रिपोर्ट है जिससे पता लगता है कि कई मंत्री ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
सपा मुखिया की रिपोर्ट पर तो किसी को कोई शक क्‍यों होने लगा लेकिन जिन लोकसभा क्षेत्रों को लेकर अभी से शक है, उनके लिए पार्टी क्‍या कर रही है?
महत्‍वपूर्ण बात यह है कि इन क्षेत्रों से प्रदेश सरकार में किसी की नुमाइंदगी तो दूर, विधायक तक नहीं है।
अब बड़ा सवाल यहां यह खड़ा होता है कि ऐसी जगहों पर शिकस्‍त मिलने का ठीकरा समाजवादी पार्टी किसके सिर फोड़ेगी, किसे अपने राजनीतिक भविष्‍य पर सोचने को बाध्‍य करेगी और कैसे यहां अपनी जमीन तैयार करेगी।
यदुवंशी श्रीकृष्‍ण की जन्‍मस्‍थली मथुरा का नाम एक ऐसे ही जिले के रूप में दर्ज है जहां आज तक समाजवादी पार्टी अपना कोई जनाधार खड़ा करने में सफल नहीं हुई।

सोमवार, 21 अक्टूबर 2013

यात्रा करना पसंद नहीं, तब यात्राओं पर फूंके 650 करोड़

प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह की विदेश यात्राओं पर वर्ष 2004 से लेकर अब तक 650 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। यूपीए-2 के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री 15 बार विदेशी दौरों पर गए। हालांकि, प्रधानमंत्री को ज्यादा यात्रा करना पसंद नहीं है। प्रधानमंत्री कभी रात में हवाई यात्रा नहीं करते, ज्यादा खाना नहीं खाते और यात्रा के दौरान उन्हें पढ़ना काफी पसंद है। उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को विदेश यात्रा के दौरान हवाई जहाज में बॉलीवुड फिल्में देखने के साथ झींगा मछली खाना पसंद था लेकिन इस सबके बावजूद डॉक्टर सिंह ने विदेश यात्राओं पर खर्च का रिकॉर्ड बनाया है।
विदेश यात्राओं को लेकर डॉक्टर सिंह वाजपेयी और अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों से आगे निकल गए हैं। यात्राओं को लेकर उन्हें "अनिवासी प्रधानमंत्री" का "खिताब" भी मिल गया है। वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से वे अब तक 70 विदेशी यात्राएं कर चुके हैं और इन पर करीब 650 करोड़ रुपए का खर्चा हो चुका है।
अपने दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री 36 विदेशी यात्राएं कर चुके हैं। रविवार को 37वीं बार वे रूस और चीन की पांच दिन की यात्रा पर रवाना हो गए।

जरूरी नहीं कि हस्ताक्षर करने से पहले PM हर पेज पढ़ें

नई दिल्ली 
ओडिशा में हिंडाल्को को आवंटित एक कोयला ब्लॉक के मामले में कथित तौर पर अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि जरूरी नहीं है कि हस्ताक्षर करने से पहले प्रधानमंत्री फाइल के हर पन्ने को बारीकी से पढ़ें।
खुर्शीद ने कहा कि जब कोई फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) आती है, तो उसका अध्ययन करने के बाद कार्यालय उसे प्रधानमंत्री के पास भेज देता है। आपको क्‍या लगता है कि हस्ताक्षर करने से पहले पीएम हर पन्ने को पढ़ा करें। मैं भी मंत्री हूं। अगर ऎसे काम होने लगा तो हम कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे।
विदेश मंत्री ने कहा कि इसमें कोई षड्यंत्र नहीं है। हमनें एक फाइल रखी और उस पर फैसला ले लिया। गौरतलब है कि खुर्शीद का यह बयान पीएमओ के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें ओडिशा में हिंडाल्को को आवंटित एक कोयला ब्लॉक का बचाव किया गया है। शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सरकार के फैसले को जायज ठहराते हुए कहा कि यह "यह पूरी तरह उपयुक्त" और योग्यता पर आधारित था।
पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री इस बात से संतुष्ट हैं कि इस संबंध में लिया गया अंतिम निर्णय पूरी तरह उचित था और उनके सामने रखे गए मामलों में योग्यता पर आधारित था।
हिंडाल्को को तालाबीरा कोयला ब्लॉक आवंटन पर चुप्पी तोड़ते हुए पीएमओ ने स्वीकार किया कि अंतिम निर्णय अनुवीक्षण समिति की सिफारिश से भिन्न था लेकिन यह निर्णय एक पक्ष की ओर से आई प्रस्तुति के बाद लिया गया था, जिसे कोयला मंत्रालय को भेज दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने पूर्व कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारख और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के खिलाफ दो कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता और आपराधिक साजिश के आरोपी प्राथमिकी दर्ज की है।
पारख ने कहा है कि 2005 में ओडिशा में दोनों कोयला ब्लॉक आवंटन का निर्णय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिया था। इसी आवंटन को लेकर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीबीआई की जारी जांच में कोई बाधा नहीं डाली जा रही है। बयान में कहा गया है, इस मामले की जांच और अन्य मामले कानून के मुताबिक स्वाभाविक रूप में चलने चाहिए।
-एजेंसी

लखनऊ में बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़

 नवाबों का शहर कहा जाने वाला लखनऊ सेक्स रैकेट के अड्डे के रूप में उभरा है। सर्विलांस सेल की टीम ने यहां के मडियांव क्षेत्र के एक आलीशान बंगले में छापा मारकर हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट का भांडाफोड़ किया है। सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ होने पर पता चला कि ऎसी लड़कियां जो नाबालिग होने के साथ-साथ जिनकी उम्र मात्र 12 साल है, को भी इस धंधे में शामिल होना पाया गया।
यह सेक्स रैकेट एक महिला चला रही थी जो कि खुद भी एक सेक्स वर्कर थी और पहले भी इस मामले में कई बार गिरफ्तार हो चुकी है। छापे में सेक्स रैकट संचालिका इस महिला समेत 7 कॉलगर्ल तथा 8 ग्राहकों गिरफ्तार किए गए। इनके साथ-साथ कमरों की तलाशी लेने पर ढेरों आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं जिनमें अश्लील साहित्य तथा शराब भी शामिल थी।
बताया गया है कि द एलाएंस नाम के एनजीओ की सूचना पर सर्विलांस सेल के प्रभारी नागेन्द्र चौबे तथा सीओ अलीगंज अखिलेश नारायण सिंह की टीम ने इस बंगले पर छापा मारा।
इस आलीशान बंगले में एक तहखाना भी बना रखा था जहां विभिन्न स्थानों से खरीदी गई नाबालिग लड़कियों को बंधक बना रखा हुआ था। पकड़ी गई इन लड़कियों का कहना है कि उन्हें देह व्यापार के लिए मजबूर किया जाता था तथा यह महिला ग्राहकों से इसके लिए ऊंची कीमत वसूल करती थी।
पकड़ी गई इन नाबालिग लड़कियों में से दो तो सेक्स रैकेट संचालिका की बेटियां ही थीं। बाकी लड़कियां रायबरेली, बाराबंकी, हरदोई, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि से हैं।
इन्हीं लड़कियों में से एक का कहना है कि दो साल पहले जब वो 12 साल की थी, तब उसके पिता ने उसें महज 60 हजार बेच दिया था। ये महिला खुद ग्राहकों के सामने अपने आपको पेश करके इन लड़कियों को सेक्स करने की ट्रेनिंग देती थी।
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